ये कोई मजाक नहिं है. आप चाहे तो आसानी से online यानि Internet से पैसे कमा सकते है. दुनिया में ऐसे लाखो करोड़ों लोग है जो घर बैठे पैसे कमा रहे है. ना उनको बाहर जाना पड़ता है, ना ही किसीके निचे काम करना पड़ता है. पर इसके लिए भी कुछ talent यानि कला की जरुरत है. ऐसा नहिं है के आपके पास कोई talent नहिं है, उपरवाला हर किसीको कुछ ना कुछ talent दे कर धरती पे भेजता है. आपके पास जो talent है, आप उसके जरिये आसानी से पैसे कमा सकते है. बस आपको उसको पहचानने की जरुरत है.
केवीके ने महिला समूहों को सरकार की विभिन्न विकासात्मक योजनाओं जैसे कि टेक होम राशन आदि के बारे में जागरूक करने में मदद की। समूह भी राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के साथ जुड़ गया और अपने भविष्य के प्रयासों के लिए 1,00,000 रुपये की राशि प्राप्त की। अब समूह के सदस्यों ने विभिन्न आँगनबाड़ियों की आपूर्ति के लिए घर पर राशन की पैकेजिंग का काम शुरू कर दिया। एक सफल महिला के रूप में, श्यामा ने अन्य महिलाओं को प्रेरित किया और फलों और सब्जियों के संरक्षण जैसे अन्य क्षेत्रों पर काम करना शुरू किया। आज समूह का वार्षिक कारोबार 1,14,00,000.00 रुपये जबकि एक समूह के सदस्यों की कुल वार्षिक बचत लगभग 2,40,00.00 रुपये है। इसने उन्हें न केवल आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाया, बल्कि समाज की अन्य कमजोर गरीब महिलाओं के लिए भी संवेदनशील बनाया।
 अगर ब्लॉगिंग और YouTube का कंपैरिजन किया जाए. तो मैं आपको Highly Recommend करूंगा, कि आप YouTube को ही सिलेक्ट करें. क्योंकि अगर आप ब्लॉगिंग चुनते हैं, तो आप को बहुत सी टेक्निकल चीजों को समझने की जरूरत होती है. जिसको सीखने में बहुत सारा टाइम लगता है. अगर मैं अपनी बात करूं तो मैं लगभग last 2 साल से ब्लॉगिंग सीख  रहा हूं. तब जाके अब कहीं ब्लॉगिंग को समझ पाया हूँ.
गाँव के महिला समूहों के सशक्तिकरण में अपना योगदान प्रदान करने के लिए, कृषि विज्ञान केंद्र, ढकरानी ने श्यामा के साथ हाथ मिलाया और निर्धारित दिशा में अपना काम शुरू किया। इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए केवीके के अधिकारी समय-समय पर महिला जागृति समूह के सदस्यों के साथ बातचीत करते रहे। स्वयं को सशक्त बनाने के लिए महिला समूहों की उत्सुकता के बारे में जानने पर, केवीके अधिकारियों ने उन्हें नई और बेहतर कृषि पद्धतियों के बारे में जागरूक किया और उन तरीकों को भी अपनाने पर ज़ोर दिया जिनके द्वारा वे छोटे हस्तशिल्प वस्तु तैयार करके आर्थिक स्वतंत्रता प्राप्त कर सकते हैं।

सबसे पहले हमें, YouTube पर channel बनाना पड़ेगा. और फिर उसमे खुदके विडियो upload करने पड़ेंगे. याद रहे, वो विडियो तुम्हारे ही होने चाहिये. नहीं तो हमें copyright strike मिलेगा. और फिर हमें हमारे videos को monetize करके adsense से connect करना पड़ेगा. जिस्से हमारे विडियो पर विज्ञापन नजर आएगा. और जब भी कोई व्यक्ति इंसान, विडियो देखते समय ads पर click करेगा. हमे पैसे मिलेंगे.

हर कोई चाहता है पैसे कमाना. इसीलिए लोग Google में हर रोज ये search करते रहते है के, “ऑनलाइन पैसे कैसे कमाए“, “गूगल से पैसे कैसे कमाए“, “इंटरनेट से पैसे कैसे कमाए“, etc. लोगो को पैसे इसीलिए चाहिए, ताकि उनसे वो अपनी ज़रुरतो को पूरी कर सके. उम्र बढ़ने के साथ साथ एक ज़िम्मेदारी भी आ जाता है और अगर आप अभी से पैसे कमाने के तरीके के बारे में जान लेते है तो आपका तो चांदी ही चांदी है. लोग बहुत तरीको से पैसे कमाते है, जैसे job करके, अपने खुद का business start करके, या फिर online से. आप ये सोच रहे होंगे के How to make money Online? क्या ये सम्भब है, या फिर में मजाक कर रहा हूँ.


कुछ लोगों को गूगल ऐडसेंस के बारे में कोई भी जानकारी नहीं होती है, जिसके कारण उनको पता ही नहीं होता है कि गूगल ऐडसेंस का इस्तेमाल करके पैसा कैसे कमाते हैं | दोस्तों गूगल ऐडसेंस गूगल का एक सबसे बेहतरीन जाना मना फ्री प्रोग्राम होता है जिसका इस्तेमाल करके लाखों लोग घर पर बैठकर लाखों रुपए कमाते हैं | गूगल ऐडसेंस एक ऐसा प्रोग्राम होता है जो हमारी खुद की साइट पर डालने के बाद लोग इस प्रोग्राम पर क्लिक करते हैं |


ऑनलाइन पैसे कमाने की शुरुआत करने के लिए ब्लॉगिंग सबसे अच्छा तरीका है। आप Blogger या Wix जैसे फ्री blogging platform पर अपना खुद का मुफ्त बनलॉग बना सकते हैं और 6 माह बाद AdSense अकाउंट के अप्‍लाई कर अच्छे-खासे पैसे कमाना शुरू कर सकते हैं। ब्लॉगिंग बहुत ही आसान है और सबसे बढ़िया बात यह हैं की यह काम अपनी नौकरी करते हुए पार्ट टाइम अपने मन मर्जी से कर सकते हैं।
सामान बेचने के लिए आपको थोडा Marketing Skill सीखना पड़ेगा (जिससे आप अपने items को औरों से अच्छा बता सकते हैं). इसके विषय में आपको internet से जानकारी प्राप्त हो सकती है. यहाँ पर आपको दुसरे seller को थोडा study करना होगा की वो किस प्रकार से अपने चीज़ों के विषय में लिखते हैं, क्या price रखते हैं और कैसे उन चीज़ों का promotion करते हैं. इससे आप अपने brand की value को भी बढ़ा सकते हैं. इस काम में आप अपने friends और relatives की भी सहायता ले सकते हैं और उनसे पुरानी चीज़ें collect कर सकते हैं.
गरीबी के कारण, श्यामा और उनके साथी गाँव की महिलाएँ समूह के लिए 100 रुपए की छोटी राशि का भी योगदान नहीं कर पा रही थीं, जिसके कारण समूह टूट गया। ऐसी स्थिति में प्रत्येक सदस्य समूह से अपने नाम वापस लेने के लिए ब्लॉक अधिकारियों से संपर्क करने लगे। लेकिन, ऐसे समय में केवीके और ब्लॉक के अधिकारियों ने महिला समूहों को सफलतापूर्वक समूह चलाने के महत्त्व के बारे में शिक्षित किया और उनके उत्थान के लिए विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में उन्हें जागरूक किया। इसके बाद, महिला समूहों को उन 5 नियमों का पालन करने के लिए निर्देशित किया गया था जिनमें कहा गया था: साप्ताहिक बैठकें, साप्ताहिक बचत, साप्ताहिक ऋण, सही ऋण वापसी और रिकॉर्ड बनाए रखना। इस तरह के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए, समूह 1 जनवरी, 2014 को एक बार गठित हुआ, जिसमें श्यामा देवी के साथ 25 पुराने और नए सदस्य चुने गए। उनके नेतृत्व में, समूह को आय सृजन गतिविधियों के साथ समूह का कायाकल्प करने के लिए प्रेरित किया गया था।
यह सिर्फ एक ही नहीं बल्कि कई कारकों का संयोजन है जो इस परिवर्तन को उत्पन्न करने का कारण है। आजकल, शिक्षण अब एक कर्तव्य नहीं, बल्कि पैसा कमाने का स्त्रोत बन गया है। स्कूलों और कॉलेजों के बाद शिक्षक निजी ट्यूशन (शिक्षण) केन्द्र चलाते हैं और ट्यूशन की कक्षाओं में प्रवेश लेने के लिए छात्रों को उकसाते भी हैं। यह सबसे सम्मानित शिक्षक-छात्र संबंधों को भी अपमानित कर रहा है, क्योंकि पैसा हमारे चरित्र को गंदा कर देता है। हम सब पैसे के पीछे भाग रहे हैं इसलिए शिक्षक भी ऐसा ही करते हैं। स्कूलों में उन्हें अच्छा पैसा नहीं दिया जाता है, इसलिए उन्हें ट्यूशन लेने के अतिरिक्त कोई दूसरा विकल्प दिखाई नहीं पड़ता है। इसके साथ ही, ग्रामीण स्कूलों और कुछ शहरी विद्यालयों की बुनियादी सुविधाओं की गुणवत्ता बहुत ही अनैतिक हो गई है। सुविधाओं की कमी इस समस्या को और बढ़ावा दे रही है। इसे रोकने के लिए, शिक्षकों को अच्छा पैसा दिया जाना चाहिए और बुनियादी सुविधाओं की गुणवत्ता में सुधार किया जाना चाहिए या प्रत्येक स्कूल को एक ही स्तर पर लाया जाना चाहिए।
×