मैंने आपको पहले से ही इसके बारे में थोडा knowledge दे दिया है, अब details में जाते हैं. हर कोई seller अपने product को online sell करने में success हासिल कर नहिं पाता. इसीलिए वो affiliate marketing के जरिये अपना selling करता है. मान लीजिये आपका एक कपडे का दुकान है, पर आप उसके अच्छा sell नहिं कर पा रहें. तो आप किसीको बोलेंगे के, अगर वो आपके कपडे sell करने में मदद करता है तो आप उसे हर sell में इतनी percent का commission देंगे. येही होता है affiliate marketing.
ऑनलाइन वर्क (Online Work) शुरू करने से पहले आपको अपने इंटेरेस्ट के बारे में जानना ज़रूरी है क्युकी बिना इंटेरस्ट के किसी भी काम में सक्सेस नहीं मिल सकती. अगर आपका इंटेरेस्ट राइटिंग में है तो आप फ्रीलांस राइटिंग ट्राइ कर सकते हैं. अगर आपकी मार्केटिंग स्किल अच्छी हैं तो आप अफिलीयेट मार्केटिंग ट्राइ कर सकते हैं और अगर आपको इंटेरेस्ट वीडियो में है तो आप यूटयूब वीडियो बना कर यूटयूब से पैसे कमा सकते हैं (Youtube se paise kama sakte hain).
[caption id="attachment_121" align="aligncenter" width="412"]                        make-money-blogging-in-hindi[/caption] आप ब्लॉगिंग करके अच्छे खासे कैसे बना सकते हैं इसमें आपको  अपने experience को शेयर करना होता है जिससे लोगों की मदद हो सके और फिर उस पर ads लगाकर आप पैसे कमा सकते हैं इसको शुरू करने के लिए आपको किसी भी प्रकार के पैसे खर्च करने की जरूरत नहीं है आप free में ही Blogger platform पर आप अपना ब्लॉग शुरू कर सकते हैं जो कि Google का है एक product  है जिसमें आप अपने बातों को लोगों के साथ शेयर कर सकते हैं और बाद में उससे Online money earn कर सकते हैं |  
2) Affiliate Marketing: ये होता है, दुशरो को चीजों को sell करने में मदद करना. जब आप online बिकने वाला कोई product को sell करने में मदद करते है, तो वो seller आपको commission देता है. आप बड़े बड़े e-commerce websites जैसे Flipkart, Amazon या फिर कोई hosting company के product को sell करवा के अच्छा खासा income कर सकते है. आप affilate marketing में Advertising से ज्यादा पैसे कमा सकते है.
इंटरनेट पर बहुत सारे वेबसाइट हैं, जहां आप अपने बनाए हुए वीडियो को अपलोड कर घर बैठे पैसे कमाने के तरीके में बहुत मजेदार है. तथा वहा से एक अच्छी आमदनी अर्न कर सकते हैं. वीडियो बनाना पैसा कमाने का एक अच्छा साधन बन सकता है. जिस सब्जेक्ट पर आप वीडियो बनाना चाहते हैं, तो उसके लिए पहले आपको एक सब्जेक्ट को चुनाव करना पड़ेगा. उसी सब्जेक्ट एक के ऊपर रहते हुए हर एक वीडियो को फोकस करना होगा.
बातचीत का अभाव, स्वार्थी उद्देश्य और लाभ, ये सभी शिक्षक-छात्र संबंधों के हिस्से में नहीं होते हैं, क्योंकि ये संबंध स्वार्थी हितों से अलग होते हैं। इन सभी के लिए कोई अवधि नहीं होती है। लेकिन कुछ दिन पहले, मैंने एक समाचार पत्र पढ़ा था जिसमें मैंने जो कुछ भी सोचा था वह उसके विपरीत ही था। ठाकुर विद्या मंदिर विद्यालय के एक प्रधानाचार्य और शिक्षक ने अपने पूर्व छात्रों को अपनी पत्नी की हत्या के लिए 50, 000 रुपये दिए। प्राधानाचार्य अपनी पत्नी को मारना चाहते थे, क्योंकि उनकी पत्नी ने उन पर उसी स्कूल की महिला छात्रों के साथ संबंध रखने के लिए संदेह किया था। उन छात्रों ने उनकी पत्नी को मार दिया और उनका शव फेंकने से पहले उसके शरीर को टुकड़ों में काट दिया था। जिसने निर्दयता की सीमा को पार कर दिया। नैतिक महत्व और मानकों में भी गिरावट आ गयी है, इस कारण अच्छे संबंध भी अप्रभावित नहीं टिक पा रहे हैं। हमें ऐसे शिक्षकों के बारे में विचार करना होगा, जो नैतिक मान्यता को स्थापित करने की बजाय इस तरह के अनैतिक संबंधों और ऐसे कुकर्मों को करते हैं। शिक्षकों और छात्रों के बारे में इस तरह की अधिक से अधिक खबरें आ रही हैं, हमें इस तथ्य से सहमत होना होगा कि शिक्षा का नैतिक मूल्य से कोई लेना देना नहीं है और इस तथ्य को भी सुनिश्चित करना होगा कि शिक्षक-छात्र संबंध की परिभाषा बदल रही है या बिगड़ रही है।
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