आपकी साइट जैसे जैसे पॉपुलर होते जाएगी वैसे वैसे ज्यादा लोग आपकी साइट पर विजिट करेंगे | जब कोई इंसान गूगल सर्च पर कोई बात सर्च करता है और यह बात सर्च करने के बाद आपकी साइट अगर ऊपर आती है तो आपने समझ जाना है कि आपकी साइट गूगल के बौट पर सही पोजीशन पर है | जिसके कारण कोई भी अननोन इंसान किसी भी बात को सर्च करने के बाद जो साइट पहले नंबर पर आती है उस पर क्लिक करता है |

लेकिन आपको ध्यान रखना होगा कि उन्ही विषयों पर आर्टिकल्स लिखें जिसमे आपको उस विषय में एक्सपर्ट प्राप्त हो. ऐसे भारी-भरकम दिखावा में आकर कोई ऐसी सब्जेक्ट ना लें, जिस विषय पर आपको बाद में लिखना मुश्किल हो. आप उन्हीं चीजों पर लिखें जिसमें आप जानते हैं, तथा आपका उसमें लगातार इंटरेस्ट बना रहे लिखने के लिये. ब्लॉगिंग करने के लिए आपको ज्यादा कुछ करने की जरूरत नहीं है.
Internet या Online पर सामानों को Selling करना बहुत ही आसान होता है। आपको किसी भी अच्छे Online Shopping वेबसाइट पर Seller Account खोलना होगा और वहां अपने Products का एक Gallery बनाना होगा। बस और क्या आपके सामान लोगों को दिखने लगेंगे। सभी मौजूद Shopping Website आपके सामान के बिकने के बाद एक छोटी सी fees लेते हैं। सभी Shopping वेबसाइट Seller Account की सुविधा नहीं देते हैं। इस Topic के अंत में हमने कुछ अच्छे Shopping वेबसाइट का नाम बताया है जो इसकी सुविधा देते हैं।
Affiliate Marketing सुरु करने केलिए आपको कोई invest करने की जरुरत नहिं है. आप अपना पहला selling e-commerce sites जैसे Flipkart और Amazon से सुरु कर सकते है. उनके affiliate program में join करने के बाद आपको हर product का एक affiliate link मिलेगा. जो किओ भी user उस link से वो product खरीदेगा, आपको उसकी कुछ percent commission मिलेगा. आप ये link अपने blog, video, social media और email से share कर सकते हैं.

आपकी साइट जैसे जैसे पॉपुलर होते जाएगी वैसे वैसे ज्यादा लोग आपकी साइट पर विजिट करेंगे | जब कोई इंसान गूगल सर्च पर कोई बात सर्च करता है और यह बात सर्च करने के बाद आपकी साइट अगर ऊपर आती है तो आपने समझ जाना है कि आपकी साइट गूगल के बौट पर सही पोजीशन पर है | जिसके कारण कोई भी अननोन इंसान किसी भी बात को सर्च करने के बाद जो साइट पहले नंबर पर आती है उस पर क्लिक करता है |


लेकिन आज का परिदृश्य अब पहले की तरह नहीं रहा। यह पूरी तरह से बदल गया है। स्कूल जा रहे बच्चों के साथ, छेड़छाड़ और बलात्कार जैसे मामले और अन्य स्कूल संबंधी अपराधों के कई आत्मघाती मामले स्पष्ट रूप से दर्शा रहे हैं कि बहुत कुछ बदल चुका है। अगर हम समाचार पत्रों की हेडलाइंसों को देखते हैं तो हमें इस प्रकार की कई सुर्खियां दिखाई पड़ती हैं। चेन्नई में एक 10 वीं कक्षा की छात्रा ने शिक्षक द्वारा पिटाई और निर्वस्त्र होने से क्षुब्ध होकर आत्महत्या कर ली थी। दिल्ली में एक शिक्षक द्वारा एक छात्र पर डस्टर फेंकने के कारण उस छात्र ने अपनी आँखे खो दीं थीं और हाल यह हो गया है कि छात्र भी अपने शिक्षकों को नहीं छोड़ते। अपने शिक्षकों को मारने वाले छात्रों की खबरों को भी पूरे भारत में सुना गया है। कुछ अमीर छात्र बहुत ही अक्खड़ होते हैं और वे पैसों के घमंड़ में आकर अपने शिक्षकों का सम्मान भी नहीं करते हैं तथा अपने गुरू की बात पर ध्यान भी नहीं देते, कि वे क्या कह रहे हैं।
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