आगे बढ़ने से पहले आपको Contextual Ads को समझ लेना चाहिए। इस प्रकार के विज्ञापन आपके ब्लॉग या वेबसाइट पर मौजूद कंटेंट के कीवर्ड को समझकर विज्ञापन दिखाते हैं यानि अगर आप वेब होस्टिंग के बारे में लिख रहे हैं तो अधिकतर वेब होस्टिंग या उससे संबंधित विज्ञापन दिखाए जाएंगे। इसलिए अगर आपको ब्लॉग और Media.net ads से ज़्यादा से ज़्यादा आमदनी करनी है तो आप अधिक सर्च किए जाने वाले कीवर्ड के साथ उन कीवर्ड्स को चुनें जिन पर CPC या CPM ज़्यादा मिल सके।
हेलो दोस्तों, मेरा नाम एस. के. सिन्हा है. मुझे ऑनलाइन डिजिटल मार्केटिंग तथा कर्रेंट न्यूज़ के बारे में पढ़ना और लोगो को बताना पसंद है. किसी नॉलेज का सबसे अच्छा इस्तेमाल यही है की उसे सीखो और दुसरो तक पंहुचा दो. हम यह यही करेंगे. अब जैसे जैसे इंटरनेट का इस्तेमाल बढ़ रहा है वैसे ही इंडिया भी डिजिटल होता जा रहा है. तो हम भी कुछ सीखेंगे कुछ सिखाएगे, इंडिया को थोड़ा और डिजिटल तथा युवाओ को ससकत बनायगे.
चोकसी ने वर्ष 2010 में नरेंद्र मोदी के गुजरात के सीएम रहने के दौरान अपने पीएचडी की शुरुआत की थी। उन्‍होंने बताया कि शुरुआती दौर में मोदी के सफल नेतृत्‍व को लेकर सवाल पूछे तो 51 फीसदी का जवाब सकारात्‍मक रहा। वहीं 34.25 फीसदी लोगों ने ना में जवाब दिया। इस दौरान 46.75 फीसदी लोगों ने कहा कि नेताओं को ऐसे फैसले लेने चाहिए जिससे लोगों का भला हो। इससे नेताओं की लोकप्रियता बढ़ती है।
 अगर आप को वीडियो बनाने के बारे में ज्यादा नॉलेज नहीं है, तो कोई बात नहीं. आपको YouTube पर ऐसे हजारों वीडियो मिल जाएंगे, जो आपकी प्रॉब्लम को बड़ी आसानी से सॉल्व कर देंगे. आपको यह जानकर आश्चर्य होगा, कि इंडिया में ऐसे बहुत से YouTuber हैं. जो YouTube के माध्यम से लाखों रुपए महीने का कमा रहे हैं. अगर आप कुछ क्रिएटिव कर सकते हैं YouTube आपके लिए गोल्ड से भी ज्यादा सुनहरा अवसर है.
इंटरनेट में आपको ऐसे बहुत सारे वेबसाइट मिल जाएंगे। जहां लोग अपना ऑनलाइन कोर्स लेते हैं। Udemy एक बेहतर प्लेटफॉर्म है आपके नॉलेज को शेयर करने का। यहां रजिस्टर करके आप अपने कंपलीट कोर्स वीडियो और डाक्यूमेंट्स के जरिए अपलोड कर सकते हैं। फिर आपको उस कोर्स की एक Price सेट करना पड़ेगा। जो कोई भी आप का कोर्स लेना चाहेगा वह Udemy के जरिए पेमेंट करके जब और जहां चाहे उसे पढ़ पाएंगे। Udemy कुछ कमीशन रख कर आपको आपका पेमेंट आपके बैंक में दे देता है। 🙂
लेकिन आज का परिदृश्य अब पहले की तरह नहीं रहा। यह पूरी तरह से बदल गया है। स्कूल जा रहे बच्चों के साथ, छेड़छाड़ और बलात्कार जैसे मामले और अन्य स्कूल संबंधी अपराधों के कई आत्मघाती मामले स्पष्ट रूप से दर्शा रहे हैं कि बहुत कुछ बदल चुका है। अगर हम समाचार पत्रों की हेडलाइंसों को देखते हैं तो हमें इस प्रकार की कई सुर्खियां दिखाई पड़ती हैं। चेन्नई में एक 10 वीं कक्षा की छात्रा ने शिक्षक द्वारा पिटाई और निर्वस्त्र होने से क्षुब्ध होकर आत्महत्या कर ली थी। दिल्ली में एक शिक्षक द्वारा एक छात्र पर डस्टर फेंकने के कारण उस छात्र ने अपनी आँखे खो दीं थीं और हाल यह हो गया है कि छात्र भी अपने शिक्षकों को नहीं छोड़ते। अपने शिक्षकों को मारने वाले छात्रों की खबरों को भी पूरे भारत में सुना गया है। कुछ अमीर छात्र बहुत ही अक्खड़ होते हैं और वे पैसों के घमंड़ में आकर अपने शिक्षकों का सम्मान भी नहीं करते हैं तथा अपने गुरू की बात पर ध्यान भी नहीं देते, कि वे क्या कह रहे हैं।
×