अगर आप ब्लॉगिंग करना चाहते हैं. तो आप blogger blog से शुरू करिए. जो कि एकदम free of cost है. जब आप अच्छा कमाने लग जाए और आपको एक्स्ट्रा फीचर्स की जरूरत पढ़े तो आप wordpress पर शिफ्ट कर जाएं. जो कि ब्लॉगिंग का paid Platform है. जहां पर आपको कई एडवांस फीचर मिल जाएंगे जो आपके ब्लॉगिंग एक्सपीरियंस को काफी आसान बना देंगे. अगर आप ब्लॉगिंग के बारे में अधिक जानकारी चाहते हैं तो रवि भाई के ब्लॉग anytechinfo पर विजिट कर सकते हैं.
Affiliate Marketing सुरु करने केलिए आपको कोई invest करने की जरुरत नहिं है. आप अपना पहला selling e-commerce sites जैसे Flipkart और Amazon से सुरु कर सकते है. उनके affiliate program में join करने के बाद आपको हर product का एक affiliate link मिलेगा. जो किओ भी user उस link से वो product खरीदेगा, आपको उसकी कुछ percent commission मिलेगा. आप ये link अपने blog, video, social media और email से share कर सकते हैं.
एफिलिएट मार्केटिंग में करना क्या होता है, कि आपको ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट है, उसमें एक या दो वेबसाइट से आपको एफिलिएट लेना होता है.  एफिलिएट लेने के लिए उनके वेबसाइट पर आपको रजिस्टर करना होता है. एफिलिएट लेने के बाद उनके प्रोडक्ट्स को अपने वेबसाइट के ऊपर लिंक के साथ पेस्ट करना होता है. कोई व्यक्ति जब उस प्रोडक्ट को आपके वेबसाइट के थ्रू जाकर प्रोडक्ट को परचेस कर लेता है, तो उसमें एक फिक्स कमीशन आपको मिलती है. यह कमीशन 4% से 15% तक होता है. घर बैठे पैसे कमाने के तरीके में सबसे अच्छा है. 
ऑनलाइन पैसे कमाने की शुरुआत करने के लिए ब्लॉगिंग सबसे अच्छा तरीका है। आप Blogger या Wix जैसे फ्री blogging platform पर अपना खुद का मुफ्त बनलॉग बना सकते हैं और 6 माह बाद AdSense अकाउंट के अप्‍लाई कर अच्छे-खासे पैसे कमाना शुरू कर सकते हैं। ब्लॉगिंग बहुत ही आसान है और सबसे बढ़िया बात यह हैं की यह काम अपनी नौकरी करते हुए पार्ट टाइम अपने मन मर्जी से कर सकते हैं।
ब्लॉगिंग से पैसे कैसे कमाए Blogging se paise kaise kamaye? या फिर ब्लॉग से पैसे कैसे कमाते हैं Blog se kaise paise kamaye. तो इस पोस्ट में हम आपको बताएँगे की आप ब्लॉगिंग से ऑनलाइन कैसे पैसे कमा सकते हो? सबसे पहले ब्लॉगर डॉट कॉम www.blogger.com पर जाए. अपनी ज़िमेल से लोजीन करें. फिर क्रियेट ब्लॉग create blog पर क्लिक करें. अपनी पसंद का डोमेन नाम लिखें और continue करें. फिर अपनी पसंद की टेंपलेट चूज़ करें और फिर सेट्टिंग में जाकर कस्टमाइज़ करें. फिर ब्लॉग पोस्ट (Add post) करें. लगातार ब्लॉग पोस्ट करने से आपके ब्लॉग का ट्रॅफिक भी बढ़ेगा. जब ब्लॉग पूरी तरह कस्टमाइज़ हो जाए और बहुत सारी ब्लॉग पोस्ट हो जाए और अच्छा ट्रॅफिक आने लगे तो आप गूगल एड्सेंस अप्लाइ (Apply Google Adsense) कर सकते हैं. अगर गूगल एड्सेंस अप्रूव्ड (Google Adsense Approved) हो जाए तो फिर आप अपनी ब्लॉग को मोनेटाइज़ (Monetize blog) यानी ब्लॉग में एड लगा सकते हैं. हर बार एड क्लिक होने पर आपको गूगल से पैसे मिलेंगे.
Affiliate Marketing सुरु करने केलिए आपको कोई invest करने की जरुरत नहिं है. आप अपना पहला selling e-commerce sites जैसे Flipkart और Amazon से सुरु कर सकते है. उनके affiliate program में join करने के बाद आपको हर product का एक affiliate link मिलेगा. जो किओ भी user उस link से वो product खरीदेगा, आपको उसकी कुछ percent commission मिलेगा. आप ये link अपने blog, video, social media और email से share कर सकते हैं.
समय के साथ-साथ, महिला समूहों ने आत्मविश्वास विकसित की और अधिक धन की बचत शुरू कर दी। स्व-सहायता समूहों को जूट बैग बनाने का प्रशिक्षण दिया गया और जो महिलाएँ सिलाई में निपुण थीं, उन्होंने स्वयं को जूट के बैग बनाने के लिए नियोजित किया। इस उद्यम में, केवीके ने उन्हें डिजाइनर बैग बनाने, ब्लॉक प्रिंटिंग आदि पर प्रशिक्षण प्रदान करके मूल्यवर्धन में मदद की। इस बीच, जिले में पॉलीथिन बैग पर प्रतिबंध के कारण, समूह ने खुद को गैर-बुना पर्यावरण के अनुकूल बैग के उत्पादन में प्रशिक्षित किया, जो उस समय उच्च मांग पर थे। इसलिए, इसने अन्य महिलाओं को भी समूह में शामिल होने और विभिन्न पहलुओं पर काम शुरू करने का रास्ता दिखाया।
प्रकृति में सक्रिय होने के कारण श्यामा देवी ने महिला जागृति समूह की स्थापना और शुरुआत की। अपने गाँव के महिला समूह के बीच आर्थिक बाधाओं और स्वतंत्रता की कमी की समस्याओं को महसूस करने पर, श्यामा देवी ने दृढ़ता से अपना पक्ष रखा और महिला स्व-सहायता समूहों पर कृषि विज्ञान केंद्र और ब्लॉक अधिकारियों द्वारा संबोधित की जाने वाली महिलाओं के एक समूह में शामिल हो गईं। केवीके और अन्य संबंधित विभागों से जानकारी इकट्ठा करके, श्यामा ने इन समूहों के बारे में अपनी साथी महिला ग्रामीणों को शिक्षित करने के लिए अपनी यात्रा शुरू की।
कड़ी मेहनत और समर्पण के लिए, श्यामा देवी को केवीके, ढकरानी द्वारा राज्यस्तरीय महिला सम्मान पुरुस्कार के लिए नामांकित किया गया, जिसे 5 अक्टूबर, 2018 को जी. बी. पंत कृषि और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर के कुलपति द्वारा उसे देकर सम्मानित किया गया। शानदार काम को प्रदर्शित करने के लिए, समूह को श्रीमती मनीषा पंवार, निदेशक, उत्तराखंड राज्य आजीविका मिशन द्वारा उत्तराखंड हिमान्या सरस मेला में भी सम्मानित किया गया था। इस सफलता के बाद, महिला जागृति समूह ने 14 समान समूहों के साथ ब्लॉक मिशन प्रभाण्डक की मदद से 23 जून, 2018 को जय माता दी, ग्राम संगठन की स्थापना की।
अगर आप भी ऑनलाइन इंटरनेट से पैसे कमाना चाहते हैं. तो दिए गए तरीकों को इस्तेमाल कर सकते हैं. मैं आशा करता हूं, आप समझ गए होंगे कि  ऑनलाइन इंटरनेट से पैसे कमा सकते हो . अगर आपका कोई सवाल है, तो नीचे दिए कमेंट बॉक्स में पूछ सकते हैं. अगर आपको हमारा आर्टिकल अच्छा लगा हो. तो अपने दोस्तों के साथ सोशल मीडिया पर शेयर करना ना भूले.  यदि आप हमसे संपर्क करना चाहते हैं. तो हमारे Contect Us पेज और Facebook पेज पर हम से कांटेक्ट कर सकते हैं. धन्यवाद😊

लेकिन आपको ध्यान रखना होगा कि उन्ही विषयों पर आर्टिकल्स लिखें जिसमे आपको उस विषय में एक्सपर्ट प्राप्त हो. ऐसे भारी-भरकम दिखावा में आकर कोई ऐसी सब्जेक्ट ना लें, जिस विषय पर आपको बाद में लिखना मुश्किल हो. आप उन्हीं चीजों पर लिखें जिसमें आप जानते हैं, तथा आपका उसमें लगातार इंटरेस्ट बना रहे लिखने के लिये. ब्लॉगिंग करने के लिए आपको ज्यादा कुछ करने की जरूरत नहीं है.
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बातचीत का अभाव, स्वार्थी उद्देश्य और लाभ, ये सभी शिक्षक-छात्र संबंधों के हिस्से में नहीं होते हैं, क्योंकि ये संबंध स्वार्थी हितों से अलग होते हैं। इन सभी के लिए कोई अवधि नहीं होती है। लेकिन कुछ दिन पहले, मैंने एक समाचार पत्र पढ़ा था जिसमें मैंने जो कुछ भी सोचा था वह उसके विपरीत ही था। ठाकुर विद्या मंदिर विद्यालय के एक प्रधानाचार्य और शिक्षक ने अपने पूर्व छात्रों को अपनी पत्नी की हत्या के लिए 50, 000 रुपये दिए। प्राधानाचार्य अपनी पत्नी को मारना चाहते थे, क्योंकि उनकी पत्नी ने उन पर उसी स्कूल की महिला छात्रों के साथ संबंध रखने के लिए संदेह किया था। उन छात्रों ने उनकी पत्नी को मार दिया और उनका शव फेंकने से पहले उसके शरीर को टुकड़ों में काट दिया था। जिसने निर्दयता की सीमा को पार कर दिया। नैतिक महत्व और मानकों में भी गिरावट आ गयी है, इस कारण अच्छे संबंध भी अप्रभावित नहीं टिक पा रहे हैं। हमें ऐसे शिक्षकों के बारे में विचार करना होगा, जो नैतिक मान्यता को स्थापित करने की बजाय इस तरह के अनैतिक संबंधों और ऐसे कुकर्मों को करते हैं। शिक्षकों और छात्रों के बारे में इस तरह की अधिक से अधिक खबरें आ रही हैं, हमें इस तथ्य से सहमत होना होगा कि शिक्षा का नैतिक मूल्य से कोई लेना देना नहीं है और इस तथ्य को भी सुनिश्चित करना होगा कि शिक्षक-छात्र संबंध की परिभाषा बदल रही है या बिगड़ रही है।
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