एफिलिएट मार्केटिंग में करना क्या होता है, कि आपको ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट है, उसमें एक या दो वेबसाइट से आपको एफिलिएट लेना होता है.  एफिलिएट लेने के लिए उनके वेबसाइट पर आपको रजिस्टर करना होता है. एफिलिएट लेने के बाद उनके प्रोडक्ट्स को अपने वेबसाइट के ऊपर लिंक के साथ पेस्ट करना होता है. कोई व्यक्ति जब उस प्रोडक्ट को आपके वेबसाइट के थ्रू जाकर प्रोडक्ट को परचेस कर लेता है, तो उसमें एक फिक्स कमीशन आपको मिलती है. यह कमीशन 4% से 15% तक होता है. घर बैठे पैसे कमाने के तरीके में सबसे अच्छा है. 
Topics : Make Money Onlineपैसे कमाए Share This : Share On FacebookShare to TwitterShare On Google PlusShare to PinterestShare On Linkedin About Author ( मेरे बारे मे )मेरा नाम Devisinh Sodha है. में Full Time Hindi Blogger , Seo Expert और Web Programmer हूँ. Pro Blog Hindi Blog उन लोगो की मदद के लिए बनाया गया है जो Blogging, Search Engine Optimizetion, Make Money Online, Blogspot, Wordpress और Programming सीखना चाहते है. Newer Post Older Post

बातचीत का अभाव, स्वार्थी उद्देश्य और लाभ, ये सभी शिक्षक-छात्र संबंधों के हिस्से में नहीं होते हैं, क्योंकि ये संबंध स्वार्थी हितों से अलग होते हैं। इन सभी के लिए कोई अवधि नहीं होती है। लेकिन कुछ दिन पहले, मैंने एक समाचार पत्र पढ़ा था जिसमें मैंने जो कुछ भी सोचा था वह उसके विपरीत ही था। ठाकुर विद्या मंदिर विद्यालय के एक प्रधानाचार्य और शिक्षक ने अपने पूर्व छात्रों को अपनी पत्नी की हत्या के लिए 50, 000 रुपये दिए। प्राधानाचार्य अपनी पत्नी को मारना चाहते थे, क्योंकि उनकी पत्नी ने उन पर उसी स्कूल की महिला छात्रों के साथ संबंध रखने के लिए संदेह किया था। उन छात्रों ने उनकी पत्नी को मार दिया और उनका शव फेंकने से पहले उसके शरीर को टुकड़ों में काट दिया था। जिसने निर्दयता की सीमा को पार कर दिया। नैतिक महत्व और मानकों में भी गिरावट आ गयी है, इस कारण अच्छे संबंध भी अप्रभावित नहीं टिक पा रहे हैं। हमें ऐसे शिक्षकों के बारे में विचार करना होगा, जो नैतिक मान्यता को स्थापित करने की बजाय इस तरह के अनैतिक संबंधों और ऐसे कुकर्मों को करते हैं। शिक्षकों और छात्रों के बारे में इस तरह की अधिक से अधिक खबरें आ रही हैं, हमें इस तथ्य से सहमत होना होगा कि शिक्षा का नैतिक मूल्य से कोई लेना देना नहीं है और इस तथ्य को भी सुनिश्चित करना होगा कि शिक्षक-छात्र संबंध की परिभाषा बदल रही है या बिगड़ रही है।
कड़ी मेहनत और समर्पण के लिए, श्यामा देवी को केवीके, ढकरानी द्वारा राज्यस्तरीय महिला सम्मान पुरुस्कार के लिए नामांकित किया गया, जिसे 5 अक्टूबर, 2018 को जी. बी. पंत कृषि और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर के कुलपति द्वारा उसे देकर सम्मानित किया गया। शानदार काम को प्रदर्शित करने के लिए, समूह को श्रीमती मनीषा पंवार, निदेशक, उत्तराखंड राज्य आजीविका मिशन द्वारा उत्तराखंड हिमान्या सरस मेला में भी सम्मानित किया गया था। इस सफलता के बाद, महिला जागृति समूह ने 14 समान समूहों के साथ ब्लॉक मिशन प्रभाण्डक की मदद से 23 जून, 2018 को जय माता दी, ग्राम संगठन की स्थापना की।
प्रकृति में सक्रिय होने के कारण श्यामा देवी ने महिला जागृति समूह की स्थापना और शुरुआत की। अपने गाँव के महिला समूह के बीच आर्थिक बाधाओं और स्वतंत्रता की कमी की समस्याओं को महसूस करने पर, श्यामा देवी ने दृढ़ता से अपना पक्ष रखा और महिला स्व-सहायता समूहों पर कृषि विज्ञान केंद्र और ब्लॉक अधिकारियों द्वारा संबोधित की जाने वाली महिलाओं के एक समूह में शामिल हो गईं। केवीके और अन्य संबंधित विभागों से जानकारी इकट्ठा करके, श्यामा ने इन समूहों के बारे में अपनी साथी महिला ग्रामीणों को शिक्षित करने के लिए अपनी यात्रा शुरू की।
  Marketing और Advertising के लिए आप social media का सहारा ले सकते हैं क्योंकि आज का खाली समय में लोग social media पर ही  बिताते हैं और कुछ लोग तो अपने काम के समय भी social media पर लगे रहते हैं और अगर आप सोशल मीडिया का फायदा उठाना चाहते हैं तो आप बहुत ही अच्छी तरीके से उठा सकते हैं इसके लिए आपको सोशल मीडिया में थोड़ा  समय बिताना होगा और आप लोगों को अपने ऑनलाइन सर्विस के बारे में बता सकते हैं और अगर आपका सर्विस पसंद आया तो उसे ले सकते हैं जिससे आपको दो तरह के फायदे होंगे पहला फायदा यह होगा कि आपका service sell हो जाएगा | [caption id="attachment_102" align="aligncenter" width="448"]                 Product promote best social media platform[/caption] दूसरा फायदा यह है आपको online market में लोग जानने लगेंगे और आपका sell increase होता जाएगा और आप एक अच्छे online service provider के रूप में जाने जाएंगे लेकिन आपको हमेशा यह बात ध्यान में रखना है कि आप जो भी service provide कर रहे हैं | वहां लोगों के लिए Helpful और trusted  हो ऐसा ना की आप लोगों को बेवकूफ बना रहे हैं तो आप थोड़े समय के लिए पैसे कमा सकते हैं लेकिन आपको लंबे समय के लिए सफल नहीं हो पाएंगे इसलिए आप ध्यान में रखिए कि आप हमेशा ऐसा service provide करें जिससे लोगों की मदद हो सके |  

केवीके ने महिला समूहों को सरकार की विभिन्न विकासात्मक योजनाओं जैसे कि टेक होम राशन आदि के बारे में जागरूक करने में मदद की। समूह भी राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के साथ जुड़ गया और अपने भविष्य के प्रयासों के लिए 1,00,000 रुपये की राशि प्राप्त की। अब समूह के सदस्यों ने विभिन्न आँगनबाड़ियों की आपूर्ति के लिए घर पर राशन की पैकेजिंग का काम शुरू कर दिया। एक सफल महिला के रूप में, श्यामा ने अन्य महिलाओं को प्रेरित किया और फलों और सब्जियों के संरक्षण जैसे अन्य क्षेत्रों पर काम करना शुरू किया। आज समूह का वार्षिक कारोबार 1,14,00,000.00 रुपये जबकि एक समूह के सदस्यों की कुल वार्षिक बचत लगभग 2,40,00.00 रुपये है। इसने उन्हें न केवल आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाया, बल्कि समाज की अन्य कमजोर गरीब महिलाओं के लिए भी संवेदनशील बनाया।
कोई writing में अच्छा होता है तो कोई singing में. सबके पास अलग अलग कला होता है. हम दुशरो से वो चीज़ सीखते है जो हमे पता नहिं होता. वैसे ही आप अपनी talent के जरिये online आसानी से पैसे कमा पाएंगे, और ये कोई गलत बात भी नहिं है. तो आज के इस लेख में आप जानेंगे, ऑनलाइन पैसे कैसे कमाए. आगे बढ़ने से पहले में एक बात clear करना चाहता हूँ के, ये कोई झूट नहीं है; क्यूंकि में भी Internet के जरिये इतना पैसा कमा लेता हूँ, जिससे में आराम से अपनी जरूरतों को पूरा कर पाऊं.
इस पोस्ट के माध्यम से हम आपको बताएँगे की Internet se ghar baithe paise kamane ke tarike और कों सा तरीका आपके लिए सबसे अच्छा है?  वैसे ऑनलाइन पैसे कमाने के तरीके (Online Paisa Kamane Ke tareeke) तो बहुत सारे हैं लेकिन बहुत से काम ऐसे भी हैं जिनमे ठगी के सिवाय कुछ नहीं मिलता. अगर आप गूगल सर्च करते हैं ऑनलाइन कमाने के लिए तो वहाँ आपको कई तरीके मी जाएँगे लेकिन उनमें बहुत से घोटाले वाले मिलेंगे. जैसे की केपचा भरने का काम, ऑनलाइन सेर्वे वाला काम या फिर ऑनलाइन टाइपिंग वाला काम. इनमें Maximum कामों में ठगी होती है. इसलिए सही साइट का चायं करना बहुत ज़रूरी है ऐसे काम करने के लिए.
श्यामा देवी अब स्वयं की कोशिश की बदौलत केवीके तथा आरएसईटीआई, शंकरपुर देहरादून से प्रशिक्षित होकर पेशेवर महिला बन गई हैं, क्योंकि वह न केवल अपने समूह की महिलाओं को सिखाती और शिक्षित करती हैं, बल्कि उत्तराखंड के विभिन्न जिलों की महिलाओं को भी सिखाती है। वह ओबीसी, आरएसईटीआई में मास्टर ट्रेनर है। एक सफल गृहिणी से लेकर एक सफल उद्यमी और एक विश्वसनीय परामर्शदाता तक, फतेहपुर गाँव की श्यामा देवी की कहानी एक प्रेरणादायक कहानी है कि कैसे ग्रामीण भारत की महिलाएँ अपने भाग्य को संभाल सकती हैं। श्यामा, एक महिला जो एक समय में अपनी दैनिक जरूरतों और अपने बच्चों की फीस का भुगतान करने में सक्षम नहीं थी, आज एक कार के साथ एक घर की मालकिन है।
 आपने कई बार Facebook पर कुछ फैशन प्रोडक्ट्स, कपड़े और अन्य प्रोडक्ट के विज्ञापन देखे होंगे. जब कोई फेसबुक यूजर उन विज्ञापन में दिए गए लिंक के द्वारा कोई प्रोडक्ट खरीदता है, तो उन प्रोडक्ट पर निर्धारित कमीशन Publisher यानी कि Facebook को दे दिया जाता है. अगर आप भी Affiliate Marketing से ऑनलाइन Earning करना चाहते हैं. तो सबसे पहले आपके पास कोई High Website या फिर यूट्यूब चैनल होना चाहिए.
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नई दिल्ली, 7 जनवरी 2018- आजकल मोबाइल और इंटरनेट का जमाना है. हर कोई बिना मोबाइल और इंटरनेट के नही रह पता है. हर एक चीज़ मोबाइल से ही हो जाती है. जहाँ पहले के समय में हर कोई लंबी लंबी लाइन में लग कर बिजली बिल (Electricity bill online payment), फोन के बिल, पानी के बिल (Pay water bill online) यार फिर कोई सरकारी काम करना हो सभी का बहुत ज़्यादा टाइम बर्बाद होता था. आजकल मोबाइल और इंटरनेट के आ जाने से सभी का समय और पैसा बच जाता है. हर दिन 24 घंटों में बहुत सारा टाइम मोबाइल और इंटरनेट में ही चलाजाता है. WhatsApp या Facebook या फिर youtube हर कोई उसे करता है.

यह सिर्फ एक ही नहीं बल्कि कई कारकों का संयोजन है जो इस परिवर्तन को उत्पन्न करने का कारण है। आजकल, शिक्षण अब एक कर्तव्य नहीं, बल्कि पैसा कमाने का स्त्रोत बन गया है। स्कूलों और कॉलेजों के बाद शिक्षक निजी ट्यूशन (शिक्षण) केन्द्र चलाते हैं और ट्यूशन की कक्षाओं में प्रवेश लेने के लिए छात्रों को उकसाते भी हैं। यह सबसे सम्मानित शिक्षक-छात्र संबंधों को भी अपमानित कर रहा है, क्योंकि पैसा हमारे चरित्र को गंदा कर देता है। हम सब पैसे के पीछे भाग रहे हैं इसलिए शिक्षक भी ऐसा ही करते हैं। स्कूलों में उन्हें अच्छा पैसा नहीं दिया जाता है, इसलिए उन्हें ट्यूशन लेने के अतिरिक्त कोई दूसरा विकल्प दिखाई नहीं पड़ता है। इसके साथ ही, ग्रामीण स्कूलों और कुछ शहरी विद्यालयों की बुनियादी सुविधाओं की गुणवत्ता बहुत ही अनैतिक हो गई है। सुविधाओं की कमी इस समस्या को और बढ़ावा दे रही है। इसे रोकने के लिए, शिक्षकों को अच्छा पैसा दिया जाना चाहिए और बुनियादी सुविधाओं की गुणवत्ता में सुधार किया जाना चाहिए या प्रत्येक स्कूल को एक ही स्तर पर लाया जाना चाहिए।
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