दुनिया भर में ब्लॉगिंग बढ़ती जा रही है, जिससे लोग ढेर सारा पैसा कमाते हैं इसलिए हर किसी ने ब्लॉगिंग से पैसे कैसे कमाते हैं के बारे में जानकारी जानना चाहिए | अगर आप ब्लॉगिंग से ऑनलाइन बिजनेस करना चाहते हो तो आसानी से आप एक दो लाख रुपये महीना कमा सकते हो | कुछ लोग तो ऐसे हैं जो ब्लॉगिंग का इस्तेमाल करके करोड़ों रुपए कमा लेते हैं, ब्लॉगिंग का मतलब होता है कि हमारी खुद की साइट बनाना अगर आपकी वेबसाइट हेल्थ स्पोर्ट्स या किसी भी विषय पर काम करती है तो आसानी से आप इस साइट पर रोजाना काम करके आपकी साइट को ऊपर ले जा सकते हो |
ये कोई मजाक नहिं है. आप चाहे तो आसानी से online यानि Internet से पैसे कमा सकते है. दुनिया में ऐसे लाखो करोड़ों लोग है जो घर बैठे पैसे कमा रहे है. ना उनको बाहर जाना पड़ता है, ना ही किसीके निचे काम करना पड़ता है. पर इसके लिए भी कुछ talent यानि कला की जरुरत है. ऐसा नहिं है के आपके पास कोई talent नहिं है, उपरवाला हर किसीको कुछ ना कुछ talent दे कर धरती पे भेजता है. आपके पास जो talent है, आप उसके जरिये आसानी से पैसे कमा सकते है. बस आपको उसको पहचानने की जरुरत है.
एफिलिएट मार्केटिंग – अमेज़न और फ्लिपकार्ट जैसी लगभग हर ई-कॉमर्स कंपनी अपना एफिलिएटेड प्रोग्राम चलाती है। एफिलिएट मार्केटिंग में अपने ब्लॉग, वेबसाइट जैसे ऑनलाइन स्थानों पर विभिन्न प्रकार के प्रोडक्ट्स को प्रमोट करना होता है। ऐसा करने के बाद, जब भी कोई यूजर आपके द्वारा प्रमोट किये गए लिंक पर क्लिक करके कोई प्रोडक्ट खरीदता है तो उस प्रोडक्ट के मूल्य का कुछ प्रतिशत आपको कमीशन के रूप में मिल जाता है|
सामान बेचने के लिए आपको थोडा Marketing Skill सीखना पड़ेगा (जिससे आप अपने items को औरों से अच्छा बता सकते हैं). इसके विषय में आपको internet से जानकारी प्राप्त हो सकती है. यहाँ पर आपको दुसरे seller को थोडा study करना होगा की वो किस प्रकार से अपने चीज़ों के विषय में लिखते हैं, क्या price रखते हैं और कैसे उन चीज़ों का promotion करते हैं. इससे आप अपने brand की value को भी बढ़ा सकते हैं. इस काम में आप अपने friends और relatives की भी सहायता ले सकते हैं और उनसे पुरानी चीज़ें collect कर सकते हैं.

मुझे लगता है. आपने ब्लॉग्गिंग पहली बार सूना होगा. पहले में इसके बारे में basic जानकरी देता हूँ. तो ब्लॉग्गिंग यानि किसी website को चलाना. पहले is बात को भी जानले. website को ही blog कहते है. लेकिन ब्लॉग में हम हमारा knowledge लोगो के साथ article के रूप में share करते है. जैसे आप अभी पैसा कमाने के तरीके पढ़ रहे है. यह article आप एक blog पर रीड कर रहे है. और में इस website को हैंडल कर रहा हूँ. मतलब इसे daily पड़ते कर रहा हूँ. तो इस प्रोसेस को ही ब्लॉग्गिंग कहते है.
 कभी-कभी कुछ प्रोडक्ट पर Affiliate से मिलने वाला कमीशन 10 प्रतिशत तक हो सकता है. जो आपके लिए काफी फायदेमंद है. अगर आप Affiliate Marketing से अच्छी कमाई करना चाहते हैं. तो आपके पास काफी सारे ऑडियंस का होना बहुत जरूरी है. अगर आप ऑनलाइन Earning करना चाहते हैं तो आपके लिए Affiliate Marketing एक अच्छा विकल्प है. Affiliate Marketing मैं कुछ कंपनी प्रमुख है. जैसे -Amazone, eBay आदि.
 अगर आप को वीडियो बनाने के बारे में ज्यादा नॉलेज नहीं है, तो कोई बात नहीं. आपको YouTube पर ऐसे हजारों वीडियो मिल जाएंगे, जो आपकी प्रॉब्लम को बड़ी आसानी से सॉल्व कर देंगे. आपको यह जानकर आश्चर्य होगा, कि इंडिया में ऐसे बहुत से YouTuber हैं. जो YouTube के माध्यम से लाखों रुपए महीने का कमा रहे हैं. अगर आप कुछ क्रिएटिव कर सकते हैं YouTube आपके लिए गोल्ड से भी ज्यादा सुनहरा अवसर है.
श्यामा की कड़ी मेहनत को देखकर, अब उसका पति भी समूह की गतिविधियों में उसकी मदद करता है। श्यामा के अपने शब्दों में, “मुझे अपने काम से प्यार है। मेरी सबसे बड़ी उपलब्धि यह थी कि मैंने पहले सब कुछ आजमाया, अनुभव हासिल किया और फिर दूसरों को सलाह दी।” श्यामा देवी अपने स्वयं-सहायता समूह के काम में कामयाबी के साथ-साथ अन्य महिलाओं के बीच अपने जीवन में बदलाव लाने के लिए जागरूकता फैलाती हैं।

आप घर बैठे  ही online job करके आप online money पैसे कमा सकते हैं इसके लिए आपको बहुत सारे वेबसाइट मिल जाएंगे  जैसे:- Freelancer,upwork,indeed………..etc जिस पर आप काम करके आप पैसे कमा सकते हैं इसको करने के लिए  आपके पास skill होना बहुत जरूरी है यहां पर आप काम शुरु करने से पहले यह निश्चित कर लें कि जिस पर आप काम करने जा रहे हैं वह आपको  पैसा देती है या नहीं इसके लिए आप उस वेबसाइट के बारे में YouTube में, Google में search करके उसका performance report जरूर चेक कर ले |

एक पारंपरिक भारतीय व्यवस्था में गुरु-शिष्य का रिश्ता एक बहुत ही पवित्र रिश्ता माना जाता था, जहाँ गुरु या शिक्षक अपने छात्रों में, आध्यात्मिक, वैदिक, नैतिक और अकादमिक शिक्षाओं को संचारित करते थे। गुरु शब्द का अर्थ एक अंधेरे में फंसे हुए व्यक्ति को ज्योतिमान करना (गु का अर्थ है, अंधकार और रू का अर्थ प्रकाश) है। संपूर्ण उस समय शिक्षा का उद्देश्य उच्च नैतिक महत्व से संतुलित व्यक्तित्व में तथा अज्ञानता को एक ज्ञानता में बदलना होता था। इसके बदले में छात्र अपने गुरुओं के घर के कार्यों में सहायता करते थे और जो समर्थ होता था वह गुरू दक्षिणा के रूप में धन का भुगतान करता था। यह पारस्परिक संबंध शिक्षक के ज्ञान और छात्र की आज्ञाकारिता पर आधारित था। ऐसे गुरु-शिष्य संबंध में, एक सक्षम गुरु के कंधों पर सब कुछ छोड़ दिया जाता था, जो एक निर्माता के रूप में अभिनय करके, अपने शिष्यों या छात्रों को एक नई आकृति प्रदान करता था।

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