पैसे की जरुरत सभी लोगो को होती है और पैसे कमाने के लिए ही लोग बड़ी-से बड़ी डिग्री और सर्टिफिकेट प्राप्त करते हैं और खूब मेहनत से अपनी पढाई करते हैं | पैसे कमाने के लिए लोग अच्छे-से अच्छे जॉब और बिज़नस करते हैं | लेकिन आज कई ऐसे भी लोग है तो घर बैठे अपना बिज़नस या फुल टाइम, पार्ट टाइम जॉब करके अच्छा –खासा पैसा कमा रहें हैं | हम सभी जानते हैं कि टेक्नोलॉजी काफी तेजी से आगे बढ़ रही है और अब नये-नये विचार के साथ लोग बड़े से बड़ा काम भी मिनटों में कर लेते हैं | अगर आप भी आज के टेक्नोलॉजी के बारे में थोडा -सा भी इसका बेसिक अगर जानते हैं तो आप भी घर बैठे आसानी से पैसे कमा सकते हैं | लेकिन अगर आपको आज के टेक्नोलॉजी और ऑनलाइन कमाई के बारे में बिलकुल भी ज्ञान नही है तो मेरे इस वेबसाइट mysubjectgo.com को थोडा विस्तारपूर्वक और ध्यान से 15 से 20 दिनों तक पढ़िए और इस पर ऑनलाइन के आलावा भी कई और टॉपिक्स है जिनके बारे में आप पढ़ सकते हैं | जब आप थोडा –सा भी यानि ऑनलाइन पैसे कमाने के बारे में ज्ञान हो जाएँ उसके बाद आप ऑनलाइन पैसे कमाने वाले सभी तरीकों को एक-एक करके चेक कीजिये और देखिये कि आपके लिए क्या बेस्ट होगा ? और उसेक बाद वह काम करके आप ऑनलाइन पैसे कमा सकते हैं | वैसे तो ऑनलाइन पैसे कमाने के कई तरीके हैं लेकिन यहाँ हम यूट्यूब से पैसे कमाने के बारे में जानेगें |
बातचीत का अभाव, स्वार्थी उद्देश्य और लाभ, ये सभी शिक्षक-छात्र संबंधों के हिस्से में नहीं होते हैं, क्योंकि ये संबंध स्वार्थी हितों से अलग होते हैं। इन सभी के लिए कोई अवधि नहीं होती है। लेकिन कुछ दिन पहले, मैंने एक समाचार पत्र पढ़ा था जिसमें मैंने जो कुछ भी सोचा था वह उसके विपरीत ही था। ठाकुर विद्या मंदिर विद्यालय के एक प्रधानाचार्य और शिक्षक ने अपने पूर्व छात्रों को अपनी पत्नी की हत्या के लिए 50, 000 रुपये दिए। प्राधानाचार्य अपनी पत्नी को मारना चाहते थे, क्योंकि उनकी पत्नी ने उन पर उसी स्कूल की महिला छात्रों के साथ संबंध रखने के लिए संदेह किया था। उन छात्रों ने उनकी पत्नी को मार दिया और उनका शव फेंकने से पहले उसके शरीर को टुकड़ों में काट दिया था। जिसने निर्दयता की सीमा को पार कर दिया। नैतिक महत्व और मानकों में भी गिरावट आ गयी है, इस कारण अच्छे संबंध भी अप्रभावित नहीं टिक पा रहे हैं। हमें ऐसे शिक्षकों के बारे में विचार करना होगा, जो नैतिक मान्यता को स्थापित करने की बजाय इस तरह के अनैतिक संबंधों और ऐसे कुकर्मों को करते हैं। शिक्षकों और छात्रों के बारे में इस तरह की अधिक से अधिक खबरें आ रही हैं, हमें इस तथ्य से सहमत होना होगा कि शिक्षा का नैतिक मूल्य से कोई लेना देना नहीं है और इस तथ्य को भी सुनिश्चित करना होगा कि शिक्षक-छात्र संबंध की परिभाषा बदल रही है या बिगड़ रही है।
इन नियमों के आधार पर यूट्यूब आपको आसानी से पैसा दे सकता है | ऐसा करते करते आपके चैनल पर लोग ज्यादा से ज्यादा विजिट करने लगेंगे, और ज्यादा से ज्यादा एडवरटाइजिंग देखेंगे जिससे आपका इंकम आसानी से शुरू हो जाएगा | जब आपका चैनल यूट्यूब के सारे टर्म एंड कंडीशन पूरे करता है और आपके चैनल का इनकम $१० पूरा हो जाता है तब गूगल ऐडसेंस आपके रजिस्टर एड्रेस पर एक लेटर भेजता है |
गुजरात के सूरत शहर के एक छात्र ने प्रधानमंत्री और गुजरात के मुख्‍यमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी पर अपनी पीएचडी थिसिस को पूरा कर उसे सबमिट कर दिया है। इस छात्र का नाम सुनेंगे तो आप चौंक जाएंगे। डॉक्‍टरेट के इस स्‍टूडेंट का नाम मेहुल चोकसी है। मजेदार बात है कि इस छात्र का नाम भी भगोड़े हीरा व्‍यापारी की तरह मेहुल चोकसी है, जिस पर बैंकों का हजारों करोड़ रुपये लेकर भाग जाने का आरोप है।
जबकि प्रकाशन उद्योग प्रिंट में भारी हुआ करता था, आप इन दिनों ऑनलाइन ही किताब लिखने, प्रकाशन और मार्केटिंग की पूरी प्रक्रिया को पूरा कर सकते हैं। Create Space जैसी वेबसाइट आपको एक औपचारिक प्रकाशक को शामिल किए बिना प्रिंट करने के लिए आपकी पुस्तक को अपलोड करने देती हैं, और आप अपनी पुस्तक Amazon.com पर भी उपलब्ध कर सकते हैं ताकि लोग इसे वहां से खरीद सकें।
लेकिन अब हम आपको मोबाइल ऐप से पैसा कमाने के तरीके बताएंगे | सबसे पहले हम आपको एक उदाहरण देंगे, दोस्तों हम देखते हैं कि ऑनलाइन फूड ऑर्डर कंपनी जैसे स्विगी, जोमैटो और ऑनलाइन कार रेंटल कंपनी जैसे कि ओला कैब उबर एप्स | यह सारी कंपनी एक छोटे से ऐप का इस्तेमाल करके ही पैसा कमाती है, सबसे बड़ी कंपनी के मालिक के दिमाग में आई कि हम लोगों को घर पर बैठकर खाना दे सकते हैं |
 लेकिन YouTube पर ऐसा नहीं है. YouTube पर आप थोड़ी बहुत टेक्निकल नॉलेज से काम चला सकते है. जिसे आप आसानी से इंटरनेट के माध्यम से सीख सकते है. लेकिन अगर आप YouTube में करियर बनाना चाहते हैं, तो सबसे जरूरी बात आपके content यानी कि वीडियो में जान होनी चाहिए. अगर सीधी भाषा में कहें तो आपका content लोगों को पसंद आना चाहिए. जिससे आपके views increase हों और आपको रेगुलर ऑडियंस मिल सके.
कड़ी मेहनत और समर्पण के लिए, श्यामा देवी को केवीके, ढकरानी द्वारा राज्यस्तरीय महिला सम्मान पुरुस्कार के लिए नामांकित किया गया, जिसे 5 अक्टूबर, 2018 को जी. बी. पंत कृषि और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर के कुलपति द्वारा उसे देकर सम्मानित किया गया। शानदार काम को प्रदर्शित करने के लिए, समूह को श्रीमती मनीषा पंवार, निदेशक, उत्तराखंड राज्य आजीविका मिशन द्वारा उत्तराखंड हिमान्या सरस मेला में भी सम्मानित किया गया था। इस सफलता के बाद, महिला जागृति समूह ने 14 समान समूहों के साथ ब्लॉक मिशन प्रभाण्डक की मदद से 23 जून, 2018 को जय माता दी, ग्राम संगठन की स्थापना की।
ऑनलाइन बुक राइटिंग – पहले जहाँ बुक लिखकर पब्लिश करवाना किसी टेढ़ी खीर जैसा मुश्किल लगता था वहीँ आज इंटरनेट के इस दौर में अगर आप अपनी बुक लिखना चाहते हैं तो बिना किसी खर्च के किसी भी ई बुक पब्लिशिंग वेबसाइट पर फ्री में अपनी ई-बुक पब्लिश करके ऑनलाइन बेच सकते हैं। अमेज़न, फ्लिपकार्ट, ईबे जैसी ई-कॉमर्स वेबसाइट पर ई -बुक्स को बड़ी आसानी से बेचा जा सकता है।
इंटरनेट मार्केटिंग – इंटरनेट के इस ज़माने में मार्केटिंग में भी इंटरनेट की मदद की ज़रूरत पड़ती है। ऐसे में डिजिटल मार्केटिंग या इंटरनेट मार्केटिंग एक बहुत बड़ा एरिया बन गया है क्योंकि इंटरनेट पर मौजूद हर एक कंपनी या वेबसाइट को इस इंटरनेट मार्केटिंग का सहारा लेना ही पड़ता है। प्रोडक्ट्स, सर्विसेज, वेबसाइट, एप्प की ऑनलाइन मार्केटिंग का तरीका है इंटरनेट मार्केटिंग, जिसे बहुत आसानी से और कम समय में सीखा जा सकता है।
यह सिर्फ एक ही नहीं बल्कि कई कारकों का संयोजन है जो इस परिवर्तन को उत्पन्न करने का कारण है। आजकल, शिक्षण अब एक कर्तव्य नहीं, बल्कि पैसा कमाने का स्त्रोत बन गया है। स्कूलों और कॉलेजों के बाद शिक्षक निजी ट्यूशन (शिक्षण) केन्द्र चलाते हैं और ट्यूशन की कक्षाओं में प्रवेश लेने के लिए छात्रों को उकसाते भी हैं। यह सबसे सम्मानित शिक्षक-छात्र संबंधों को भी अपमानित कर रहा है, क्योंकि पैसा हमारे चरित्र को गंदा कर देता है। हम सब पैसे के पीछे भाग रहे हैं इसलिए शिक्षक भी ऐसा ही करते हैं। स्कूलों में उन्हें अच्छा पैसा नहीं दिया जाता है, इसलिए उन्हें ट्यूशन लेने के अतिरिक्त कोई दूसरा विकल्प दिखाई नहीं पड़ता है। इसके साथ ही, ग्रामीण स्कूलों और कुछ शहरी विद्यालयों की बुनियादी सुविधाओं की गुणवत्ता बहुत ही अनैतिक हो गई है। सुविधाओं की कमी इस समस्या को और बढ़ावा दे रही है। इसे रोकने के लिए, शिक्षकों को अच्छा पैसा दिया जाना चाहिए और बुनियादी सुविधाओं की गुणवत्ता में सुधार किया जाना चाहिए या प्रत्येक स्कूल को एक ही स्तर पर लाया जाना चाहिए।
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