बातचीत का अभाव, स्वार्थी उद्देश्य और लाभ, ये सभी शिक्षक-छात्र संबंधों के हिस्से में नहीं होते हैं, क्योंकि ये संबंध स्वार्थी हितों से अलग होते हैं। इन सभी के लिए कोई अवधि नहीं होती है। लेकिन कुछ दिन पहले, मैंने एक समाचार पत्र पढ़ा था जिसमें मैंने जो कुछ भी सोचा था वह उसके विपरीत ही था। ठाकुर विद्या मंदिर विद्यालय के एक प्रधानाचार्य और शिक्षक ने अपने पूर्व छात्रों को अपनी पत्नी की हत्या के लिए 50, 000 रुपये दिए। प्राधानाचार्य अपनी पत्नी को मारना चाहते थे, क्योंकि उनकी पत्नी ने उन पर उसी स्कूल की महिला छात्रों के साथ संबंध रखने के लिए संदेह किया था। उन छात्रों ने उनकी पत्नी को मार दिया और उनका शव फेंकने से पहले उसके शरीर को टुकड़ों में काट दिया था। जिसने निर्दयता की सीमा को पार कर दिया। नैतिक महत्व और मानकों में भी गिरावट आ गयी है, इस कारण अच्छे संबंध भी अप्रभावित नहीं टिक पा रहे हैं। हमें ऐसे शिक्षकों के बारे में विचार करना होगा, जो नैतिक मान्यता को स्थापित करने की बजाय इस तरह के अनैतिक संबंधों और ऐसे कुकर्मों को करते हैं। शिक्षकों और छात्रों के बारे में इस तरह की अधिक से अधिक खबरें आ रही हैं, हमें इस तथ्य से सहमत होना होगा कि शिक्षा का नैतिक मूल्य से कोई लेना देना नहीं है और इस तथ्य को भी सुनिश्चित करना होगा कि शिक्षक-छात्र संबंध की परिभाषा बदल रही है या बिगड़ रही है।
प्रकृति में सक्रिय होने के कारण श्यामा देवी ने महिला जागृति समूह की स्थापना और शुरुआत की। अपने गाँव के महिला समूह के बीच आर्थिक बाधाओं और स्वतंत्रता की कमी की समस्याओं को महसूस करने पर, श्यामा देवी ने दृढ़ता से अपना पक्ष रखा और महिला स्व-सहायता समूहों पर कृषि विज्ञान केंद्र और ब्लॉक अधिकारियों द्वारा संबोधित की जाने वाली महिलाओं के एक समूह में शामिल हो गईं। केवीके और अन्य संबंधित विभागों से जानकारी इकट्ठा करके, श्यामा ने इन समूहों के बारे में अपनी साथी महिला ग्रामीणों को शिक्षित करने के लिए अपनी यात्रा शुरू की।
यदि आपको फोटोग्राफी का शौक है तो आप अपने फोटोग्राफी के शौक को पूरा करने के साथ इससे पैसे भी कमा सकते हो इसके लिए दो अच्छी वेबसाइट FOTOLIA.COM और SHUTTERSTOCK.COM हैं इनमे आप साइनअप करके अपने फोटो को बेच सकते हैं यहाँ पर आप अपने फोटोग्राफी की अच्छी कीमत पा सकते हो. वहीं पेंटिंग की बात करे तो सबसे अच्छा ऑप्शन EBAY.COM है जहां पर रजिस्ट्रेशन करके आप अपने पेंटिंग की अच्छी कीमत पा सकते हो.
यह वेबसाइट टेक्नोलॉजी से सम्बंधित सभी तरह का ज्ञान मुफ्त में प्रदान करने के लिए बनाया गया है | इस वेबसाईट के माध्यम से मैं राजकुमार सिंह (Subjectgo) आपको सभी तरह के तकनीकी ज्ञान मुफ्त में देने के लिए डिजाईन किया है | मैं इस वेबसाइट के माध्यम से मुफ्त में टेक्नोलॉजी से सम्बंधित ज्ञान जैसे: कंप्यूटर, इन्टरनेट, मोबाइल, सॉफ्टवेयर -ऐप्स इत्यादि चीजें सिखाने का पूरा कोशिश कर रहा हु |
एफिलिएट मार्केटिंग – अमेज़न और फ्लिपकार्ट जैसी लगभग हर ई-कॉमर्स कंपनी अपना एफिलिएटेड प्रोग्राम चलाती है। एफिलिएट मार्केटिंग में अपने ब्लॉग, वेबसाइट जैसे ऑनलाइन स्थानों पर विभिन्न प्रकार के प्रोडक्ट्स को प्रमोट करना होता है। ऐसा करने के बाद, जब भी कोई यूजर आपके द्वारा प्रमोट किये गए लिंक पर क्लिक करके कोई प्रोडक्ट खरीदता है तो उस प्रोडक्ट के मूल्य का कुछ प्रतिशत आपको कमीशन के रूप में मिल जाता है|
उन्‍होंने कहा, 'इस प्रश्‍नावली में कुल 32 सवाल थे। 450 लोगों से आए जवाबों पर निष्‍कर्ष निकला कि 25 फीसदी लोग मानते हैं कि मोदी के भाषण सबसे ज्‍यादा आकर्षित करते हैं। ज‍बकि 48 प्रतिशत ने माना कि पीएम मोदी की राजनीतिक मार्केटिंग सबसे अच्‍छी है।' वकालत की डिग्री हासिल करने वाले चोकसी ने वीर नर्मद साउथ यूनिवर्सिटी के आर्ट्स डिपार्टमेंट के टीचर नीलेश जोशी के निर्देशन में पीएचडी पूरा किया है।
मैंने यहाँ यूट्यूब से पैसे कमाने के जितने भी तरीकों के बारे में आपको जानकारी दिए हैं | आज के समय में यह यूट्यूब से पैसे कामाने में सबसे ज्यादा लोग उपयोग करते हैं और इसलिए यह सभी आईडिया 100% सही है | लेकिन इसे करना इतना आसान नही है और न ही इतना मुश्किल कि आप इसे कर न पायें | अगर आप यूट्यूब से पैसे ऑनलाइन घर बैठे कमाना चाहते है तो इन्हें इस्तेमाल करके जरुर कोशिश कीजिये और अगर आपको मुझसे कोई मदद इस से सम्बंधित चाहिए तो आप मुझसे संपर्क कर सकते हैं |
गुजरात के सूरत शहर के एक छात्र ने प्रधानमंत्री और गुजरात के मुख्‍यमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी पर अपनी पीएचडी थिसिस को पूरा कर उसे सबमिट कर दिया है। इस छात्र का नाम सुनेंगे तो आप चौंक जाएंगे। डॉक्‍टरेट के इस स्‍टूडेंट का नाम मेहुल चोकसी है। मजेदार बात है कि इस छात्र का नाम भी भगोड़े हीरा व्‍यापारी की तरह मेहुल चोकसी है, जिस पर बैंकों का हजारों करोड़ रुपये लेकर भाग जाने का आरोप है।
श्यामा ग्राम फतेहपुर, ब्लॉक विकासनगर, जिला देहरादून से संबंध रखती हैं। वह श्री त्रिलोक सिंह की विवाहिता है और एक हाउस-वाइफ (गृहस्वामिनी) है। श्यामा ऐसे गाँव में रहती हैं, जहाँ अशिक्षित होने के अलावा, महिलाओं को अपने पति की अनुमति के बिना अपने घरों से बाहर कदम रखने की भी अनुमति नहीं थी। यही हाल श्यामा का भी था, जिनके पति शराबी होने के कारण परिवार की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए भी पर्याप्त पैसा नहीं कमा पाते थे। अपनी मर्जी से श्री त्रिलोक से शादी करने के कारण, श्यामा का परिवार भी उनकी आर्थिक मदद करने से पीछे हटा रहा। फिर, वह समय आया जब श्री त्रिलोक को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा और उसके परिवार के लिए सब कुछ टूट गया। स्थिति यहाँ तक ​​बिगड़ गई कि उन्हें अपने अस्तित्व के लिए अपना घर भी बेचना पड़ा। यहाँ तक ​​कि उनके बच्चों को स्कूल की फीस का भुगतान न कर पाने के कारण उन्हें स्कूलों से निकाल दिया गया।  
कुछ माता-पिता अपने बच्चों पर बहुत अधिक ध्यान देते हैं और हमेशा यदि वे  कुछ गलत करें तो उन्हें रोकते हैं। लेकिन कुछ माता-पिता अपने बच्चों को उन सम्मानों को नहीं सिखाते हैं जो उन्हें अपने शिक्षकों को देना चाहिए। कुछ माता-पिता अपने बच्चों को महंगे फोन और अन्य ऐसे गैजेट (यंत्र) भी दे देते हैं जिससे वे अकड़ कर चलते हैं। इसलिए, बहुत से बच्चे अब शिक्षा के लिए, बल्कि केवल पैसे की धौंस दिखाने के लिए स्कूल जा रहे हैं। यही कारण है कि स्कूल जाने वाले बच्चों के साथ एमएमएस जैसी कई अनैतिक घटनाएं हो रही हैं। इसके अतिरिक्त बाहर काम करने वाले माता-पिता के पास अपने बच्चों के लिए समय कम होता है। वे इससे चिंतित रहते हैं कि उनके बच्चे क्या कर रहे हैं और किसके साथ वे अपना समय बिता रहे हैं। माता-पिता अपने समय को छोड़कर अपने बच्चों को सब कुछ देने का प्रयास करते हैं। लेकिन माता-पिता को माहौल के समय के महत्व का एहसास होना चाहिए।
×