इंटरनेट मार्केटिंग – इंटरनेट के इस ज़माने में मार्केटिंग में भी इंटरनेट की मदद की ज़रूरत पड़ती है। ऐसे में डिजिटल मार्केटिंग या इंटरनेट मार्केटिंग एक बहुत बड़ा एरिया बन गया है क्योंकि इंटरनेट पर मौजूद हर एक कंपनी या वेबसाइट को इस इंटरनेट मार्केटिंग का सहारा लेना ही पड़ता है। प्रोडक्ट्स, सर्विसेज, वेबसाइट, एप्प की ऑनलाइन मार्केटिंग का तरीका है इंटरनेट मार्केटिंग, जिसे बहुत आसानी से और कम समय में सीखा जा सकता है।
  Marketing और Advertising के लिए आप social media का सहारा ले सकते हैं क्योंकि आज का खाली समय में लोग social media पर ही  बिताते हैं और कुछ लोग तो अपने काम के समय भी social media पर लगे रहते हैं और अगर आप सोशल मीडिया का फायदा उठाना चाहते हैं तो आप बहुत ही अच्छी तरीके से उठा सकते हैं इसके लिए आपको सोशल मीडिया में थोड़ा  समय बिताना होगा और आप लोगों को अपने ऑनलाइन सर्विस के बारे में बता सकते हैं और अगर आपका सर्विस पसंद आया तो उसे ले सकते हैं जिससे आपको दो तरह के फायदे होंगे पहला फायदा यह होगा कि आपका service sell हो जाएगा | [caption id="attachment_102" align="aligncenter" width="448"]                 Product promote best social media platform[/caption] दूसरा फायदा यह है आपको online market में लोग जानने लगेंगे और आपका sell increase होता जाएगा और आप एक अच्छे online service provider के रूप में जाने जाएंगे लेकिन आपको हमेशा यह बात ध्यान में रखना है कि आप जो भी service provide कर रहे हैं | वहां लोगों के लिए Helpful और trusted  हो ऐसा ना की आप लोगों को बेवकूफ बना रहे हैं तो आप थोड़े समय के लिए पैसे कमा सकते हैं लेकिन आपको लंबे समय के लिए सफल नहीं हो पाएंगे इसलिए आप ध्यान में रखिए कि आप हमेशा ऐसा service provide करें जिससे लोगों की मदद हो सके |  
ऑनलाइन पैसे कमाने की शुरुआत करने के लिए ब्लॉगिंग सबसे अच्छा तरीका है। आप Blogger या Wix जैसे फ्री blogging platform पर अपना खुद का मुफ्त बनलॉग बना सकते हैं और 6 माह बाद AdSense अकाउंट के अप्‍लाई कर अच्छे-खासे पैसे कमाना शुरू कर सकते हैं। ब्लॉगिंग बहुत ही आसान है और सबसे बढ़िया बात यह हैं की यह काम अपनी नौकरी करते हुए पार्ट टाइम अपने मन मर्जी से कर सकते हैं।
आप ब्लॉगिंग (Blogging) से साथ साथ अफिलीयेट मार्केटिंग से भी पैसे कमा सकते हैं. जब आप ब्लॉगिंग कर गूगल एड्सेंस (Google Adsense) से पैसे कमा सकते हैं तो अफिलीयेट (Affiliate marketing) आपके लिए इससे भी आसान होगा. क्यूंकी गूगल एड्सेंस से पैसे कमाने का मतलब है की आपके ब्लॉग मैं अच्छा ख़ासा ट्रॅफिक आता है. तो ऐसे में आप किस चीज़ का इंतजार कर सकते हैं जल्दी से टॉप अफिलीयेट नेटवर्क्स में अप्लाइ करें और अपने ब्लॉग में अफिलीयेट से पैसे कमायें. अफिलीयेट मतलब बिना इनवेस्टमेंट के पैसे कामना Online without Investment Paise Kaise Kamaye.
इन नियमों के आधार पर यूट्यूब आपको आसानी से पैसा दे सकता है | ऐसा करते करते आपके चैनल पर लोग ज्यादा से ज्यादा विजिट करने लगेंगे, और ज्यादा से ज्यादा एडवरटाइजिंग देखेंगे जिससे आपका इंकम आसानी से शुरू हो जाएगा | जब आपका चैनल यूट्यूब के सारे टर्म एंड कंडीशन पूरे करता है और आपके चैनल का इनकम $१० पूरा हो जाता है तब गूगल ऐडसेंस आपके रजिस्टर एड्रेस पर एक लेटर भेजता है |
आप घर बैठे  ही online job करके आप online money पैसे कमा सकते हैं इसके लिए आपको बहुत सारे वेबसाइट मिल जाएंगे  जैसे:- Freelancer,upwork,indeed………..etc जिस पर आप काम करके आप पैसे कमा सकते हैं इसको करने के लिए  आपके पास skill होना बहुत जरूरी है यहां पर आप काम शुरु करने से पहले यह निश्चित कर लें कि जिस पर आप काम करने जा रहे हैं वह आपको  पैसा देती है या नहीं इसके लिए आप उस वेबसाइट के बारे में YouTube में, Google में search करके उसका performance report जरूर चेक कर ले |
आज की इस ऑनलाइन लाइफस्टाइल में इंटरनेट यूजर्स की संख्या बहुत ही तेज़ी से बढ़ी है और ऑनलाइन शॉपिंग से लेकर ऑनलाइन बिजनेस करने तक के ढेरों विकल्प अब हमारे सामने आ गये हैं। इसका सबसे बड़ा फायदा ये है कि अगर आपके पास एक यूनिक आईडिया है तो आप अपना ऑनलाइन बिजनेस बड़ी आसानी से शुरू कर सकते हैं और इस ऑनलाइन बिजनेस में कम इन्वेस्टमेंट के बावजूद भी आप कुछ ही समय में एक अच्छा अमाउंट कमा सकते हैं। ऐसे में आज बात करते हैं ऑनलाइन पैसे कैसे कमाएं और इसके लिए कौनसे विकल्प मौजूद हैं।
एक पारंपरिक भारतीय व्यवस्था में गुरु-शिष्य का रिश्ता एक बहुत ही पवित्र रिश्ता माना जाता था, जहाँ गुरु या शिक्षक अपने छात्रों में, आध्यात्मिक, वैदिक, नैतिक और अकादमिक शिक्षाओं को संचारित करते थे। गुरु शब्द का अर्थ एक अंधेरे में फंसे हुए व्यक्ति को ज्योतिमान करना (गु का अर्थ है, अंधकार और रू का अर्थ प्रकाश) है। संपूर्ण उस समय शिक्षा का उद्देश्य उच्च नैतिक महत्व से संतुलित व्यक्तित्व में तथा अज्ञानता को एक ज्ञानता में बदलना होता था। इसके बदले में छात्र अपने गुरुओं के घर के कार्यों में सहायता करते थे और जो समर्थ होता था वह गुरू दक्षिणा के रूप में धन का भुगतान करता था। यह पारस्परिक संबंध शिक्षक के ज्ञान और छात्र की आज्ञाकारिता पर आधारित था। ऐसे गुरु-शिष्य संबंध में, एक सक्षम गुरु के कंधों पर सब कुछ छोड़ दिया जाता था, जो एक निर्माता के रूप में अभिनय करके, अपने शिष्यों या छात्रों को एक नई आकृति प्रदान करता था।
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