आपको यह भी ध्यान रखना चाहिए हैं कि आप हमेशा सभी सर्वेक्षणों में भाग लेने के योग्य नहीं हैं। कुछ सर्वेक्षण अधिक विशिष्ट प्रकार के लोगों की तलाश में हो सकते हैं, और आप मानदंडों में फिट हो सकते हैं या नहीं हो सकते। फिर भी, अपने प्रोफ़ाइल को ठीक से भरें ताकि सर्वेक्षण पैनलों को आपकी बेहतर पहचान करने में मदद मिल सके और संभवत: आपके द्वारा भाग लेने के योग्य सर्वेक्षणों की संख्या में वृद्धि हो।
nice post apne bahut achi post daali hai. apki post se kafi logo ko ye pta chal hai ki scam ky hai or isse kese bach sakte hai. mere sath bhi do teen baar scam ho chuka hai. lekin pichle teen char saal se market me rahne k karan muje iski knowledge ho chuki h. ab me koi bhi kaam krta hu to kafi soch samaj ke dekh parkh kr ke kaam ko krta hai. me is post ko padhne wale k ek bolna chahunga ki koi bhi kaam kro to soch samaj ke kro. or khud ka faisla lo dusre ki baato m mat aao.
आज की इस ऑनलाइन लाइफस्टाइल में इंटरनेट यूजर्स की संख्या बहुत ही तेज़ी से बढ़ी है और ऑनलाइन शॉपिंग से लेकर ऑनलाइन बिजनेस करने तक के ढेरों विकल्प अब हमारे सामने आ गये हैं। इसका सबसे बड़ा फायदा ये है कि अगर आपके पास एक यूनिक आईडिया है तो आप अपना ऑनलाइन बिजनेस बड़ी आसानी से शुरू कर सकते हैं और इस ऑनलाइन बिजनेस में कम इन्वेस्टमेंट के बावजूद भी आप कुछ ही समय में एक अच्छा अमाउंट कमा सकते हैं। ऐसे में आज बात करते हैं ऑनलाइन पैसे कैसे कमाएं और इसके लिए कौनसे विकल्प मौजूद हैं।
यूट्यूब वर्ल्ड के नंबर वन आईटी कंपनी गूगल की सर्विस है, मतलब यूट्यूब गूगल का ही एक बड़ा हिस्सा है | कुछ लोगों को लगता है कि यूट्यूब पर काम करने से पैसा नहीं मिलता है, मतलब यूट्यूब फ्रॉड होता है | दोस्तों यूट्यूब का सारा कामकाज ऑनलाइन तरीके से होता है, यूट्यूब पर किसी भी जानकारी को अपलोड कर सकते हो | जिस इंसान को आपकी जानकारी पसंद आती है वह इंसान आपकी जानकारी लेता है |
कुछ लोगों को गूगल ऐडसेंस के बारे में कोई भी जानकारी नहीं होती है, जिसके कारण उनको पता ही नहीं होता है कि गूगल ऐडसेंस का इस्तेमाल करके पैसा कैसे कमाते हैं | दोस्तों गूगल ऐडसेंस गूगल का एक सबसे बेहतरीन जाना मना फ्री प्रोग्राम होता है जिसका इस्तेमाल करके लाखों लोग घर पर बैठकर लाखों रुपए कमाते हैं | गूगल ऐडसेंस एक ऐसा प्रोग्राम होता है जो हमारी खुद की साइट पर डालने के बाद लोग इस प्रोग्राम पर क्लिक करते हैं |

लेकिन आज का परिदृश्य अब पहले की तरह नहीं रहा। यह पूरी तरह से बदल गया है। स्कूल जा रहे बच्चों के साथ, छेड़छाड़ और बलात्कार जैसे मामले और अन्य स्कूल संबंधी अपराधों के कई आत्मघाती मामले स्पष्ट रूप से दर्शा रहे हैं कि बहुत कुछ बदल चुका है। अगर हम समाचार पत्रों की हेडलाइंसों को देखते हैं तो हमें इस प्रकार की कई सुर्खियां दिखाई पड़ती हैं। चेन्नई में एक 10 वीं कक्षा की छात्रा ने शिक्षक द्वारा पिटाई और निर्वस्त्र होने से क्षुब्ध होकर आत्महत्या कर ली थी। दिल्ली में एक शिक्षक द्वारा एक छात्र पर डस्टर फेंकने के कारण उस छात्र ने अपनी आँखे खो दीं थीं और हाल यह हो गया है कि छात्र भी अपने शिक्षकों को नहीं छोड़ते। अपने शिक्षकों को मारने वाले छात्रों की खबरों को भी पूरे भारत में सुना गया है। कुछ अमीर छात्र बहुत ही अक्खड़ होते हैं और वे पैसों के घमंड़ में आकर अपने शिक्षकों का सम्मान भी नहीं करते हैं तथा अपने गुरू की बात पर ध्यान भी नहीं देते, कि वे क्या कह रहे हैं।
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