आगे बढ़ने से पहले आपको Contextual Ads को समझ लेना चाहिए। इस प्रकार के विज्ञापन आपके ब्लॉग या वेबसाइट पर मौजूद कंटेंट के कीवर्ड को समझकर विज्ञापन दिखाते हैं यानि अगर आप वेब होस्टिंग के बारे में लिख रहे हैं तो अधिकतर वेब होस्टिंग या उससे संबंधित विज्ञापन दिखाए जाएंगे। इसलिए अगर आपको ब्लॉग और Media.net ads से ज़्यादा से ज़्यादा आमदनी करनी है तो आप अधिक सर्च किए जाने वाले कीवर्ड के साथ उन कीवर्ड्स को चुनें जिन पर CPC या CPM ज़्यादा मिल सके।
आप ब्लॉगिंग (Blogging) से साथ साथ अफिलीयेट मार्केटिंग से भी पैसे कमा सकते हैं. जब आप ब्लॉगिंग कर गूगल एड्सेंस (Google Adsense) से पैसे कमा सकते हैं तो अफिलीयेट (Affiliate marketing) आपके लिए इससे भी आसान होगा. क्यूंकी गूगल एड्सेंस से पैसे कमाने का मतलब है की आपके ब्लॉग मैं अच्छा ख़ासा ट्रॅफिक आता है. तो ऐसे में आप किस चीज़ का इंतजार कर सकते हैं जल्दी से टॉप अफिलीयेट नेटवर्क्स में अप्लाइ करें और अपने ब्लॉग में अफिलीयेट से पैसे कमायें. अफिलीयेट मतलब बिना इनवेस्टमेंट के पैसे कामना Online without Investment Paise Kaise Kamaye.
यह सिर्फ एक ही नहीं बल्कि कई कारकों का संयोजन है जो इस परिवर्तन को उत्पन्न करने का कारण है। आजकल, शिक्षण अब एक कर्तव्य नहीं, बल्कि पैसा कमाने का स्त्रोत बन गया है। स्कूलों और कॉलेजों के बाद शिक्षक निजी ट्यूशन (शिक्षण) केन्द्र चलाते हैं और ट्यूशन की कक्षाओं में प्रवेश लेने के लिए छात्रों को उकसाते भी हैं। यह सबसे सम्मानित शिक्षक-छात्र संबंधों को भी अपमानित कर रहा है, क्योंकि पैसा हमारे चरित्र को गंदा कर देता है। हम सब पैसे के पीछे भाग रहे हैं इसलिए शिक्षक भी ऐसा ही करते हैं। स्कूलों में उन्हें अच्छा पैसा नहीं दिया जाता है, इसलिए उन्हें ट्यूशन लेने के अतिरिक्त कोई दूसरा विकल्प दिखाई नहीं पड़ता है। इसके साथ ही, ग्रामीण स्कूलों और कुछ शहरी विद्यालयों की बुनियादी सुविधाओं की गुणवत्ता बहुत ही अनैतिक हो गई है। सुविधाओं की कमी इस समस्या को और बढ़ावा दे रही है। इसे रोकने के लिए, शिक्षकों को अच्छा पैसा दिया जाना चाहिए और बुनियादी सुविधाओं की गुणवत्ता में सुधार किया जाना चाहिए या प्रत्येक स्कूल को एक ही स्तर पर लाया जाना चाहिए।
अभी तक भले ही आप अपने आइडियाज को लांच करने में झिझक महसूस करते आये हों लेकिन अब आप जान चुके हैं कि ऑनलाइन बिज़नेस वो ऑप्शन है जिसमें आपको बहुत ज्यादा इन्वेस्ट करने की जरुरत नहीं है। थोड़ा पैसा और थोड़ा समय इन्वेस्ट करके भी आप इस बिजनेस को शुरू कर सकते हैं और अपने यूनिक आइडियाज और क्रिएटिव टैलेंट के दम पर आप इस बिजनेस को किस मुकाम पर ले जा सकते हैं, ये तो आपके अपने हाथ में है।
बातचीत का अभाव, स्वार्थी उद्देश्य और लाभ, ये सभी शिक्षक-छात्र संबंधों के हिस्से में नहीं होते हैं, क्योंकि ये संबंध स्वार्थी हितों से अलग होते हैं। इन सभी के लिए कोई अवधि नहीं होती है। लेकिन कुछ दिन पहले, मैंने एक समाचार पत्र पढ़ा था जिसमें मैंने जो कुछ भी सोचा था वह उसके विपरीत ही था। ठाकुर विद्या मंदिर विद्यालय के एक प्रधानाचार्य और शिक्षक ने अपने पूर्व छात्रों को अपनी पत्नी की हत्या के लिए 50, 000 रुपये दिए। प्राधानाचार्य अपनी पत्नी को मारना चाहते थे, क्योंकि उनकी पत्नी ने उन पर उसी स्कूल की महिला छात्रों के साथ संबंध रखने के लिए संदेह किया था। उन छात्रों ने उनकी पत्नी को मार दिया और उनका शव फेंकने से पहले उसके शरीर को टुकड़ों में काट दिया था। जिसने निर्दयता की सीमा को पार कर दिया। नैतिक महत्व और मानकों में भी गिरावट आ गयी है, इस कारण अच्छे संबंध भी अप्रभावित नहीं टिक पा रहे हैं। हमें ऐसे शिक्षकों के बारे में विचार करना होगा, जो नैतिक मान्यता को स्थापित करने की बजाय इस तरह के अनैतिक संबंधों और ऐसे कुकर्मों को करते हैं। शिक्षकों और छात्रों के बारे में इस तरह की अधिक से अधिक खबरें आ रही हैं, हमें इस तथ्य से सहमत होना होगा कि शिक्षा का नैतिक मूल्य से कोई लेना देना नहीं है और इस तथ्य को भी सुनिश्चित करना होगा कि शिक्षक-छात्र संबंध की परिभाषा बदल रही है या बिगड़ रही है।
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