आज के समय में पैसे कामना बहुत मुश्किल हैं| थोड़ा सा पैसे कमाने के लिए बहुत मेहनत करनी पड़ती हैं| बहुत बार हमारे साथ यह प्रॉब्लम आती हैं की हम पैसे नहीं कमा पाते| भारत में जॉब मिलना बहुत मुश्किल हैं| अगर जॉब नहीं तो पैसे भी नहीं| पैसे कमाने के लिए भी रोजगार बहुत जरुरी हैं|अगर रोजगार नहीं तो पैसे भी नहीं| आज के समय में रोजगार बहुत ही महत्वपूर्ण हो गया हैं| अगर आपको जीवन चैन से जीना हैं तो पैसे कामना भी चाइये| अगर आपको कही जॉब नहीं मिल और आप पैसे कामना चाहते हैं तो चिंता मत करिये हमारे इस पोस्ट से आपको बहुत महत्वपूर्ण जानकारी मिलेगी|
URL Shortener का मतलब होता है किसी भी URL को short या छोटा कर देना. अब आप सोच रहे होंगे की URL को short करने की क्या जरुरत है और इससे पैसे कैसे कमाया जा सकता है. वैसे आपका सोचना भी बिलकुल ही जायज है. तब इसका जवाब है की लम्बे और बड़े URL किसी को भी पसंद नहीं होते हैं. ऐसे में अगर आप किसी के साथ कोई Link share करना भी चाहें तब भी आपको बड़े URL से जरुर घृणा होगी. ऐसे में URL Shortener बहुत ही ज्यादा काम आते हैं.
वेबसाइट को मोनेटाइजेशन के लिए सबसे अच्छा तरीका गूगल का एडसेंस प्रोग्राम है, जो विश्व का सबसे बढ़िया एड प्रोग्राम है. गूगल का एडसेंस आपके वेबसाइट के आर्टिकल पर विज्ञापन दिखाता है, जहां से घर बैठे पैसे कमाने के तरीके में बहुत ज्यादा पॉपुलर है. घर बैठे एक अच्छी इनकम कर सकते हैं. तो आप एक वेबसाइट कैसे शुरु करें और कैसे बनाएं इसके लिए बहुत सारे वीडियो भी यूट्यूब पर अवेलेबल है.

तो internet se paise kamane ke tarike in hindi या online paise kaise kamaye अब आपको इन सवालों के जबाव मिल गए होंगे. अगर आपके पैसे कमाने की इक्छा है तो आपके पास एक लैपटॉप होना जरुरी है. अगर आपके पास नया लैपटॉप कमाने के पैसे नहीं है तो आप पुराना लैपटॉप खरीद कर भी काम कर सकते है पुराना लैपटॉप आपको olx और quickr जैसी वेबसाइट में मोबाइल की कीमत में मिल जायेंगे.
हर व्यक्ति में एक ना एक टैलेंट जरूर होता है। माली जी अगर आपको राइटिंग का टैलेंट है। और आप लिखना पसंद करते हैं। तो आप किसी कंपनी के लिए टाइप कर सकते हैं। जैसे कि बहुत ऐसे कंपनी है। जो चाहते हैं कि उनके वेबसाइट पर हमेशा Article Updates होता रहे। उनके पास इतना टाइम नहीं होता है क्योंकि उनके पास और भी बहुत सारे बिजनेस होते हैं। वह चाहते हैं कि कोई ऐसा हमें मिले जो मेरी वेबसाइट पर हमेशा आर्टिकल डालते रहे। 🙂
online paise kaise kamaye ? आजकल ज्यादातर लोग Offline से ज्यादा Online कोर्स लेना पसंद कर रहे हैं। आखिर ऑनलाइन कोर्स होता क्या है? यह एक प्लेटफॉर्म है जहां लोग पैसे खर्च करके अपना मनपसंद Skills सीखते हैं। मान लीजिए आप को फोटोग्राफी में इंटरेस्ट है। तो यह सीखने के लिए आपको एक अकैडमी को ज्वाइन करना होगा। अब यह तो मुमकिन नहीं है कि आप जो पढ़ना यह सीखना चाहते हैं। वह आपको घर के आस-पास हो। इसके लिए आपको बाहर भी जाना पड़ सकता है। ऑनलाइन ट्यूशन के जरिए कोई भी घर बैठे अपना मनचाहा कोर्स ले सकता है। 🙂
कोई writing में अच्छा होता है तो कोई singing में. सबके पास अलग अलग कला होता है. हम दुशरो से वो चीज़ सीखते है जो हमे पता नहिं होता. वैसे ही आप अपनी talent के जरिये online आसानी से पैसे कमा पाएंगे, और ये कोई गलत बात भी नहिं है. तो आज के इस लेख में आप जानेंगे, ऑनलाइन पैसे कैसे कमाए. आगे बढ़ने से पहले में एक बात clear करना चाहता हूँ के, ये कोई झूट नहीं है; क्यूंकि में भी Internet के जरिये इतना पैसा कमा लेता हूँ, जिससे में आराम से अपनी जरूरतों को पूरा कर पाऊं.
उदाहरण के तौर पर जब आप इसी वेबसाइट जैसे makehindi.com को ओपन करते हो तो इस पोस्ट के ऊपर नीचे विज्ञापन लगे होते है जब आप इनके विज्ञापन पर क्लिक करते है तो makehindi.com को इससे पैसे मिलते है. इसी तरह आप भी कर सकते हैं. आप अपनी खुद की वेबसाइट बनाकर उस पर गूगल ऐडसेन्स से विज्ञापन लगवा सकते है और वेबसाइट से पैसे कमा सकते हो. बता दे कि वेबसाइट से करोड़ों लोग करोड़ों रूपये कमा रहे है.
एक पारंपरिक भारतीय व्यवस्था में गुरु-शिष्य का रिश्ता एक बहुत ही पवित्र रिश्ता माना जाता था, जहाँ गुरु या शिक्षक अपने छात्रों में, आध्यात्मिक, वैदिक, नैतिक और अकादमिक शिक्षाओं को संचारित करते थे। गुरु शब्द का अर्थ एक अंधेरे में फंसे हुए व्यक्ति को ज्योतिमान करना (गु का अर्थ है, अंधकार और रू का अर्थ प्रकाश) है। संपूर्ण उस समय शिक्षा का उद्देश्य उच्च नैतिक महत्व से संतुलित व्यक्तित्व में तथा अज्ञानता को एक ज्ञानता में बदलना होता था। इसके बदले में छात्र अपने गुरुओं के घर के कार्यों में सहायता करते थे और जो समर्थ होता था वह गुरू दक्षिणा के रूप में धन का भुगतान करता था। यह पारस्परिक संबंध शिक्षक के ज्ञान और छात्र की आज्ञाकारिता पर आधारित था। ऐसे गुरु-शिष्य संबंध में, एक सक्षम गुरु के कंधों पर सब कुछ छोड़ दिया जाता था, जो एक निर्माता के रूप में अभिनय करके, अपने शिष्यों या छात्रों को एक नई आकृति प्रदान करता था।
×