Internet या Online पर सामानों को Selling करना बहुत ही आसान होता है। आपको किसी भी अच्छे Online Shopping वेबसाइट पर Seller Account खोलना होगा और वहां अपने Products का एक Gallery बनाना होगा। बस और क्या आपके सामान लोगों को दिखने लगेंगे। सभी मौजूद Shopping Website आपके सामान के बिकने के बाद एक छोटी सी fees लेते हैं। सभी Shopping वेबसाइट Seller Account की सुविधा नहीं देते हैं। इस Topic के अंत में हमने कुछ अच्छे Shopping वेबसाइट का नाम बताया है जो इसकी सुविधा देते हैं।

 अगर आप ब्लॉगिंग करना चाहते हैं. तो आप blogger blog से शुरू करिए. जो कि एकदम free of cost है. जब आप अच्छा कमाने लग जाए और आपको एक्स्ट्रा फीचर्स की जरूरत पढ़े तो आप wordpress पर शिफ्ट कर जाएं. जो कि ब्लॉगिंग का paid Platform है. जहां पर आपको कई एडवांस फीचर मिल जाएंगे जो आपके ब्लॉगिंग एक्सपीरियंस को काफी आसान बना देंगे. अगर आप ब्लॉगिंग के बारे में अधिक जानकारी चाहते हैं तो रवि भाई के ब्लॉग anytechinfo पर विजिट कर सकते हैं.
हर कोई चाहता है पैसे कमाना. इसीलिए लोग Google में हर रोज ये search करते रहते है के, “ऑनलाइन पैसे कैसे कमाए“, “गूगल से पैसे कैसे कमाए“, “इंटरनेट से पैसे कैसे कमाए“, etc. लोगो को पैसे इसीलिए चाहिए, ताकि उनसे वो अपनी ज़रुरतो को पूरी कर सके. उम्र बढ़ने के साथ साथ एक ज़िम्मेदारी भी आ जाता है और अगर आप अभी से पैसे कमाने के तरीके के बारे में जान लेते है तो आपका तो चांदी ही चांदी है. लोग बहुत तरीको से पैसे कमाते है, जैसे job करके, अपने खुद का business start करके, या फिर online से. आप ये सोच रहे होंगे के How to make money Online? क्या ये सम्भब है, या फिर में मजाक कर रहा हूँ.
इंटरनेट पर बहुत सारे वेबसाइट हैं, जहां आप अपने बनाए हुए वीडियो को अपलोड कर घर बैठे पैसे कमाने के तरीके में बहुत मजेदार है. तथा वहा से एक अच्छी आमदनी अर्न कर सकते हैं. वीडियो बनाना पैसा कमाने का एक अच्छा साधन बन सकता है. जिस सब्जेक्ट पर आप वीडियो बनाना चाहते हैं, तो उसके लिए पहले आपको एक सब्जेक्ट को चुनाव करना पड़ेगा. उसी सब्जेक्ट एक के ऊपर रहते हुए हर एक वीडियो को फोकस करना होगा.
गुजरात के सूरत शहर के एक छात्र ने प्रधानमंत्री और गुजरात के मुख्‍यमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी पर अपनी पीएचडी थिसिस को पूरा कर उसे सबमिट कर दिया है। इस छात्र का नाम सुनेंगे तो आप चौंक जाएंगे। डॉक्‍टरेट के इस स्‍टूडेंट का नाम मेहुल चोकसी है। मजेदार बात है कि इस छात्र का नाम भी भगोड़े हीरा व्‍यापारी की तरह मेहुल चोकसी है, जिस पर बैंकों का हजारों करोड़ रुपये लेकर भाग जाने का आरोप है।
इन रिकॉर्ड्स में मेडिकल हिस्ट्री व फिजिकल रिपोर्ट, क्लिनिक रिपोर्ट, ऑफिस नोट्स, ऑपरेटिव नोट्स, कंसल्टेशन नोट्स, डिस्चार्ज समरी, मनोचिकित्सक आकलन, पैथोलॉजी-लैब रिपोर्ट व एक्सरे रिपोर्ट(Medical History, Physical Report, Clinical Report, Office Notes, Operative Notes, Consultation Notes, Discharge Summary, Psychiatrist Assessment, Pathological and Lab Reports and X-Ray Reports) इत्यादि शामिल हैं।

नई दिल्ली, 7 जनवरी 2018- आजकल मोबाइल और इंटरनेट का जमाना है. हर कोई बिना मोबाइल और इंटरनेट के नही रह पता है. हर एक चीज़ मोबाइल से ही हो जाती है. जहाँ पहले के समय में हर कोई लंबी लंबी लाइन में लग कर बिजली बिल (Electricity bill online payment), फोन के बिल, पानी के बिल (Pay water bill online) यार फिर कोई सरकारी काम करना हो सभी का बहुत ज़्यादा टाइम बर्बाद होता था. आजकल मोबाइल और इंटरनेट के आ जाने से सभी का समय और पैसा बच जाता है. हर दिन 24 घंटों में बहुत सारा टाइम मोबाइल और इंटरनेट में ही चलाजाता है. WhatsApp या Facebook या फिर youtube हर कोई उसे करता है.
Topics : Make Money Onlineपैसे कमाए Share This : Share On FacebookShare to TwitterShare On Google PlusShare to PinterestShare On Linkedin About Author ( मेरे बारे मे )मेरा नाम Devisinh Sodha है. में Full Time Hindi Blogger , Seo Expert और Web Programmer हूँ. Pro Blog Hindi Blog उन लोगो की मदद के लिए बनाया गया है जो Blogging, Search Engine Optimizetion, Make Money Online, Blogspot, Wordpress और Programming सीखना चाहते है. Newer Post Older Post
एक पारंपरिक भारतीय व्यवस्था में गुरु-शिष्य का रिश्ता एक बहुत ही पवित्र रिश्ता माना जाता था, जहाँ गुरु या शिक्षक अपने छात्रों में, आध्यात्मिक, वैदिक, नैतिक और अकादमिक शिक्षाओं को संचारित करते थे। गुरु शब्द का अर्थ एक अंधेरे में फंसे हुए व्यक्ति को ज्योतिमान करना (गु का अर्थ है, अंधकार और रू का अर्थ प्रकाश) है। संपूर्ण उस समय शिक्षा का उद्देश्य उच्च नैतिक महत्व से संतुलित व्यक्तित्व में तथा अज्ञानता को एक ज्ञानता में बदलना होता था। इसके बदले में छात्र अपने गुरुओं के घर के कार्यों में सहायता करते थे और जो समर्थ होता था वह गुरू दक्षिणा के रूप में धन का भुगतान करता था। यह पारस्परिक संबंध शिक्षक के ज्ञान और छात्र की आज्ञाकारिता पर आधारित था। ऐसे गुरु-शिष्य संबंध में, एक सक्षम गुरु के कंधों पर सब कुछ छोड़ दिया जाता था, जो एक निर्माता के रूप में अभिनय करके, अपने शिष्यों या छात्रों को एक नई आकृति प्रदान करता था।
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