नई दिल्ली, 7 जनवरी 2018- आजकल मोबाइल और इंटरनेट का जमाना है. हर कोई बिना मोबाइल और इंटरनेट के नही रह पता है. हर एक चीज़ मोबाइल से ही हो जाती है. जहाँ पहले के समय में हर कोई लंबी लंबी लाइन में लग कर बिजली बिल (Electricity bill online payment), फोन के बिल, पानी के बिल (Pay water bill online) यार फिर कोई सरकारी काम करना हो सभी का बहुत ज़्यादा टाइम बर्बाद होता था. आजकल मोबाइल और इंटरनेट के आ जाने से सभी का समय और पैसा बच जाता है. हर दिन 24 घंटों में बहुत सारा टाइम मोबाइल और इंटरनेट में ही चलाजाता है. WhatsApp या Facebook या फिर youtube हर कोई उसे करता है.
ऑनलाइन वर्क (Online Work) शुरू करने से पहले आपको अपने इंटेरेस्ट के बारे में जानना ज़रूरी है क्युकी बिना इंटेरस्ट के किसी भी काम में सक्सेस नहीं मिल सकती. अगर आपका इंटेरेस्ट राइटिंग में है तो आप फ्रीलांस राइटिंग ट्राइ कर सकते हैं. अगर आपकी मार्केटिंग स्किल अच्छी हैं तो आप अफिलीयेट मार्केटिंग ट्राइ कर सकते हैं और अगर आपको इंटेरेस्ट वीडियो में है तो आप यूटयूब वीडियो बना कर यूटयूब से पैसे कमा सकते हैं (Youtube se paise kama sakte hain).
इसलिए आज हम हमारे दोस्तों को ऑनलाइन इंटरनेट पर पैसा कैसे कमाते हैं के बारे में अच्छी-अच्छी जानकारी बताने वाले हैं | इस जानकारी के कारण शायद हर कोई जान सकेगा कि ऑनलाइन पैसा कैसे कमाया जाता है | हम देखते हैं कि बहुत सारे लोग इंटरनेट पर ऑनलाइन रिजल्ट देखते हैं, ऑनलाइन शॉपिंग करते हैं, ऑनलाइन मोबाइल रिचार्ज करते हैं, या ऑनलाइन डिश रिचार्ज भी करते हैं |
यह सिर्फ एक ही नहीं बल्कि कई कारकों का संयोजन है जो इस परिवर्तन को उत्पन्न करने का कारण है। आजकल, शिक्षण अब एक कर्तव्य नहीं, बल्कि पैसा कमाने का स्त्रोत बन गया है। स्कूलों और कॉलेजों के बाद शिक्षक निजी ट्यूशन (शिक्षण) केन्द्र चलाते हैं और ट्यूशन की कक्षाओं में प्रवेश लेने के लिए छात्रों को उकसाते भी हैं। यह सबसे सम्मानित शिक्षक-छात्र संबंधों को भी अपमानित कर रहा है, क्योंकि पैसा हमारे चरित्र को गंदा कर देता है। हम सब पैसे के पीछे भाग रहे हैं इसलिए शिक्षक भी ऐसा ही करते हैं। स्कूलों में उन्हें अच्छा पैसा नहीं दिया जाता है, इसलिए उन्हें ट्यूशन लेने के अतिरिक्त कोई दूसरा विकल्प दिखाई नहीं पड़ता है। इसके साथ ही, ग्रामीण स्कूलों और कुछ शहरी विद्यालयों की बुनियादी सुविधाओं की गुणवत्ता बहुत ही अनैतिक हो गई है। सुविधाओं की कमी इस समस्या को और बढ़ावा दे रही है। इसे रोकने के लिए, शिक्षकों को अच्छा पैसा दिया जाना चाहिए और बुनियादी सुविधाओं की गुणवत्ता में सुधार किया जाना चाहिए या प्रत्येक स्कूल को एक ही स्तर पर लाया जाना चाहिए।
 लेकिन हम बात कर रहे हैं इन वेबसाइट से पैसे कैसे कमाएं? इसीलिए मैं आपको बता दूं, कि ये वेबसाइट आपको अच्छा खासा पैसा कमाने का विकल्प भी देती है.  इन वेबसाइट के द्वारा आप हर वह ऑनलाइन काम कर सकते हो, जो आपको अच्छे से आता हो और जिसकी लोगों को जरूरत हो. बस आपको करना यह कि इन वेबसाइट पर जाकर आपको अपना Service Provider खाता बनाना होता है और इसके बाद आप अपने काम से रिलेटेड Gigg पोस्ट कर सकते हैं.
नमस्ते दोस्तों, आज हम आपको ऑनलाइन इंटरनेट से पैसा कैसे कमाते हैं के बारे में जानकारी देने वाले हैं | हम देखते हैं कि इस आधुनिक दुनिया में जवान लड़कों को और लड़कियों को जॉब नहीं मिल पाती है, हमारे देश में इतनी ज्यादा पापुलेशन हो गई है कि हर किसी को अच्छा जॉब मिलना बिल्कुल भी असंभव हो चुका है | जिसके कारण जवान लड़के और लड़कियां विभिन्न तरीके इस्तेमाल करके पैसा कमाने के बारे में हमेशा सोचते रहते हैं |
बातचीत का अभाव, स्वार्थी उद्देश्य और लाभ, ये सभी शिक्षक-छात्र संबंधों के हिस्से में नहीं होते हैं, क्योंकि ये संबंध स्वार्थी हितों से अलग होते हैं। इन सभी के लिए कोई अवधि नहीं होती है। लेकिन कुछ दिन पहले, मैंने एक समाचार पत्र पढ़ा था जिसमें मैंने जो कुछ भी सोचा था वह उसके विपरीत ही था। ठाकुर विद्या मंदिर विद्यालय के एक प्रधानाचार्य और शिक्षक ने अपने पूर्व छात्रों को अपनी पत्नी की हत्या के लिए 50, 000 रुपये दिए। प्राधानाचार्य अपनी पत्नी को मारना चाहते थे, क्योंकि उनकी पत्नी ने उन पर उसी स्कूल की महिला छात्रों के साथ संबंध रखने के लिए संदेह किया था। उन छात्रों ने उनकी पत्नी को मार दिया और उनका शव फेंकने से पहले उसके शरीर को टुकड़ों में काट दिया था। जिसने निर्दयता की सीमा को पार कर दिया। नैतिक महत्व और मानकों में भी गिरावट आ गयी है, इस कारण अच्छे संबंध भी अप्रभावित नहीं टिक पा रहे हैं। हमें ऐसे शिक्षकों के बारे में विचार करना होगा, जो नैतिक मान्यता को स्थापित करने की बजाय इस तरह के अनैतिक संबंधों और ऐसे कुकर्मों को करते हैं। शिक्षकों और छात्रों के बारे में इस तरह की अधिक से अधिक खबरें आ रही हैं, हमें इस तथ्य से सहमत होना होगा कि शिक्षा का नैतिक मूल्य से कोई लेना देना नहीं है और इस तथ्य को भी सुनिश्चित करना होगा कि शिक्षक-छात्र संबंध की परिभाषा बदल रही है या बिगड़ रही है।
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