तो internet se paise kamane ke tarike in hindi या online paise kaise kamaye अब आपको इन सवालों के जबाव मिल गए होंगे. अगर आपके पैसे कमाने की इक्छा है तो आपके पास एक लैपटॉप होना जरुरी है. अगर आपके पास नया लैपटॉप कमाने के पैसे नहीं है तो आप पुराना लैपटॉप खरीद कर भी काम कर सकते है पुराना लैपटॉप आपको olx और quickr जैसी वेबसाइट में मोबाइल की कीमत में मिल जायेंगे.

 अगर में अपनी बात करूं तो आज मैं जो आपके लिए ब्लॉक लिख रहा हूं. शायद इसमें से कुछ क्रेडिट रोहित मेवाड़ा को भी जाता है. रोहित के बाद तो जैसे हिंदी ब्लॉगर्स की लाइन ही लग गई. फिर लोगों के दिलों में जगह बनाने में कामयाब रहे, टेक्नोलॉजी ब्लॉगिंग के सफल ब्लॉगर जुम्मेदीन खान. जुमेदीन भाई ने ब्लॉगिंग से अच्छा पैसा तो कमाया ही साथ ही साथ लोगों की दिलो में अच्छी खासी जगह भी बनाई.
 अगर ब्लॉगिंग और YouTube का कंपैरिजन किया जाए. तो मैं आपको Highly Recommend करूंगा, कि आप YouTube को ही सिलेक्ट करें. क्योंकि अगर आप ब्लॉगिंग चुनते हैं, तो आप को बहुत सी टेक्निकल चीजों को समझने की जरूरत होती है. जिसको सीखने में बहुत सारा टाइम लगता है. अगर मैं अपनी बात करूं तो मैं लगभग last 2 साल से ब्लॉगिंग सीख  रहा हूं. तब जाके अब कहीं ब्लॉगिंग को समझ पाया हूँ.
इन नियमों के आधार पर यूट्यूब आपको आसानी से पैसा दे सकता है | ऐसा करते करते आपके चैनल पर लोग ज्यादा से ज्यादा विजिट करने लगेंगे, और ज्यादा से ज्यादा एडवरटाइजिंग देखेंगे जिससे आपका इंकम आसानी से शुरू हो जाएगा | जब आपका चैनल यूट्यूब के सारे टर्म एंड कंडीशन पूरे करता है और आपके चैनल का इनकम $१० पूरा हो जाता है तब गूगल ऐडसेंस आपके रजिस्टर एड्रेस पर एक लेटर भेजता है |

ऑनलाइन पैसे कमाने की शुरुआत करने के लिए ब्लॉगिंग सबसे अच्छा तरीका है। आप Blogger या Wix जैसे फ्री blogging platform पर अपना खुद का मुफ्त बनलॉग बना सकते हैं और 6 माह बाद AdSense अकाउंट के अप्‍लाई कर अच्छे-खासे पैसे कमाना शुरू कर सकते हैं। ब्लॉगिंग बहुत ही आसान है और सबसे बढ़िया बात यह हैं की यह काम अपनी नौकरी करते हुए पार्ट टाइम अपने मन मर्जी से कर सकते हैं।
लेकिन आज का परिदृश्य अब पहले की तरह नहीं रहा। यह पूरी तरह से बदल गया है। स्कूल जा रहे बच्चों के साथ, छेड़छाड़ और बलात्कार जैसे मामले और अन्य स्कूल संबंधी अपराधों के कई आत्मघाती मामले स्पष्ट रूप से दर्शा रहे हैं कि बहुत कुछ बदल चुका है। अगर हम समाचार पत्रों की हेडलाइंसों को देखते हैं तो हमें इस प्रकार की कई सुर्खियां दिखाई पड़ती हैं। चेन्नई में एक 10 वीं कक्षा की छात्रा ने शिक्षक द्वारा पिटाई और निर्वस्त्र होने से क्षुब्ध होकर आत्महत्या कर ली थी। दिल्ली में एक शिक्षक द्वारा एक छात्र पर डस्टर फेंकने के कारण उस छात्र ने अपनी आँखे खो दीं थीं और हाल यह हो गया है कि छात्र भी अपने शिक्षकों को नहीं छोड़ते। अपने शिक्षकों को मारने वाले छात्रों की खबरों को भी पूरे भारत में सुना गया है। कुछ अमीर छात्र बहुत ही अक्खड़ होते हैं और वे पैसों के घमंड़ में आकर अपने शिक्षकों का सम्मान भी नहीं करते हैं तथा अपने गुरू की बात पर ध्यान भी नहीं देते, कि वे क्या कह रहे हैं।
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