बहुत सारे लोग ४०-४५ उम्र के बाद भी पैसा कमाते हैं, हमारे देश के कुछ बच्चे तो ऐसे हैं जिनकी उम्र १४-१५ साल है लेकिन उनके पास बड़ी बड़ी कंपनी है | जिसके कारण वह ऑनलाइन ढेर सारा इनकम कमाते हैं और अपनी प्रॉपर्टी दुगुनी करते हैं | इसलिए घर पर ऑनलाइन तरीके से पैसा कमाना कोई बड़ी बात नहीं है, नीचे हम आपको ऑनलाइन पैसा कमाने के अन्य तरीके बताने वाले हैं जिनका इस्तेमाल करके आप आसानी से करोड़पति बन सकते हो |
कोई writing में अच्छा होता है तो कोई singing में. सबके पास अलग अलग कला होता है. हम दुशरो से वो चीज़ सीखते है जो हमे पता नहिं होता. वैसे ही आप अपनी talent के जरिये online आसानी से पैसे कमा पाएंगे, और ये कोई गलत बात भी नहिं है. तो आज के इस लेख में आप जानेंगे, ऑनलाइन पैसे कैसे कमाए. आगे बढ़ने से पहले में एक बात clear करना चाहता हूँ के, ये कोई झूट नहीं है; क्यूंकि में भी Internet के जरिये इतना पैसा कमा लेता हूँ, जिससे में आराम से अपनी जरूरतों को पूरा कर पाऊं.

 लेकिन YouTube पर ऐसा नहीं है. YouTube पर आप थोड़ी बहुत टेक्निकल नॉलेज से काम चला सकते है. जिसे आप आसानी से इंटरनेट के माध्यम से सीख सकते है. लेकिन अगर आप YouTube में करियर बनाना चाहते हैं, तो सबसे जरूरी बात आपके content यानी कि वीडियो में जान होनी चाहिए. अगर सीधी भाषा में कहें तो आपका content लोगों को पसंद आना चाहिए. जिससे आपके views increase हों और आपको रेगुलर ऑडियंस मिल सके.
वेबसाइट में आपको पहले पैसे लगाने पड़ते है लेकिन Youtube में आपको किसी भी तरह का पैसा लगाने की जरुरत नहीं है. आप यूट्यूब में अच्छे वीडियो डालकर पैसे कमा सकते हो. और ये वेबसाइट के बाद इन्टरनेट से पैसे कमाने के तरीके में सबसे अच्छा तरीका है. वेबसाइट और यूट्यूब में अंतर सिर्फ इतना है कि वेबसाइट में आपको लिखना पड़ता है जबकि इसमें आपको वीडियो बनाना पड़ता है दोनो में Google Adsense से विज्ञापन लगते है और जब कोई इन विज्ञापन पर क्लिक करता है तो आपको इसके पैसे मिलते हैं.
लेकिन आपको ध्यान रखना होगा कि उन्ही विषयों पर आर्टिकल्स लिखें जिसमे आपको उस विषय में एक्सपर्ट प्राप्त हो. ऐसे भारी-भरकम दिखावा में आकर कोई ऐसी सब्जेक्ट ना लें, जिस विषय पर आपको बाद में लिखना मुश्किल हो. आप उन्हीं चीजों पर लिखें जिसमें आप जानते हैं, तथा आपका उसमें लगातार इंटरेस्ट बना रहे लिखने के लिये. ब्लॉगिंग करने के लिए आपको ज्यादा कुछ करने की जरूरत नहीं है.
बातचीत का अभाव, स्वार्थी उद्देश्य और लाभ, ये सभी शिक्षक-छात्र संबंधों के हिस्से में नहीं होते हैं, क्योंकि ये संबंध स्वार्थी हितों से अलग होते हैं। इन सभी के लिए कोई अवधि नहीं होती है। लेकिन कुछ दिन पहले, मैंने एक समाचार पत्र पढ़ा था जिसमें मैंने जो कुछ भी सोचा था वह उसके विपरीत ही था। ठाकुर विद्या मंदिर विद्यालय के एक प्रधानाचार्य और शिक्षक ने अपने पूर्व छात्रों को अपनी पत्नी की हत्या के लिए 50, 000 रुपये दिए। प्राधानाचार्य अपनी पत्नी को मारना चाहते थे, क्योंकि उनकी पत्नी ने उन पर उसी स्कूल की महिला छात्रों के साथ संबंध रखने के लिए संदेह किया था। उन छात्रों ने उनकी पत्नी को मार दिया और उनका शव फेंकने से पहले उसके शरीर को टुकड़ों में काट दिया था। जिसने निर्दयता की सीमा को पार कर दिया। नैतिक महत्व और मानकों में भी गिरावट आ गयी है, इस कारण अच्छे संबंध भी अप्रभावित नहीं टिक पा रहे हैं। हमें ऐसे शिक्षकों के बारे में विचार करना होगा, जो नैतिक मान्यता को स्थापित करने की बजाय इस तरह के अनैतिक संबंधों और ऐसे कुकर्मों को करते हैं। शिक्षकों और छात्रों के बारे में इस तरह की अधिक से अधिक खबरें आ रही हैं, हमें इस तथ्य से सहमत होना होगा कि शिक्षा का नैतिक मूल्य से कोई लेना देना नहीं है और इस तथ्य को भी सुनिश्चित करना होगा कि शिक्षक-छात्र संबंध की परिभाषा बदल रही है या बिगड़ रही है।
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