ये थे कुछ “Internet se paise kamane ke tarike in Hindi“. आशा करता हूँ आपको घर बैठे इन्टरनेट से ऑनलाइन पैसे कैसे कमाए से related कुछ जानकारी मिल गए होंगे. मैं इसी post में आगे ऐसे बहुत सारे आसान तरीको के बारे में update करता रहूँगा, जिससे आप आसानी से online पैसे कमा सकते हैं. आप चाहे तो इस page को bookmark कर लीजिये और अपना सुझाब निचे comment करना ना भूलें. आपको यह लेख इन्टरनेट से पैसे कैसे कमाए कैसा लगा हमें comment लिखकर जरूर बताएं ताकि हमें भी आपके विचारों से कुछ सीखने और कुछ सुधारने का मोका मिले. मेरे पोस्ट के प्रति अपनी प्रसन्नता और उत्त्सुकता को दर्शाने के लिए कृपया इस पोस्ट को Social Networks जैसे कि Facebook, Google+ और Twitter इत्यादि पर share कीजिये.

एफिलिएट मार्केटिंग से पैसे कमाने के तरीके बहुत ज्यादा अच्छा है. जिससे आप अपने घर बैठे पैसे कमा सकते हैं. इसके अलावा एफिलिएट मार्केटिंग में यदि आप ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट से एफिलिएट नहीं लेना चाहते हैं, तो आप एक ही वेबसाइट से बहुत सारे ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइटों का एफिलिएट  ले सकते हैं. कुलिंक एक ऐसा ही वेबसाइट है, जो आपको एफिलिएट मार्केटिंग का बहुत सारे ऑप्शंस देता है. कुलिंक आपको ढेर सारी अपडेट्स डेली भेजते रहते हैं.
मैंने यहाँ यूट्यूब से पैसे कमाने के जितने भी तरीकों के बारे में आपको जानकारी दिए हैं | आज के समय में यह यूट्यूब से पैसे कामाने में सबसे ज्यादा लोग उपयोग करते हैं और इसलिए यह सभी आईडिया 100% सही है | लेकिन इसे करना इतना आसान नही है और न ही इतना मुश्किल कि आप इसे कर न पायें | अगर आप यूट्यूब से पैसे ऑनलाइन घर बैठे कमाना चाहते है तो इन्हें इस्तेमाल करके जरुर कोशिश कीजिये और अगर आपको मुझसे कोई मदद इस से सम्बंधित चाहिए तो आप मुझसे संपर्क कर सकते हैं |
एक पारंपरिक भारतीय व्यवस्था में गुरु-शिष्य का रिश्ता एक बहुत ही पवित्र रिश्ता माना जाता था, जहाँ गुरु या शिक्षक अपने छात्रों में, आध्यात्मिक, वैदिक, नैतिक और अकादमिक शिक्षाओं को संचारित करते थे। गुरु शब्द का अर्थ एक अंधेरे में फंसे हुए व्यक्ति को ज्योतिमान करना (गु का अर्थ है, अंधकार और रू का अर्थ प्रकाश) है। संपूर्ण उस समय शिक्षा का उद्देश्य उच्च नैतिक महत्व से संतुलित व्यक्तित्व में तथा अज्ञानता को एक ज्ञानता में बदलना होता था। इसके बदले में छात्र अपने गुरुओं के घर के कार्यों में सहायता करते थे और जो समर्थ होता था वह गुरू दक्षिणा के रूप में धन का भुगतान करता था। यह पारस्परिक संबंध शिक्षक के ज्ञान और छात्र की आज्ञाकारिता पर आधारित था। ऐसे गुरु-शिष्य संबंध में, एक सक्षम गुरु के कंधों पर सब कुछ छोड़ दिया जाता था, जो एक निर्माता के रूप में अभिनय करके, अपने शिष्यों या छात्रों को एक नई आकृति प्रदान करता था।
यूट्यूब पर बहुत सारे लोग दूसरों का मनोरंजन होने के लिए विभिन्न वीडियोस बनाते हैं और यूट्यूब पर अपलोड करते हैं | कई बार बहुत सारे वीडियोस ऐसे होते हैं जो बेहतरीन होने के कारण ट्रेंडिंग पर आ जाते हैं | जो वीडियो ट्रेंडिंग पर होता है उस वीडियो के कारण उस चैनल का मालिक आसानी से लाखों रुपए कमा लेता है, यूट्यूब पर काम करते समय आपका मनोरंजन होने के साथ-साथ आपको शोहरत भी मिलती है |

ब्लॉगिंग – अगर आपको लिखने का शौक है और आप अपने विचार दुनिया के साथ शेयर करना चाहते है तो इसके लिए ब्लॉगिंग एक बेहतरीन बिजनेस ऑप्शन है, जिसमें एक ब्लॉग या वेबसाइट बनाकर उस पर आर्टिकल्स पब्लिश किये जाते हैं और अगर आपके ब्लॉग लोगों को प्रेरित करते हैं तो आपके ब्लॉग या वेबसाइट पर विजिटर की संख्या बढ़ती जाएगी और ऐसे में ब्लॉग पर विज्ञापन प्रदर्शित करके पैसा कमाना काफी आसान हो जाता है।


आपकी साइट जैसे जैसे पॉपुलर होते जाएगी वैसे वैसे ज्यादा लोग आपकी साइट पर विजिट करेंगे | जब कोई इंसान गूगल सर्च पर कोई बात सर्च करता है और यह बात सर्च करने के बाद आपकी साइट अगर ऊपर आती है तो आपने समझ जाना है कि आपकी साइट गूगल के बौट पर सही पोजीशन पर है | जिसके कारण कोई भी अननोन इंसान किसी भी बात को सर्च करने के बाद जो साइट पहले नंबर पर आती है उस पर क्लिक करता है |
आपकी साइट जैसे जैसे पॉपुलर होते जाएगी वैसे वैसे ज्यादा लोग आपकी साइट पर विजिट करेंगे | जब कोई इंसान गूगल सर्च पर कोई बात सर्च करता है और यह बात सर्च करने के बाद आपकी साइट अगर ऊपर आती है तो आपने समझ जाना है कि आपकी साइट गूगल के बौट पर सही पोजीशन पर है | जिसके कारण कोई भी अननोन इंसान किसी भी बात को सर्च करने के बाद जो साइट पहले नंबर पर आती है उस पर क्लिक करता है |
आज के समय में ब्लॉगिंग एक ऐसा तरीका है, जो इंटरनेट से पैसे कमाने के लिए बहुत पोपुलर है. blogging से बहुत से लोग अपना करियर संवार चुके हैं और आज के समय में अच्छा खासा पैसा कमा रहे हैं. उनमें से कुछ पॉपुलर hindi ब्लॉगर के नाम है. - रोहित मेवाड़ा, हर्ष अग्रवाल, गोपाल मिश्रा, पवन कुमार और जुम्मे दीन खान. अगर सही मायने में देखा जाए तो, इनमे से रोहित मेवाडा ने हिंदी ब्लॉगिंग की नींव रखी.
2) Affiliate Marketing: ये होता है, दुशरो को चीजों को sell करने में मदद करना. जब आप online बिकने वाला कोई product को sell करने में मदद करते है, तो वो seller आपको commission देता है. आप बड़े बड़े e-commerce websites जैसे Flipkart, Amazon या फिर कोई hosting company के product को sell करवा के अच्छा खासा income कर सकते है. आप affilate marketing में Advertising से ज्यादा पैसे कमा सकते है.
URL Shortener का मतलब होता है किसी भी URL को short या छोटा कर देना. अब आप सोच रहे होंगे की URL को short करने की क्या जरुरत है और इससे पैसे कैसे कमाया जा सकता है. वैसे आपका सोचना भी बिलकुल ही जायज है. तब इसका जवाब है की लम्बे और बड़े URL किसी को भी पसंद नहीं होते हैं. ऐसे में अगर आप किसी के साथ कोई Link share करना भी चाहें तब भी आपको बड़े URL से जरुर घृणा होगी. ऐसे में URL Shortener बहुत ही ज्यादा काम आते हैं.

बातचीत का अभाव, स्वार्थी उद्देश्य और लाभ, ये सभी शिक्षक-छात्र संबंधों के हिस्से में नहीं होते हैं, क्योंकि ये संबंध स्वार्थी हितों से अलग होते हैं। इन सभी के लिए कोई अवधि नहीं होती है। लेकिन कुछ दिन पहले, मैंने एक समाचार पत्र पढ़ा था जिसमें मैंने जो कुछ भी सोचा था वह उसके विपरीत ही था। ठाकुर विद्या मंदिर विद्यालय के एक प्रधानाचार्य और शिक्षक ने अपने पूर्व छात्रों को अपनी पत्नी की हत्या के लिए 50, 000 रुपये दिए। प्राधानाचार्य अपनी पत्नी को मारना चाहते थे, क्योंकि उनकी पत्नी ने उन पर उसी स्कूल की महिला छात्रों के साथ संबंध रखने के लिए संदेह किया था। उन छात्रों ने उनकी पत्नी को मार दिया और उनका शव फेंकने से पहले उसके शरीर को टुकड़ों में काट दिया था। जिसने निर्दयता की सीमा को पार कर दिया। नैतिक महत्व और मानकों में भी गिरावट आ गयी है, इस कारण अच्छे संबंध भी अप्रभावित नहीं टिक पा रहे हैं। हमें ऐसे शिक्षकों के बारे में विचार करना होगा, जो नैतिक मान्यता को स्थापित करने की बजाय इस तरह के अनैतिक संबंधों और ऐसे कुकर्मों को करते हैं। शिक्षकों और छात्रों के बारे में इस तरह की अधिक से अधिक खबरें आ रही हैं, हमें इस तथ्य से सहमत होना होगा कि शिक्षा का नैतिक मूल्य से कोई लेना देना नहीं है और इस तथ्य को भी सुनिश्चित करना होगा कि शिक्षक-छात्र संबंध की परिभाषा बदल रही है या बिगड़ रही है।
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