इस दौरान, श्यामा देवी ने आसानी से उपलब्ध फसल/कच्चे माल के साथ कुछ स्थानीय व्यवसाय करने के बारे में जानने/सीखने के लिए भी महिला समूह बनाया। इस प्रक्रिया में, केवीके ने महिला समूहों को खाद्य पदार्थों की पैकेजिंग, संरक्षण तकनीक, मूल्य संवर्धन आदि के प्रशिक्षण के साथ-साथ ऐसे उत्पादों के विपणन के बारे में कुशलता से सीखने के लिए प्रेरित किया। इससे महिलाओं को आर्थिक रूप से स्थिर और स्वतंत्र बनने में मदद मिली।
इंटरनेट मार्केटिंग – इंटरनेट के इस ज़माने में मार्केटिंग में भी इंटरनेट की मदद की ज़रूरत पड़ती है। ऐसे में डिजिटल मार्केटिंग या इंटरनेट मार्केटिंग एक बहुत बड़ा एरिया बन गया है क्योंकि इंटरनेट पर मौजूद हर एक कंपनी या वेबसाइट को इस इंटरनेट मार्केटिंग का सहारा लेना ही पड़ता है। प्रोडक्ट्स, सर्विसेज, वेबसाइट, एप्प की ऑनलाइन मार्केटिंग का तरीका है इंटरनेट मार्केटिंग, जिसे बहुत आसानी से और कम समय में सीखा जा सकता है।
लेकिन आपको ध्यान रखना होगा कि उन्ही विषयों पर आर्टिकल्स लिखें जिसमे आपको उस विषय में एक्सपर्ट प्राप्त हो. ऐसे भारी-भरकम दिखावा में आकर कोई ऐसी सब्जेक्ट ना लें, जिस विषय पर आपको बाद में लिखना मुश्किल हो. आप उन्हीं चीजों पर लिखें जिसमें आप जानते हैं, तथा आपका उसमें लगातार इंटरेस्ट बना रहे लिखने के लिये. ब्लॉगिंग करने के लिए आपको ज्यादा कुछ करने की जरूरत नहीं है.
हाइ ट्रॅफिक वाले शब्दों (Keywords) का चयन करें और उनमें ब्लॉग पोस्ट लिखें फिर हर एक ब्लॉग पोस्ट को Social Media Platform जैसे Facebook, Twitter, Google पर Promote Share और promote करें इससे आपके ब्लॉग में ट्रॅफिक बढ़ेगा और आपका revenue भी बढ़ेगा. आप अपने ब्लॉग में कई अफिलीयेट मार्केटिंग कंपनियों के अफिलीयेट लिंक लगा कर उनके प्रॉडक्ट्स प्रमोट कर सकते हैं. भारत मेी कई टॉप अफिलीयेट कंपनीज़ Top ­Affiliate Companies in India हैं जिनमें Amazon Shopping, Godaddy, Flipkart, Makemytrip, Yatra, Hostgator Hosting, Ebay, Bluehost Hosting, , Ebay Shopping etc. इन कंपनीज़ के लिए आप अफिलीयेटिंग मार्केटिंग  कर सकते है और ऑनलाइन पैसे कमा सकते हैं Affilaite marketing se paise kamaye

ऑनलाइन वर्क (Online Work) शुरू करने से पहले आपको अपने इंटेरेस्ट के बारे में जानना ज़रूरी है क्युकी बिना इंटेरस्ट के किसी भी काम में सक्सेस नहीं मिल सकती. अगर आपका इंटेरेस्ट राइटिंग में है तो आप फ्रीलांस राइटिंग ट्राइ कर सकते हैं. अगर आपकी मार्केटिंग स्किल अच्छी हैं तो आप अफिलीयेट मार्केटिंग ट्राइ कर सकते हैं और अगर आपको इंटेरेस्ट वीडियो में है तो आप यूटयूब वीडियो बना कर यूटयूब से पैसे कमा सकते हैं (Youtube se paise kama sakte hain).

श्यामा ग्राम फतेहपुर, ब्लॉक विकासनगर, जिला देहरादून से संबंध रखती हैं। वह श्री त्रिलोक सिंह की विवाहिता है और एक हाउस-वाइफ (गृहस्वामिनी) है। श्यामा ऐसे गाँव में रहती हैं, जहाँ अशिक्षित होने के अलावा, महिलाओं को अपने पति की अनुमति के बिना अपने घरों से बाहर कदम रखने की भी अनुमति नहीं थी। यही हाल श्यामा का भी था, जिनके पति शराबी होने के कारण परिवार की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए भी पर्याप्त पैसा नहीं कमा पाते थे। अपनी मर्जी से श्री त्रिलोक से शादी करने के कारण, श्यामा का परिवार भी उनकी आर्थिक मदद करने से पीछे हटा रहा। फिर, वह समय आया जब श्री त्रिलोक को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा और उसके परिवार के लिए सब कुछ टूट गया। स्थिति यहाँ तक ​​बिगड़ गई कि उन्हें अपने अस्तित्व के लिए अपना घर भी बेचना पड़ा। यहाँ तक ​​कि उनके बच्चों को स्कूल की फीस का भुगतान न कर पाने के कारण उन्हें स्कूलों से निकाल दिया गया।  
जबकि प्रकाशन उद्योग प्रिंट में भारी हुआ करता था, आप इन दिनों ऑनलाइन ही किताब लिखने, प्रकाशन और मार्केटिंग की पूरी प्रक्रिया को पूरा कर सकते हैं। Create Space जैसी वेबसाइट आपको एक औपचारिक प्रकाशक को शामिल किए बिना प्रिंट करने के लिए आपकी पुस्तक को अपलोड करने देती हैं, और आप अपनी पुस्तक Amazon.com पर भी उपलब्ध कर सकते हैं ताकि लोग इसे वहां से खरीद सकें।
कुछ माता-पिता अपने बच्चों पर बहुत अधिक ध्यान देते हैं और हमेशा यदि वे  कुछ गलत करें तो उन्हें रोकते हैं। लेकिन कुछ माता-पिता अपने बच्चों को उन सम्मानों को नहीं सिखाते हैं जो उन्हें अपने शिक्षकों को देना चाहिए। कुछ माता-पिता अपने बच्चों को महंगे फोन और अन्य ऐसे गैजेट (यंत्र) भी दे देते हैं जिससे वे अकड़ कर चलते हैं। इसलिए, बहुत से बच्चे अब शिक्षा के लिए, बल्कि केवल पैसे की धौंस दिखाने के लिए स्कूल जा रहे हैं। यही कारण है कि स्कूल जाने वाले बच्चों के साथ एमएमएस जैसी कई अनैतिक घटनाएं हो रही हैं। इसके अतिरिक्त बाहर काम करने वाले माता-पिता के पास अपने बच्चों के लिए समय कम होता है। वे इससे चिंतित रहते हैं कि उनके बच्चे क्या कर रहे हैं और किसके साथ वे अपना समय बिता रहे हैं। माता-पिता अपने समय को छोड़कर अपने बच्चों को सब कुछ देने का प्रयास करते हैं। लेकिन माता-पिता को माहौल के समय के महत्व का एहसास होना चाहिए।
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