इंटरनेट से पैसे कमाना चाहते हैं। वह भी ऑनलाइन तो ब्लॉगिंग जो है No-1 पर आता है। यह बहुत अच्छा प्लेटफार्म में बहुत ही जल्दी इसमें अच्छे पैसे कमा सकते हैं। ब्लॉगिंग में क्या करना होता है कि, अगर आपके पास Wrtting Skills है। तो आप अच्छे से इसमें पोस्ट लिखकर अच्छे खासे पैसे कमा सकते हैं। ब्लॉगिंग में अगर पैसे इन्वेस्टमेंट की बात करें तो बहुत कम इन्वेस्ट होता है। और जब पैसे आने लगते हैं। तो काफी अच्छे खासे पैसे आने लगते हैं। 🙂
 इसमें निवेश, काम और लगातार और विश्वसनीय दोनों की आवश्यकता होती है। एक ऑनलाइन व्यवसाय कुछ अन्य व्यवसाय के बराबर है जिसमें इसे कार्रवाई के लिए तैयार करने के लिए आपके हिस्से पर एक उद्यम की आवश्यकता होती है। ऑनलाइन व्यापार का सकारात्मक पक्ष यह है कि इसमें कार्रवाई की अधिकांश पारंपरिक डिस्कनेक्ट योजनाओं की तुलना में बहुत कम निवेश और नकदी की आवश्यकता होती है। ऑनलाइन घर से पैसे कमाएँ
एफिलिएट मार्केटिंग में करना क्या होता है, कि आपको ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट है, उसमें एक या दो वेबसाइट से आपको एफिलिएट लेना होता है.  एफिलिएट लेने के लिए उनके वेबसाइट पर आपको रजिस्टर करना होता है. एफिलिएट लेने के बाद उनके प्रोडक्ट्स को अपने वेबसाइट के ऊपर लिंक के साथ पेस्ट करना होता है. कोई व्यक्ति जब उस प्रोडक्ट को आपके वेबसाइट के थ्रू जाकर प्रोडक्ट को परचेस कर लेता है, तो उसमें एक फिक्स कमीशन आपको मिलती है. यह कमीशन 4% से 15% तक होता है. घर बैठे पैसे कमाने के तरीके में सबसे अच्छा है. 
अभी तक भले ही आप अपने आइडियाज को लांच करने में झिझक महसूस करते आये हों लेकिन अब आप जान चुके हैं कि ऑनलाइन बिज़नेस वो ऑप्शन है जिसमें आपको बहुत ज्यादा इन्वेस्ट करने की जरुरत नहीं है। थोड़ा पैसा और थोड़ा समय इन्वेस्ट करके भी आप इस बिजनेस को शुरू कर सकते हैं और अपने यूनिक आइडियाज और क्रिएटिव टैलेंट के दम पर आप इस बिजनेस को किस मुकाम पर ले जा सकते हैं, ये तो आपके अपने हाथ में है।
दुनिया भर में ब्लॉगिंग बढ़ती जा रही है, जिससे लोग ढेर सारा पैसा कमाते हैं इसलिए हर किसी ने ब्लॉगिंग से पैसे कैसे कमाते हैं के बारे में जानकारी जानना चाहिए | अगर आप ब्लॉगिंग से ऑनलाइन बिजनेस करना चाहते हो तो आसानी से आप एक दो लाख रुपये महीना कमा सकते हो | कुछ लोग तो ऐसे हैं जो ब्लॉगिंग का इस्तेमाल करके करोड़ों रुपए कमा लेते हैं, ब्लॉगिंग का मतलब होता है कि हमारी खुद की साइट बनाना अगर आपकी वेबसाइट हेल्थ स्पोर्ट्स या किसी भी विषय पर काम करती है तो आसानी से आप इस साइट पर रोजाना काम करके आपकी साइट को ऊपर ले जा सकते हो |

बातचीत का अभाव, स्वार्थी उद्देश्य और लाभ, ये सभी शिक्षक-छात्र संबंधों के हिस्से में नहीं होते हैं, क्योंकि ये संबंध स्वार्थी हितों से अलग होते हैं। इन सभी के लिए कोई अवधि नहीं होती है। लेकिन कुछ दिन पहले, मैंने एक समाचार पत्र पढ़ा था जिसमें मैंने जो कुछ भी सोचा था वह उसके विपरीत ही था। ठाकुर विद्या मंदिर विद्यालय के एक प्रधानाचार्य और शिक्षक ने अपने पूर्व छात्रों को अपनी पत्नी की हत्या के लिए 50, 000 रुपये दिए। प्राधानाचार्य अपनी पत्नी को मारना चाहते थे, क्योंकि उनकी पत्नी ने उन पर उसी स्कूल की महिला छात्रों के साथ संबंध रखने के लिए संदेह किया था। उन छात्रों ने उनकी पत्नी को मार दिया और उनका शव फेंकने से पहले उसके शरीर को टुकड़ों में काट दिया था। जिसने निर्दयता की सीमा को पार कर दिया। नैतिक महत्व और मानकों में भी गिरावट आ गयी है, इस कारण अच्छे संबंध भी अप्रभावित नहीं टिक पा रहे हैं। हमें ऐसे शिक्षकों के बारे में विचार करना होगा, जो नैतिक मान्यता को स्थापित करने की बजाय इस तरह के अनैतिक संबंधों और ऐसे कुकर्मों को करते हैं। शिक्षकों और छात्रों के बारे में इस तरह की अधिक से अधिक खबरें आ रही हैं, हमें इस तथ्य से सहमत होना होगा कि शिक्षा का नैतिक मूल्य से कोई लेना देना नहीं है और इस तथ्य को भी सुनिश्चित करना होगा कि शिक्षक-छात्र संबंध की परिभाषा बदल रही है या बिगड़ रही है।
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