आप ब्लॉगिंग (Blogging) से साथ साथ अफिलीयेट मार्केटिंग से भी पैसे कमा सकते हैं. जब आप ब्लॉगिंग कर गूगल एड्सेंस (Google Adsense) से पैसे कमा सकते हैं तो अफिलीयेट (Affiliate marketing) आपके लिए इससे भी आसान होगा. क्यूंकी गूगल एड्सेंस से पैसे कमाने का मतलब है की आपके ब्लॉग मैं अच्छा ख़ासा ट्रॅफिक आता है. तो ऐसे में आप किस चीज़ का इंतजार कर सकते हैं जल्दी से टॉप अफिलीयेट नेटवर्क्स में अप्लाइ करें और अपने ब्लॉग में अफिलीयेट से पैसे कमायें. अफिलीयेट मतलब बिना इनवेस्टमेंट के पैसे कामना Online without Investment Paise Kaise Kamaye.
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ब्लॉगिंग – अगर आपको लिखने का शौक है और आप अपने विचार दुनिया के साथ शेयर करना चाहते है तो इसके लिए ब्लॉगिंग एक बेहतरीन बिजनेस ऑप्शन है, जिसमें एक ब्लॉग या वेबसाइट बनाकर उस पर आर्टिकल्स पब्लिश किये जाते हैं और अगर आपके ब्लॉग लोगों को प्रेरित करते हैं तो आपके ब्लॉग या वेबसाइट पर विजिटर की संख्या बढ़ती जाएगी और ऐसे में ब्लॉग पर विज्ञापन प्रदर्शित करके पैसा कमाना काफी आसान हो जाता है।
आप घर बैठे  ही online job करके आप online money पैसे कमा सकते हैं इसके लिए आपको बहुत सारे वेबसाइट मिल जाएंगे  जैसे:- Freelancer,upwork,indeed………..etc जिस पर आप काम करके आप पैसे कमा सकते हैं इसको करने के लिए  आपके पास skill होना बहुत जरूरी है यहां पर आप काम शुरु करने से पहले यह निश्चित कर लें कि जिस पर आप काम करने जा रहे हैं वह आपको  पैसा देती है या नहीं इसके लिए आप उस वेबसाइट के बारे में YouTube में, Google में search करके उसका performance report जरूर चेक कर ले |
चोकसी ने वर्ष 2010 में नरेंद्र मोदी के गुजरात के सीएम रहने के दौरान अपने पीएचडी की शुरुआत की थी। उन्‍होंने बताया कि शुरुआती दौर में मोदी के सफल नेतृत्‍व को लेकर सवाल पूछे तो 51 फीसदी का जवाब सकारात्‍मक रहा। वहीं 34.25 फीसदी लोगों ने ना में जवाब दिया। इस दौरान 46.75 फीसदी लोगों ने कहा कि नेताओं को ऐसे फैसले लेने चाहिए जिससे लोगों का भला हो। इससे नेताओं की लोकप्रियता बढ़ती है।

लेकिन आज का परिदृश्य अब पहले की तरह नहीं रहा। यह पूरी तरह से बदल गया है। स्कूल जा रहे बच्चों के साथ, छेड़छाड़ और बलात्कार जैसे मामले और अन्य स्कूल संबंधी अपराधों के कई आत्मघाती मामले स्पष्ट रूप से दर्शा रहे हैं कि बहुत कुछ बदल चुका है। अगर हम समाचार पत्रों की हेडलाइंसों को देखते हैं तो हमें इस प्रकार की कई सुर्खियां दिखाई पड़ती हैं। चेन्नई में एक 10 वीं कक्षा की छात्रा ने शिक्षक द्वारा पिटाई और निर्वस्त्र होने से क्षुब्ध होकर आत्महत्या कर ली थी। दिल्ली में एक शिक्षक द्वारा एक छात्र पर डस्टर फेंकने के कारण उस छात्र ने अपनी आँखे खो दीं थीं और हाल यह हो गया है कि छात्र भी अपने शिक्षकों को नहीं छोड़ते। अपने शिक्षकों को मारने वाले छात्रों की खबरों को भी पूरे भारत में सुना गया है। कुछ अमीर छात्र बहुत ही अक्खड़ होते हैं और वे पैसों के घमंड़ में आकर अपने शिक्षकों का सम्मान भी नहीं करते हैं तथा अपने गुरू की बात पर ध्यान भी नहीं देते, कि वे क्या कह रहे हैं।
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