कुछ माता-पिता अपने बच्चों पर बहुत अधिक ध्यान देते हैं और हमेशा यदि वे  कुछ गलत करें तो उन्हें रोकते हैं। लेकिन कुछ माता-पिता अपने बच्चों को उन सम्मानों को नहीं सिखाते हैं जो उन्हें अपने शिक्षकों को देना चाहिए। कुछ माता-पिता अपने बच्चों को महंगे फोन और अन्य ऐसे गैजेट (यंत्र) भी दे देते हैं जिससे वे अकड़ कर चलते हैं। इसलिए, बहुत से बच्चे अब शिक्षा के लिए, बल्कि केवल पैसे की धौंस दिखाने के लिए स्कूल जा रहे हैं। यही कारण है कि स्कूल जाने वाले बच्चों के साथ एमएमएस जैसी कई अनैतिक घटनाएं हो रही हैं। इसके अतिरिक्त बाहर काम करने वाले माता-पिता के पास अपने बच्चों के लिए समय कम होता है। वे इससे चिंतित रहते हैं कि उनके बच्चे क्या कर रहे हैं और किसके साथ वे अपना समय बिता रहे हैं। माता-पिता अपने समय को छोड़कर अपने बच्चों को सब कुछ देने का प्रयास करते हैं। लेकिन माता-पिता को माहौल के समय के महत्व का एहसास होना चाहिए।
आज के समय में पैसे कामना बहुत मुश्किल हैं| थोड़ा सा पैसे कमाने के लिए बहुत मेहनत करनी पड़ती हैं| बहुत बार हमारे साथ यह प्रॉब्लम आती हैं की हम पैसे नहीं कमा पाते| भारत में जॉब मिलना बहुत मुश्किल हैं| अगर जॉब नहीं तो पैसे भी नहीं| पैसे कमाने के लिए भी रोजगार बहुत जरुरी हैं|अगर रोजगार नहीं तो पैसे भी नहीं| आज के समय में रोजगार बहुत ही महत्वपूर्ण हो गया हैं| अगर आपको जीवन चैन से जीना हैं तो पैसे कामना भी चाइये| अगर आपको कही जॉब नहीं मिल और आप पैसे कामना चाहते हैं तो चिंता मत करिये हमारे इस पोस्ट से आपको बहुत महत्वपूर्ण जानकारी मिलेगी|
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online paise kaise kamaye ? आजकल ज्यादातर लोग Offline से ज्यादा Online कोर्स लेना पसंद कर रहे हैं। आखिर ऑनलाइन कोर्स होता क्या है? यह एक प्लेटफॉर्म है जहां लोग पैसे खर्च करके अपना मनपसंद Skills सीखते हैं। मान लीजिए आप को फोटोग्राफी में इंटरेस्ट है। तो यह सीखने के लिए आपको एक अकैडमी को ज्वाइन करना होगा। अब यह तो मुमकिन नहीं है कि आप जो पढ़ना यह सीखना चाहते हैं। वह आपको घर के आस-पास हो। इसके लिए आपको बाहर भी जाना पड़ सकता है। ऑनलाइन ट्यूशन के जरिए कोई भी घर बैठे अपना मनचाहा कोर्स ले सकता है। 🙂


यूट्यूब वर्ल्ड के नंबर वन आईटी कंपनी गूगल की सर्विस है, मतलब यूट्यूब गूगल का ही एक बड़ा हिस्सा है | कुछ लोगों को लगता है कि यूट्यूब पर काम करने से पैसा नहीं मिलता है, मतलब यूट्यूब फ्रॉड होता है | दोस्तों यूट्यूब का सारा कामकाज ऑनलाइन तरीके से होता है, यूट्यूब पर किसी भी जानकारी को अपलोड कर सकते हो | जिस इंसान को आपकी जानकारी पसंद आती है वह इंसान आपकी जानकारी लेता है |
बातचीत का अभाव, स्वार्थी उद्देश्य और लाभ, ये सभी शिक्षक-छात्र संबंधों के हिस्से में नहीं होते हैं, क्योंकि ये संबंध स्वार्थी हितों से अलग होते हैं। इन सभी के लिए कोई अवधि नहीं होती है। लेकिन कुछ दिन पहले, मैंने एक समाचार पत्र पढ़ा था जिसमें मैंने जो कुछ भी सोचा था वह उसके विपरीत ही था। ठाकुर विद्या मंदिर विद्यालय के एक प्रधानाचार्य और शिक्षक ने अपने पूर्व छात्रों को अपनी पत्नी की हत्या के लिए 50, 000 रुपये दिए। प्राधानाचार्य अपनी पत्नी को मारना चाहते थे, क्योंकि उनकी पत्नी ने उन पर उसी स्कूल की महिला छात्रों के साथ संबंध रखने के लिए संदेह किया था। उन छात्रों ने उनकी पत्नी को मार दिया और उनका शव फेंकने से पहले उसके शरीर को टुकड़ों में काट दिया था। जिसने निर्दयता की सीमा को पार कर दिया। नैतिक महत्व और मानकों में भी गिरावट आ गयी है, इस कारण अच्छे संबंध भी अप्रभावित नहीं टिक पा रहे हैं। हमें ऐसे शिक्षकों के बारे में विचार करना होगा, जो नैतिक मान्यता को स्थापित करने की बजाय इस तरह के अनैतिक संबंधों और ऐसे कुकर्मों को करते हैं। शिक्षकों और छात्रों के बारे में इस तरह की अधिक से अधिक खबरें आ रही हैं, हमें इस तथ्य से सहमत होना होगा कि शिक्षा का नैतिक मूल्य से कोई लेना देना नहीं है और इस तथ्य को भी सुनिश्चित करना होगा कि शिक्षक-छात्र संबंध की परिभाषा बदल रही है या बिगड़ रही है।
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