एफिलिएट मार्केटिंग से पैसे कमाने के तरीके बहुत ज्यादा अच्छा है. जिससे आप अपने घर बैठे पैसे कमा सकते हैं. इसके अलावा एफिलिएट मार्केटिंग में यदि आप ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट से एफिलिएट नहीं लेना चाहते हैं, तो आप एक ही वेबसाइट से बहुत सारे ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइटों का एफिलिएट  ले सकते हैं. कुलिंक एक ऐसा ही वेबसाइट है, जो आपको एफिलिएट मार्केटिंग का बहुत सारे ऑप्शंस देता है. कुलिंक आपको ढेर सारी अपडेट्स डेली भेजते रहते हैं.
वेबसाइट को मोनेटाइजेशन के लिए सबसे अच्छा तरीका गूगल का एडसेंस प्रोग्राम है, जो विश्व का सबसे बढ़िया एड प्रोग्राम है. गूगल का एडसेंस आपके वेबसाइट के आर्टिकल पर विज्ञापन दिखाता है, जहां से घर बैठे पैसे कमाने के तरीके में बहुत ज्यादा पॉपुलर है. घर बैठे एक अच्छी इनकम कर सकते हैं. तो आप एक वेबसाइट कैसे शुरु करें और कैसे बनाएं इसके लिए बहुत सारे वीडियो भी यूट्यूब पर अवेलेबल है.
  Marketing और Advertising के लिए आप social media का सहारा ले सकते हैं क्योंकि आज का खाली समय में लोग social media पर ही  बिताते हैं और कुछ लोग तो अपने काम के समय भी social media पर लगे रहते हैं और अगर आप सोशल मीडिया का फायदा उठाना चाहते हैं तो आप बहुत ही अच्छी तरीके से उठा सकते हैं इसके लिए आपको सोशल मीडिया में थोड़ा  समय बिताना होगा और आप लोगों को अपने ऑनलाइन सर्विस के बारे में बता सकते हैं और अगर आपका सर्विस पसंद आया तो उसे ले सकते हैं जिससे आपको दो तरह के फायदे होंगे पहला फायदा यह होगा कि आपका service sell हो जाएगा | [caption id="attachment_102" align="aligncenter" width="448"]                 Product promote best social media platform[/caption] दूसरा फायदा यह है आपको online market में लोग जानने लगेंगे और आपका sell increase होता जाएगा और आप एक अच्छे online service provider के रूप में जाने जाएंगे लेकिन आपको हमेशा यह बात ध्यान में रखना है कि आप जो भी service provide कर रहे हैं | वहां लोगों के लिए Helpful और trusted  हो ऐसा ना की आप लोगों को बेवकूफ बना रहे हैं तो आप थोड़े समय के लिए पैसे कमा सकते हैं लेकिन आपको लंबे समय के लिए सफल नहीं हो पाएंगे इसलिए आप ध्यान में रखिए कि आप हमेशा ऐसा service provide करें जिससे लोगों की मदद हो सके |  
बातचीत का अभाव, स्वार्थी उद्देश्य और लाभ, ये सभी शिक्षक-छात्र संबंधों के हिस्से में नहीं होते हैं, क्योंकि ये संबंध स्वार्थी हितों से अलग होते हैं। इन सभी के लिए कोई अवधि नहीं होती है। लेकिन कुछ दिन पहले, मैंने एक समाचार पत्र पढ़ा था जिसमें मैंने जो कुछ भी सोचा था वह उसके विपरीत ही था। ठाकुर विद्या मंदिर विद्यालय के एक प्रधानाचार्य और शिक्षक ने अपने पूर्व छात्रों को अपनी पत्नी की हत्या के लिए 50, 000 रुपये दिए। प्राधानाचार्य अपनी पत्नी को मारना चाहते थे, क्योंकि उनकी पत्नी ने उन पर उसी स्कूल की महिला छात्रों के साथ संबंध रखने के लिए संदेह किया था। उन छात्रों ने उनकी पत्नी को मार दिया और उनका शव फेंकने से पहले उसके शरीर को टुकड़ों में काट दिया था। जिसने निर्दयता की सीमा को पार कर दिया। नैतिक महत्व और मानकों में भी गिरावट आ गयी है, इस कारण अच्छे संबंध भी अप्रभावित नहीं टिक पा रहे हैं। हमें ऐसे शिक्षकों के बारे में विचार करना होगा, जो नैतिक मान्यता को स्थापित करने की बजाय इस तरह के अनैतिक संबंधों और ऐसे कुकर्मों को करते हैं। शिक्षकों और छात्रों के बारे में इस तरह की अधिक से अधिक खबरें आ रही हैं, हमें इस तथ्य से सहमत होना होगा कि शिक्षा का नैतिक मूल्य से कोई लेना देना नहीं है और इस तथ्य को भी सुनिश्चित करना होगा कि शिक्षक-छात्र संबंध की परिभाषा बदल रही है या बिगड़ रही है।
×