श्यामा ग्राम फतेहपुर, ब्लॉक विकासनगर, जिला देहरादून से संबंध रखती हैं। वह श्री त्रिलोक सिंह की विवाहिता है और एक हाउस-वाइफ (गृहस्वामिनी) है। श्यामा ऐसे गाँव में रहती हैं, जहाँ अशिक्षित होने के अलावा, महिलाओं को अपने पति की अनुमति के बिना अपने घरों से बाहर कदम रखने की भी अनुमति नहीं थी। यही हाल श्यामा का भी था, जिनके पति शराबी होने के कारण परिवार की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए भी पर्याप्त पैसा नहीं कमा पाते थे। अपनी मर्जी से श्री त्रिलोक से शादी करने के कारण, श्यामा का परिवार भी उनकी आर्थिक मदद करने से पीछे हटा रहा। फिर, वह समय आया जब श्री त्रिलोक को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा और उसके परिवार के लिए सब कुछ टूट गया। स्थिति यहाँ तक ​​बिगड़ गई कि उन्हें अपने अस्तित्व के लिए अपना घर भी बेचना पड़ा। यहाँ तक ​​कि उनके बच्चों को स्कूल की फीस का भुगतान न कर पाने के कारण उन्हें स्कूलों से निकाल दिया गया।  
मैंने आपको पहले से ही इसके बारे में थोडा knowledge दे दिया है, अब details में जाते हैं. हर कोई seller अपने product को online sell करने में success हासिल कर नहिं पाता. इसीलिए वो affiliate marketing के जरिये अपना selling करता है. मान लीजिये आपका एक कपडे का दुकान है, पर आप उसके अच्छा sell नहिं कर पा रहें. तो आप किसीको बोलेंगे के, अगर वो आपके कपडे sell करने में मदद करता है तो आप उसे हर sell में इतनी percent का commission देंगे. येही होता है affiliate marketing.
समय के साथ-साथ, महिला समूहों ने आत्मविश्वास विकसित की और अधिक धन की बचत शुरू कर दी। स्व-सहायता समूहों को जूट बैग बनाने का प्रशिक्षण दिया गया और जो महिलाएँ सिलाई में निपुण थीं, उन्होंने स्वयं को जूट के बैग बनाने के लिए नियोजित किया। इस उद्यम में, केवीके ने उन्हें डिजाइनर बैग बनाने, ब्लॉक प्रिंटिंग आदि पर प्रशिक्षण प्रदान करके मूल्यवर्धन में मदद की। इस बीच, जिले में पॉलीथिन बैग पर प्रतिबंध के कारण, समूह ने खुद को गैर-बुना पर्यावरण के अनुकूल बैग के उत्पादन में प्रशिक्षित किया, जो उस समय उच्च मांग पर थे। इसलिए, इसने अन्य महिलाओं को भी समूह में शामिल होने और विभिन्न पहलुओं पर काम शुरू करने का रास्ता दिखाया।

वेबसाइट को मोनेटाइजेशन के लिए सबसे अच्छा तरीका गूगल का एडसेंस प्रोग्राम है, जो विश्व का सबसे बढ़िया एड प्रोग्राम है. गूगल का एडसेंस आपके वेबसाइट के आर्टिकल पर विज्ञापन दिखाता है, जहां से घर बैठे पैसे कमाने के तरीके में बहुत ज्यादा पॉपुलर है. घर बैठे एक अच्छी इनकम कर सकते हैं. तो आप एक वेबसाइट कैसे शुरु करें और कैसे बनाएं इसके लिए बहुत सारे वीडियो भी यूट्यूब पर अवेलेबल है.

हम उदाहरण के तौर पर समझना चाहेंगे जैसे कि आप एक दुकान खोल दे और उसमें आप जो समान sell  करते हैं customer उसके बारे में जाने तो इसमें आपका दुकान कभी grow नहीं कर पायेगा और आप सोचेंगे कि हम तो इतने अच्छे सामान बेचते हैं फिर भी customer  नहीं आते हैं यहां पर आपका सोचना सही है लेकिन आप को यह भी समझना होगा की आपने जो shop लगाया है उसके बारे में जानेंगे तभी तो आपके दुकान पर आएंगे तो इसके लिए आपको आपके दुकान के  सामने जो भी आप सामान बेचते हैं उसका आप poster लगाएं तथा आप इसके लिए marketing तथा advertising कर सकते हैं |   परिणाम स्वरुप यह सब करने के बाद आपके दुकान के बारे में जानने लगेंगे और आपका sell increase  होता जाएगा और आप अच्छे पैसे कमाने लगेंगे ठीक उसी प्रकार हम online money बनाने के लिए कुछ start  किए हैं तो उसके बारे में लोगों को पता चलेगा तो ही तो आप जो लोगों को जो service देना चाहते हैं उसे वह देखेंगे, समझे और अगर आपका service  पसंद आएगा तो उसे खरीद सकते हैं|  
सबसे पहले हमें, YouTube पर channel बनाना पड़ेगा. और फिर उसमे खुदके विडियो upload करने पड़ेंगे. याद रहे, वो विडियो तुम्हारे ही होने चाहिये. नहीं तो हमें copyright strike मिलेगा. और फिर हमें हमारे videos को monetize करके adsense से connect करना पड़ेगा. जिस्से हमारे विडियो पर विज्ञापन नजर आएगा. और जब भी कोई व्यक्ति इंसान, विडियो देखते समय ads पर click करेगा. हमे पैसे मिलेंगे.
यदि आपको फोटो लेने का शौक है और आप बहुत अच्छे फोटोग्राफर हैं, तो आप स्टॉक फोटोग्राफर बनकर अपने फोटोज को ShutterStock या iStockPhoto जैसी स्टॉक फोटो कंपनी को बेचकर ऑनलाइन अतिरिक्त पैसा कमा सकते हैं। जब भी कोई आपके द्वारा सबमिट किया गया फोटो का लाइसेंस देगा, तो आपको हर बार रॉयल्टी मिलेगी। वास्तव में सफल होने के लिए, अपने पोर्टफोलियो का प्रदर्शन करने में सक्षम होने के लिए अपनी खुद की फोटोग्राफी वेबसाइट बनाएं और उच्च-भुगतान वाले निजी कॉर्पोरेट काम करना शुरू करें।

इंटरनेट पर बहुत सारे वेबसाइट हैं, जहां आप अपने बनाए हुए वीडियो को अपलोड कर घर बैठे पैसे कमाने के तरीके में बहुत मजेदार है. तथा वहा से एक अच्छी आमदनी अर्न कर सकते हैं. वीडियो बनाना पैसा कमाने का एक अच्छा साधन बन सकता है. जिस सब्जेक्ट पर आप वीडियो बनाना चाहते हैं, तो उसके लिए पहले आपको एक सब्जेक्ट को चुनाव करना पड़ेगा. उसी सब्जेक्ट एक के ऊपर रहते हुए हर एक वीडियो को फोकस करना होगा.


हर कोई चाहता है पैसे कमाना. इसीलिए लोग Google में हर रोज ये search करते रहते है के, “ऑनलाइन पैसे कैसे कमाए“, “गूगल से पैसे कैसे कमाए“, “इंटरनेट से पैसे कैसे कमाए“, etc. लोगो को पैसे इसीलिए चाहिए, ताकि उनसे वो अपनी ज़रुरतो को पूरी कर सके. उम्र बढ़ने के साथ साथ एक ज़िम्मेदारी भी आ जाता है और अगर आप अभी से पैसे कमाने के तरीके के बारे में जान लेते है तो आपका तो चांदी ही चांदी है. लोग बहुत तरीको से पैसे कमाते है, जैसे job करके, अपने खुद का business start करके, या फिर online से. आप ये सोच रहे होंगे के How to make money Online? क्या ये सम्भब है, या फिर में मजाक कर रहा हूँ.

हर व्यक्ति में एक ना एक टैलेंट जरूर होता है। माली जी अगर आपको राइटिंग का टैलेंट है। और आप लिखना पसंद करते हैं। तो आप किसी कंपनी के लिए टाइप कर सकते हैं। जैसे कि बहुत ऐसे कंपनी है। जो चाहते हैं कि उनके वेबसाइट पर हमेशा Article Updates होता रहे। उनके पास इतना टाइम नहीं होता है क्योंकि उनके पास और भी बहुत सारे बिजनेस होते हैं। वह चाहते हैं कि कोई ऐसा हमें मिले जो मेरी वेबसाइट पर हमेशा आर्टिकल डालते रहे। 🙂
लेकिन आज का परिदृश्य अब पहले की तरह नहीं रहा। यह पूरी तरह से बदल गया है। स्कूल जा रहे बच्चों के साथ, छेड़छाड़ और बलात्कार जैसे मामले और अन्य स्कूल संबंधी अपराधों के कई आत्मघाती मामले स्पष्ट रूप से दर्शा रहे हैं कि बहुत कुछ बदल चुका है। अगर हम समाचार पत्रों की हेडलाइंसों को देखते हैं तो हमें इस प्रकार की कई सुर्खियां दिखाई पड़ती हैं। चेन्नई में एक 10 वीं कक्षा की छात्रा ने शिक्षक द्वारा पिटाई और निर्वस्त्र होने से क्षुब्ध होकर आत्महत्या कर ली थी। दिल्ली में एक शिक्षक द्वारा एक छात्र पर डस्टर फेंकने के कारण उस छात्र ने अपनी आँखे खो दीं थीं और हाल यह हो गया है कि छात्र भी अपने शिक्षकों को नहीं छोड़ते। अपने शिक्षकों को मारने वाले छात्रों की खबरों को भी पूरे भारत में सुना गया है। कुछ अमीर छात्र बहुत ही अक्खड़ होते हैं और वे पैसों के घमंड़ में आकर अपने शिक्षकों का सम्मान भी नहीं करते हैं तथा अपने गुरू की बात पर ध्यान भी नहीं देते, कि वे क्या कह रहे हैं।
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