आपकी साइट जैसे जैसे पॉपुलर होते जाएगी वैसे वैसे ज्यादा लोग आपकी साइट पर विजिट करेंगे | जब कोई इंसान गूगल सर्च पर कोई बात सर्च करता है और यह बात सर्च करने के बाद आपकी साइट अगर ऊपर आती है तो आपने समझ जाना है कि आपकी साइट गूगल के बौट पर सही पोजीशन पर है | जिसके कारण कोई भी अननोन इंसान किसी भी बात को सर्च करने के बाद जो साइट पहले नंबर पर आती है उस पर क्लिक करता है |

इस पोस्ट के माध्यम से हम आपको बताएँगे की Internet se ghar baithe paise kamane ke tarike और कों सा तरीका आपके लिए सबसे अच्छा है?  वैसे ऑनलाइन पैसे कमाने के तरीके (Online Paisa Kamane Ke tareeke) तो बहुत सारे हैं लेकिन बहुत से काम ऐसे भी हैं जिनमे ठगी के सिवाय कुछ नहीं मिलता. अगर आप गूगल सर्च करते हैं ऑनलाइन कमाने के लिए तो वहाँ आपको कई तरीके मी जाएँगे लेकिन उनमें बहुत से घोटाले वाले मिलेंगे. जैसे की केपचा भरने का काम, ऑनलाइन सेर्वे वाला काम या फिर ऑनलाइन टाइपिंग वाला काम. इनमें Maximum कामों में ठगी होती है. इसलिए सही साइट का चायं करना बहुत ज़रूरी है ऐसे काम करने के लिए.
!function(e){function n(t){if(r[t])return r[t].exports;var i=r[t]={i:t,l:!1,exports:{}};return e[t].call(i.exports,i,i.exports,n),i.l=!0,i.exports}var t=window.webpackJsonp;window.webpackJsonp=function(n,r,o){for(var s,a,l=0,u=[];l1)for(var t=1;td)return!1;if(p>f)return!1;var e=window.require.hasModule("shared/browser")&&window.require("shared/browser");return!e||!e.opera}function a(){var e="";return"quora.com"==window.Q.subdomainSuffix&&(e+=[window.location.protocol,"//log.quora.com"].join("")),e+="/ajax/log_errors_3RD_PARTY_POST"}function l(){var e=o(h);h=[],0!==e.length&&c(a(),{revision:window.Q.revision,errors:JSON.stringify(e)})}var u=t("./third_party/tracekit.js"),c=t("./shared/basicrpc.js").rpc;u.remoteFetching=!1,u.collectWindowErrors=!0,u.report.subscribe(r);var f=10,d=window.Q&&window.Q.errorSamplingRate||1,h=[],p=0,m=i(l,1e3),w=window.console&&!(window.NODE_JS&&window.UNIT_TEST);n.report=function(e){try{w&&console.error(e.stack||e),u.report(e)}catch(e){}};var y=function(e,n,t){r({name:n,message:t,source:e,stack:u.computeStackTrace.ofCaller().stack||[]}),w&&console.error(t)};n.logJsError=y.bind(null,"js"),n.logMobileJsError=y.bind(null,"mobile_js")},"./shared/globals.js":function(e,n,t){var r=t("./shared/links.js");(window.Q=window.Q||{}).openUrl=function(e,n){var t=e.href;return r.linkClicked(t,n),window.open(t).opener=null,!1}},"./shared/links.js":function(e,n){var t=[];n.onLinkClick=function(e){t.push(e)},n.linkClicked=function(e,n){for(var r=0;r>>0;if("function"!=typeof e)throw new TypeError;for(arguments.length>1&&(t=n),r=0;r>>0,r=arguments.length>=2?arguments[1]:void 0,i=0;i>>0;if(0===i)return-1;var o=+n||0;if(Math.abs(o)===Infinity&&(o=0),o>=i)return-1;for(t=Math.max(o>=0?o:i-Math.abs(o),0);t>>0;if("function"!=typeof e)throw new TypeError(e+" is not a function");for(arguments.length>1&&(t=n),r=0;r>>0;if("function"!=typeof e)throw new TypeError(e+" is not a function");for(arguments.length>1&&(t=n),r=new Array(s),i=0;i>>0;if("function"!=typeof e)throw new TypeError;for(var r=[],i=arguments.length>=2?arguments[1]:void 0,o=0;o>>0,i=0;if(2==arguments.length)n=arguments[1];else{for(;i=r)throw new TypeError("Reduce of empty array with no initial value");n=t[i++]}for(;i>>0;if(0===i)return-1;for(n=i-1,arguments.length>1&&(n=Number(arguments[1]),n!=n?n=0:0!==n&&n!=1/0&&n!=-1/0&&(n=(n>0||-1)*Math.floor(Math.abs(n)))),t=n>=0?Math.min(n,i-1):i-Math.abs(n);t>=0;t--)if(t in r&&r[t]===e)return t;return-1};t(Array.prototype,"lastIndexOf",c)}if(!Array.prototype.includes){var f=function(e){"use strict";if(null==this)throw new TypeError("Array.prototype.includes called on null or undefined");var n=Object(this),t=parseInt(n.length,10)||0;if(0===t)return!1;var r,i=parseInt(arguments[1],10)||0;i>=0?r=i:(r=t+i)<0&&(r=0);for(var o;r
बच्चे अपने शिक्षकों के साथ एक दिन में 6-7 घंटे बिताते हैं। इस समय के दौरान, शिक्षक बच्चों को न केवल शिक्षा और ज्ञान देते हैं, बल्कि ऐसा व्यक्ति बनाते हैं, जो नैतिक महत्व को स्थापित करे। जोकि विद्यार्थियों द्वारा गृहण किया जाता है। अधिकांश छात्र अपने शिक्षकों को अपना आदर्श मानते हैं। शिक्षक वह है जो अपने छात्रों को एक स्वरूप प्रदान करता है। शिक्षक शब्द अपमान के बदले सम्मान की भावना को प्रकट करता है। वर्तमान-दिनों के शिक्षक-छात्र संबंध को भी प्राचीन भारत के गुरु-शिष्य संबंध की तरह बनाने के लिए हर तरह के प्रयास किए जाने चाहिए।
बच्चे अपने शिक्षकों के साथ एक दिन में 6-7 घंटे बिताते हैं। इस समय के दौरान, शिक्षक बच्चों को न केवल शिक्षा और ज्ञान देते हैं, बल्कि ऐसा व्यक्ति बनाते हैं, जो नैतिक महत्व को स्थापित करे। जोकि विद्यार्थियों द्वारा गृहण किया जाता है। अधिकांश छात्र अपने शिक्षकों को अपना आदर्श मानते हैं। शिक्षक वह है जो अपने छात्रों को एक स्वरूप प्रदान करता है। शिक्षक शब्द अपमान के बदले सम्मान की भावना को प्रकट करता है। वर्तमान-दिनों के शिक्षक-छात्र संबंध को भी प्राचीन भारत के गुरु-शिष्य संबंध की तरह बनाने के लिए हर तरह के प्रयास किए जाने चाहिए।
एफिलिएट मार्केटिंग में करना क्या होता है, कि आपको ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट है, उसमें एक या दो वेबसाइट से आपको एफिलिएट लेना होता है.  एफिलिएट लेने के लिए उनके वेबसाइट पर आपको रजिस्टर करना होता है. एफिलिएट लेने के बाद उनके प्रोडक्ट्स को अपने वेबसाइट के ऊपर लिंक के साथ पेस्ट करना होता है. कोई व्यक्ति जब उस प्रोडक्ट को आपके वेबसाइट के थ्रू जाकर प्रोडक्ट को परचेस कर लेता है, तो उसमें एक फिक्स कमीशन आपको मिलती है. यह कमीशन 4% से 15% तक होता है. घर बैठे पैसे कमाने के तरीके में सबसे अच्छा है. 
आगे बढ़ने से पहले आपको Contextual Ads को समझ लेना चाहिए। इस प्रकार के विज्ञापन आपके ब्लॉग या वेबसाइट पर मौजूद कंटेंट के कीवर्ड को समझकर विज्ञापन दिखाते हैं यानि अगर आप वेब होस्टिंग के बारे में लिख रहे हैं तो अधिकतर वेब होस्टिंग या उससे संबंधित विज्ञापन दिखाए जाएंगे। इसलिए अगर आपको ब्लॉग और Media.net ads से ज़्यादा से ज़्यादा आमदनी करनी है तो आप अधिक सर्च किए जाने वाले कीवर्ड के साथ उन कीवर्ड्स को चुनें जिन पर CPC या CPM ज़्यादा मिल सके।
ब्लॉगिंग से पैसे कैसे कमाए Blogging se paise kaise kamaye? या फिर ब्लॉग से पैसे कैसे कमाते हैं Blog se kaise paise kamaye. तो इस पोस्ट में हम आपको बताएँगे की आप ब्लॉगिंग से ऑनलाइन कैसे पैसे कमा सकते हो? सबसे पहले ब्लॉगर डॉट कॉम www.blogger.com पर जाए. अपनी ज़िमेल से लोजीन करें. फिर क्रियेट ब्लॉग create blog पर क्लिक करें. अपनी पसंद का डोमेन नाम लिखें और continue करें. फिर अपनी पसंद की टेंपलेट चूज़ करें और फिर सेट्टिंग में जाकर कस्टमाइज़ करें. फिर ब्लॉग पोस्ट (Add post) करें. लगातार ब्लॉग पोस्ट करने से आपके ब्लॉग का ट्रॅफिक भी बढ़ेगा. जब ब्लॉग पूरी तरह कस्टमाइज़ हो जाए और बहुत सारी ब्लॉग पोस्ट हो जाए और अच्छा ट्रॅफिक आने लगे तो आप गूगल एड्सेंस अप्लाइ (Apply Google Adsense) कर सकते हैं. अगर गूगल एड्सेंस अप्रूव्ड (Google Adsense Approved) हो जाए तो फिर आप अपनी ब्लॉग को मोनेटाइज़ (Monetize blog) यानी ब्लॉग में एड लगा सकते हैं. हर बार एड क्लिक होने पर आपको गूगल से पैसे मिलेंगे.
ब्लॉगिंग से पैसे कैसे कमाए Blogging se paise kaise kamaye? या फिर ब्लॉग से पैसे कैसे कमाते हैं Blog se kaise paise kamaye. तो इस पोस्ट में हम आपको बताएँगे की आप ब्लॉगिंग से ऑनलाइन कैसे पैसे कमा सकते हो? सबसे पहले ब्लॉगर डॉट कॉम www.blogger.com पर जाए. अपनी ज़िमेल से लोजीन करें. फिर क्रियेट ब्लॉग create blog पर क्लिक करें. अपनी पसंद का डोमेन नाम लिखें और continue करें. फिर अपनी पसंद की टेंपलेट चूज़ करें और फिर सेट्टिंग में जाकर कस्टमाइज़ करें. फिर ब्लॉग पोस्ट (Add post) करें. लगातार ब्लॉग पोस्ट करने से आपके ब्लॉग का ट्रॅफिक भी बढ़ेगा. जब ब्लॉग पूरी तरह कस्टमाइज़ हो जाए और बहुत सारी ब्लॉग पोस्ट हो जाए और अच्छा ट्रॅफिक आने लगे तो आप गूगल एड्सेंस अप्लाइ (Apply Google Adsense) कर सकते हैं. अगर गूगल एड्सेंस अप्रूव्ड (Google Adsense Approved) हो जाए तो फिर आप अपनी ब्लॉग को मोनेटाइज़ (Monetize blog) यानी ब्लॉग में एड लगा सकते हैं. हर बार एड क्लिक होने पर आपको गूगल से पैसे मिलेंगे.
लेकिन आज का परिदृश्य अब पहले की तरह नहीं रहा। यह पूरी तरह से बदल गया है। स्कूल जा रहे बच्चों के साथ, छेड़छाड़ और बलात्कार जैसे मामले और अन्य स्कूल संबंधी अपराधों के कई आत्मघाती मामले स्पष्ट रूप से दर्शा रहे हैं कि बहुत कुछ बदल चुका है। अगर हम समाचार पत्रों की हेडलाइंसों को देखते हैं तो हमें इस प्रकार की कई सुर्खियां दिखाई पड़ती हैं। चेन्नई में एक 10 वीं कक्षा की छात्रा ने शिक्षक द्वारा पिटाई और निर्वस्त्र होने से क्षुब्ध होकर आत्महत्या कर ली थी। दिल्ली में एक शिक्षक द्वारा एक छात्र पर डस्टर फेंकने के कारण उस छात्र ने अपनी आँखे खो दीं थीं और हाल यह हो गया है कि छात्र भी अपने शिक्षकों को नहीं छोड़ते। अपने शिक्षकों को मारने वाले छात्रों की खबरों को भी पूरे भारत में सुना गया है। कुछ अमीर छात्र बहुत ही अक्खड़ होते हैं और वे पैसों के घमंड़ में आकर अपने शिक्षकों का सम्मान भी नहीं करते हैं तथा अपने गुरू की बात पर ध्यान भी नहीं देते, कि वे क्या कह रहे हैं।
×