सामान बेचने के लिए आपको थोडा Marketing Skill सीखना पड़ेगा (जिससे आप अपने items को औरों से अच्छा बता सकते हैं). इसके विषय में आपको internet से जानकारी प्राप्त हो सकती है. यहाँ पर आपको दुसरे seller को थोडा study करना होगा की वो किस प्रकार से अपने चीज़ों के विषय में लिखते हैं, क्या price रखते हैं और कैसे उन चीज़ों का promotion करते हैं. इससे आप अपने brand की value को भी बढ़ा सकते हैं. इस काम में आप अपने friends और relatives की भी सहायता ले सकते हैं और उनसे पुरानी चीज़ें collect कर सकते हैं.


श्यामा देवी अब स्वयं की कोशिश की बदौलत केवीके तथा आरएसईटीआई, शंकरपुर देहरादून से प्रशिक्षित होकर पेशेवर महिला बन गई हैं, क्योंकि वह न केवल अपने समूह की महिलाओं को सिखाती और शिक्षित करती हैं, बल्कि उत्तराखंड के विभिन्न जिलों की महिलाओं को भी सिखाती है। वह ओबीसी, आरएसईटीआई में मास्टर ट्रेनर है। एक सफल गृहिणी से लेकर एक सफल उद्यमी और एक विश्वसनीय परामर्शदाता तक, फतेहपुर गाँव की श्यामा देवी की कहानी एक प्रेरणादायक कहानी है कि कैसे ग्रामीण भारत की महिलाएँ अपने भाग्य को संभाल सकती हैं। श्यामा, एक महिला जो एक समय में अपनी दैनिक जरूरतों और अपने बच्चों की फीस का भुगतान करने में सक्षम नहीं थी, आज एक कार के साथ एक घर की मालकिन है।
आज की इस ऑनलाइन लाइफस्टाइल में इंटरनेट यूजर्स की संख्या बहुत ही तेज़ी से बढ़ी है और ऑनलाइन शॉपिंग से लेकर ऑनलाइन बिजनेस करने तक के ढेरों विकल्प अब हमारे सामने आ गये हैं। इसका सबसे बड़ा फायदा ये है कि अगर आपके पास एक यूनिक आईडिया है तो आप अपना ऑनलाइन बिजनेस बड़ी आसानी से शुरू कर सकते हैं और इस ऑनलाइन बिजनेस में कम इन्वेस्टमेंट के बावजूद भी आप कुछ ही समय में एक अच्छा अमाउंट कमा सकते हैं। ऐसे में आज बात करते हैं ऑनलाइन पैसे कैसे कमाएं और इसके लिए कौनसे विकल्प मौजूद हैं।
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2) Affiliate Marketing: ये होता है, दुशरो को चीजों को sell करने में मदद करना. जब आप online बिकने वाला कोई product को sell करने में मदद करते है, तो वो seller आपको commission देता है. आप बड़े बड़े e-commerce websites जैसे Flipkart, Amazon या फिर कोई hosting company के product को sell करवा के अच्छा खासा income कर सकते है. आप affilate marketing में Advertising से ज्यादा पैसे कमा सकते है.
केवीके ने महिला समूहों को सरकार की विभिन्न विकासात्मक योजनाओं जैसे कि टेक होम राशन आदि के बारे में जागरूक करने में मदद की। समूह भी राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के साथ जुड़ गया और अपने भविष्य के प्रयासों के लिए 1,00,000 रुपये की राशि प्राप्त की। अब समूह के सदस्यों ने विभिन्न आँगनबाड़ियों की आपूर्ति के लिए घर पर राशन की पैकेजिंग का काम शुरू कर दिया। एक सफल महिला के रूप में, श्यामा ने अन्य महिलाओं को प्रेरित किया और फलों और सब्जियों के संरक्षण जैसे अन्य क्षेत्रों पर काम करना शुरू किया। आज समूह का वार्षिक कारोबार 1,14,00,000.00 रुपये जबकि एक समूह के सदस्यों की कुल वार्षिक बचत लगभग 2,40,00.00 रुपये है। इसने उन्हें न केवल आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाया, बल्कि समाज की अन्य कमजोर गरीब महिलाओं के लिए भी संवेदनशील बनाया।
समझ लीजिए आपने किसी जॉब साइट को तैयार किया है और यह साइट बहुत ही जानी मानी है | इस साइट पर दिन भर में हजारों युसर्स आकर आपके पोस्ट देखते हैं | यह पोस्ट देखते समय आप आपके साइट पर गूगल ऐडसेंस के ऐड डाल सकते हो जिन पर क्लिक करके आपको गूगल ऑटोमेटिक पैसा देता है | जब आपके वेबसाइट के विजिटर्स ज्यादा से ज्यादा क्लिक करते हैं वैसे वैसे गूगल आपको पैसे देता है | गूगल ऐडसेंस के द्वारा लाखों रुपए कमाना आसान नहीं होता है, कुछ महीनों तक आपको आपके साइट पर ज्यादा से ज्यादा काम करना होता है |
 आपने पिछले कुछ सालों से नोटिस किया होगा, जैसे जैसे इंटरनेट यूजर्स ज्यादा बढ़ रहे है. वैसे वैसे ही Online Jobs भी बढ़ रही है. लेकिन कुछ सही तरीकों से ज्यादा ऑनलाइन स्कैम भी तेजी से बढ़ रहे हैं. मैं यह नहीं चाहता कि आप किसी Online स्कैम का शिकार बने. यहां मैं आपसे उन पांच तरीकों के बारे में बात करूंगा, जो पूरी तरह से सुरक्षित है और पूरी तरह से वर्क करते हैं. इन तरीकों का इस्तेमाल करके आप इंटरनेट से अच्छा पैसे और कैरियर दोनों बना सकते हैं. तो चलिए जानते है, उन 5 तरीकों के बारे में. जिनको आप इस्तेमाल करके आसानी से ऑनलाइन पैसे कमा सकते हैं.
श्यामा ग्राम फतेहपुर, ब्लॉक विकासनगर, जिला देहरादून से संबंध रखती हैं। वह श्री त्रिलोक सिंह की विवाहिता है और एक हाउस-वाइफ (गृहस्वामिनी) है। श्यामा ऐसे गाँव में रहती हैं, जहाँ अशिक्षित होने के अलावा, महिलाओं को अपने पति की अनुमति के बिना अपने घरों से बाहर कदम रखने की भी अनुमति नहीं थी। यही हाल श्यामा का भी था, जिनके पति शराबी होने के कारण परिवार की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए भी पर्याप्त पैसा नहीं कमा पाते थे। अपनी मर्जी से श्री त्रिलोक से शादी करने के कारण, श्यामा का परिवार भी उनकी आर्थिक मदद करने से पीछे हटा रहा। फिर, वह समय आया जब श्री त्रिलोक को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा और उसके परिवार के लिए सब कुछ टूट गया। स्थिति यहाँ तक ​​बिगड़ गई कि उन्हें अपने अस्तित्व के लिए अपना घर भी बेचना पड़ा। यहाँ तक ​​कि उनके बच्चों को स्कूल की फीस का भुगतान न कर पाने के कारण उन्हें स्कूलों से निकाल दिया गया।  
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आज के ज़माने में affiliate marketing कमाई करने का सबसे popular तरीका बन गया है. आप सोच रहे होंगे. आखिर affiliate marketing हे क्या? वो तो इस link के माध्याम से समझ सकते है. फिर भी अगर किसी e-commerce website को उसके product बेचने में help करना. जैसे amazon, flipkart, snapdeal etc. प्रोडक्ट्स बेचने में help करना और बदलेमे उनसे commission लेना. इसी पूरी process को affiliate marketing कहते है.

ये थे कुछ “Internet se paise kamane ke tarike in Hindi“. आशा करता हूँ आपको घर बैठे इन्टरनेट से ऑनलाइन पैसे कैसे कमाए से related कुछ जानकारी मिल गए होंगे. मैं इसी post में आगे ऐसे बहुत सारे आसान तरीको के बारे में update करता रहूँगा, जिससे आप आसानी से online पैसे कमा सकते हैं. आप चाहे तो इस page को bookmark कर लीजिये और अपना सुझाब निचे comment करना ना भूलें. आपको यह लेख इन्टरनेट से पैसे कैसे कमाए कैसा लगा हमें comment लिखकर जरूर बताएं ताकि हमें भी आपके विचारों से कुछ सीखने और कुछ सुधारने का मोका मिले. मेरे पोस्ट के प्रति अपनी प्रसन्नता और उत्त्सुकता को दर्शाने के लिए कृपया इस पोस्ट को Social Networks जैसे कि Facebook, Google+ और Twitter इत्यादि पर share कीजिये.

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यदि आप एक अच्छे विडियो क्रिएटर बन जाते हैं, तो एक आप एक अच्छी इनकम कर सकते हैं. यूट्यूब येसा ही ऑनलाइन प्लेटफार्म प्रदान करता है, जहां से आप अपने वीडियो को क्रिएट कर अपलोड कर सकते हैं. यदि आपके विडियो के उपर एक अच्छा ट्रैफिक आने लगता है, तो यूट्यूब आपके चैनल को मोनेटाइजेशन कर देता है, यानि आपकी वीडियो पर यूट्यूब उस पर विज्ञापन दिखाना शुरु कर देता है.
एक पारंपरिक भारतीय व्यवस्था में गुरु-शिष्य का रिश्ता एक बहुत ही पवित्र रिश्ता माना जाता था, जहाँ गुरु या शिक्षक अपने छात्रों में, आध्यात्मिक, वैदिक, नैतिक और अकादमिक शिक्षाओं को संचारित करते थे। गुरु शब्द का अर्थ एक अंधेरे में फंसे हुए व्यक्ति को ज्योतिमान करना (गु का अर्थ है, अंधकार और रू का अर्थ प्रकाश) है। संपूर्ण उस समय शिक्षा का उद्देश्य उच्च नैतिक महत्व से संतुलित व्यक्तित्व में तथा अज्ञानता को एक ज्ञानता में बदलना होता था। इसके बदले में छात्र अपने गुरुओं के घर के कार्यों में सहायता करते थे और जो समर्थ होता था वह गुरू दक्षिणा के रूप में धन का भुगतान करता था। यह पारस्परिक संबंध शिक्षक के ज्ञान और छात्र की आज्ञाकारिता पर आधारित था। ऐसे गुरु-शिष्य संबंध में, एक सक्षम गुरु के कंधों पर सब कुछ छोड़ दिया जाता था, जो एक निर्माता के रूप में अभिनय करके, अपने शिष्यों या छात्रों को एक नई आकृति प्रदान करता था।
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