ऑनलाइन बुक राइटिंग – पहले जहाँ बुक लिखकर पब्लिश करवाना किसी टेढ़ी खीर जैसा मुश्किल लगता था वहीँ आज इंटरनेट के इस दौर में अगर आप अपनी बुक लिखना चाहते हैं तो बिना किसी खर्च के किसी भी ई बुक पब्लिशिंग वेबसाइट पर फ्री में अपनी ई-बुक पब्लिश करके ऑनलाइन बेच सकते हैं। अमेज़न, फ्लिपकार्ट, ईबे जैसी ई-कॉमर्स वेबसाइट पर ई -बुक्स को बड़ी आसानी से बेचा जा सकता है।

चोकसी ने वर्ष 2010 में नरेंद्र मोदी के गुजरात के सीएम रहने के दौरान अपने पीएचडी की शुरुआत की थी। उन्‍होंने बताया कि शुरुआती दौर में मोदी के सफल नेतृत्‍व को लेकर सवाल पूछे तो 51 फीसदी का जवाब सकारात्‍मक रहा। वहीं 34.25 फीसदी लोगों ने ना में जवाब दिया। इस दौरान 46.75 फीसदी लोगों ने कहा कि नेताओं को ऐसे फैसले लेने चाहिए जिससे लोगों का भला हो। इससे नेताओं की लोकप्रियता बढ़ती है।


आज की इस ऑनलाइन लाइफस्टाइल में इंटरनेट यूजर्स की संख्या बहुत ही तेज़ी से बढ़ी है और ऑनलाइन शॉपिंग से लेकर ऑनलाइन बिजनेस करने तक के ढेरों विकल्प अब हमारे सामने आ गये हैं। इसका सबसे बड़ा फायदा ये है कि अगर आपके पास एक यूनिक आईडिया है तो आप अपना ऑनलाइन बिजनेस बड़ी आसानी से शुरू कर सकते हैं और इस ऑनलाइन बिजनेस में कम इन्वेस्टमेंट के बावजूद भी आप कुछ ही समय में एक अच्छा अमाउंट कमा सकते हैं। ऐसे में आज बात करते हैं ऑनलाइन पैसे कैसे कमाएं और इसके लिए कौनसे विकल्प मौजूद हैं।

Internet या Online पर सामानों को Selling करना बहुत ही आसान होता है। आपको किसी भी अच्छे Online Shopping वेबसाइट पर Seller Account खोलना होगा और वहां अपने Products का एक Gallery बनाना होगा। बस और क्या आपके सामान लोगों को दिखने लगेंगे। सभी मौजूद Shopping Website आपके सामान के बिकने के बाद एक छोटी सी fees लेते हैं। सभी Shopping वेबसाइट Seller Account की सुविधा नहीं देते हैं। इस Topic के अंत में हमने कुछ अच्छे Shopping वेबसाइट का नाम बताया है जो इसकी सुविधा देते हैं।
कुछ लोगों को गूगल ऐडसेंस के बारे में कोई भी जानकारी नहीं होती है, जिसके कारण उनको पता ही नहीं होता है कि गूगल ऐडसेंस का इस्तेमाल करके पैसा कैसे कमाते हैं | दोस्तों गूगल ऐडसेंस गूगल का एक सबसे बेहतरीन जाना मना फ्री प्रोग्राम होता है जिसका इस्तेमाल करके लाखों लोग घर पर बैठकर लाखों रुपए कमाते हैं | गूगल ऐडसेंस एक ऐसा प्रोग्राम होता है जो हमारी खुद की साइट पर डालने के बाद लोग इस प्रोग्राम पर क्लिक करते हैं |
यह सिर्फ एक ही नहीं बल्कि कई कारकों का संयोजन है जो इस परिवर्तन को उत्पन्न करने का कारण है। आजकल, शिक्षण अब एक कर्तव्य नहीं, बल्कि पैसा कमाने का स्त्रोत बन गया है। स्कूलों और कॉलेजों के बाद शिक्षक निजी ट्यूशन (शिक्षण) केन्द्र चलाते हैं और ट्यूशन की कक्षाओं में प्रवेश लेने के लिए छात्रों को उकसाते भी हैं। यह सबसे सम्मानित शिक्षक-छात्र संबंधों को भी अपमानित कर रहा है, क्योंकि पैसा हमारे चरित्र को गंदा कर देता है। हम सब पैसे के पीछे भाग रहे हैं इसलिए शिक्षक भी ऐसा ही करते हैं। स्कूलों में उन्हें अच्छा पैसा नहीं दिया जाता है, इसलिए उन्हें ट्यूशन लेने के अतिरिक्त कोई दूसरा विकल्प दिखाई नहीं पड़ता है। इसके साथ ही, ग्रामीण स्कूलों और कुछ शहरी विद्यालयों की बुनियादी सुविधाओं की गुणवत्ता बहुत ही अनैतिक हो गई है। सुविधाओं की कमी इस समस्या को और बढ़ावा दे रही है। इसे रोकने के लिए, शिक्षकों को अच्छा पैसा दिया जाना चाहिए और बुनियादी सुविधाओं की गुणवत्ता में सुधार किया जाना चाहिए या प्रत्येक स्कूल को एक ही स्तर पर लाया जाना चाहिए।
अपने सपनों को साकार करने और जीवन में वित्तीय स्थिरता और स्वतंत्रता के महत्त्व के बारे में महिलाओं को शिक्षित करने के लिए के लिए श्यामा ने लगातार चार महीनों तक कई बैठकें कीं। श्यामा देवी द्वारा किए गए कभी न खत्म होने वाले प्रयासों के परिणामस्वरूप फतेहपुर गाँव की 10 महिला सदस्यों के साथ महिला जागृति समूह 19 सितंबर, 2012 को अपने आधिकारिक रूप में सामने आई। समूह का उद्देश्य था कि गाँव की महिलाएँ अपनी आजीविका के लिए कुछ पैसा कमाएँ। इसने महिला समूहों को बचत के रूप में 100 रुपए प्रति माह की राशि का योगदान दिया।
आपकी साइट जैसे जैसे पॉपुलर होते जाएगी वैसे वैसे ज्यादा लोग आपकी साइट पर विजिट करेंगे | जब कोई इंसान गूगल सर्च पर कोई बात सर्च करता है और यह बात सर्च करने के बाद आपकी साइट अगर ऊपर आती है तो आपने समझ जाना है कि आपकी साइट गूगल के बौट पर सही पोजीशन पर है | जिसके कारण कोई भी अननोन इंसान किसी भी बात को सर्च करने के बाद जो साइट पहले नंबर पर आती है उस पर क्लिक करता है |
इस दौरान, श्यामा देवी ने आसानी से उपलब्ध फसल/कच्चे माल के साथ कुछ स्थानीय व्यवसाय करने के बारे में जानने/सीखने के लिए भी महिला समूह बनाया। इस प्रक्रिया में, केवीके ने महिला समूहों को खाद्य पदार्थों की पैकेजिंग, संरक्षण तकनीक, मूल्य संवर्धन आदि के प्रशिक्षण के साथ-साथ ऐसे उत्पादों के विपणन के बारे में कुशलता से सीखने के लिए प्रेरित किया। इससे महिलाओं को आर्थिक रूप से स्थिर और स्वतंत्र बनने में मदद मिली।
 अगर ब्लॉगिंग और YouTube का कंपैरिजन किया जाए. तो मैं आपको Highly Recommend करूंगा, कि आप YouTube को ही सिलेक्ट करें. क्योंकि अगर आप ब्लॉगिंग चुनते हैं, तो आप को बहुत सी टेक्निकल चीजों को समझने की जरूरत होती है. जिसको सीखने में बहुत सारा टाइम लगता है. अगर मैं अपनी बात करूं तो मैं लगभग last 2 साल से ब्लॉगिंग सीख  रहा हूं. तब जाके अब कहीं ब्लॉगिंग को समझ पाया हूँ.

हेलो दोस्तों, मेरा नाम एस. के. सिन्हा है. मुझे ऑनलाइन डिजिटल मार्केटिंग तथा कर्रेंट न्यूज़ के बारे में पढ़ना और लोगो को बताना पसंद है. किसी नॉलेज का सबसे अच्छा इस्तेमाल यही है की उसे सीखो और दुसरो तक पंहुचा दो. हम यह यही करेंगे. अब जैसे जैसे इंटरनेट का इस्तेमाल बढ़ रहा है वैसे ही इंडिया भी डिजिटल होता जा रहा है. तो हम भी कुछ सीखेंगे कुछ सिखाएगे, इंडिया को थोड़ा और डिजिटल तथा युवाओ को ससकत बनायगे.
 जब आप किसी विषय या विशेषता पर बस जाते हैं, तो आपको अपने वेब प्लान ऑफ एक्शन के लिए एक व्यवस्था को नीचे गिराना और निर्देशित करना चाहिए। आप किस बाजार के बारे में कहेंगे कि आप किस पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, और आप उस शोकेस को कैसे परोस सकते हैं? यह वह बिंदु है जिसे आपको अधिक विशिष्ट बनाम बनाम काम करने की आवश्यकता है: मैं इस बाजार से सबसे अधिक नकदी-प्रवाह कैसे प्राप्त कर सकता हूं? (एक महान कई लोग इसे उल्टा कर देते हैं और बाद में निराश हो जाते हैं जब उनके लिए काम नहीं करता है)
×