Media.net विज्ञापन दिखाने के लिए आपको उनकी साइट पर जाकर आवेदन करना होगा। Media.net company आवेदन को रिव्यू करती है। आपके लिए यह जानना बहुत ज़रूरी है कि मीडिया नेट सभी भाषाओं और देशों के ट्रैफिक के लिए काम नहीं करता है। यह प्रमुख रूप से अंग्रेजी और अमेरिका, कनाडा और यूरोप से ट्रैफ़िक पाने वाले ब्लॉग को चुनना पसंद करते हैं। लेकिन हिंदी साइट पर विज्ञापन भी मिल सकता है। मुझे एक हिंदी साइट के लिए विज्ञापन मिल चुका है। लेकिन मेरी पहली साइट जो एप्रूव हुई थी वो एक अंग्रेजी साइट थी फिर हिंदी साइट जिस पर अमेरिका से ट्रैफिक अधिक था उस पर भी विज्ञापन दिखाने की अनुमति मिल गई थी। जिससे अच्छी कमाई होनी शुरु हुई।
तो ऐसे बहुत सारे वेबसाइट से जहां पर आप Article/Post लिख सकते हैं। बहुत ऐसे म्यूजिक वेबसाइट से जो बोलते हैं कि म्यूजिक बना कर देते हैं। तो आपको उसके बदले में कुछ पैसे मिलेंगे। ऐसे ही बहुत सारे आपको काम ऑनलाइन में मिल जाते हैं। म्यूजिक बना सकते हैं। किसी के वेबसाइट पर लिख सकते हैं। किसी के लिए वीडियो बना सकते हैं। अगर आपको वेबसाइट बनाना आता है। तो वेबसाइट बनाने का पैसे ले सकते हैं। पैसे आप दूसरों का काम कर सकते हैं। 🙂
समय के साथ-साथ, महिला समूहों ने आत्मविश्वास विकसित की और अधिक धन की बचत शुरू कर दी। स्व-सहायता समूहों को जूट बैग बनाने का प्रशिक्षण दिया गया और जो महिलाएँ सिलाई में निपुण थीं, उन्होंने स्वयं को जूट के बैग बनाने के लिए नियोजित किया। इस उद्यम में, केवीके ने उन्हें डिजाइनर बैग बनाने, ब्लॉक प्रिंटिंग आदि पर प्रशिक्षण प्रदान करके मूल्यवर्धन में मदद की। इस बीच, जिले में पॉलीथिन बैग पर प्रतिबंध के कारण, समूह ने खुद को गैर-बुना पर्यावरण के अनुकूल बैग के उत्पादन में प्रशिक्षित किया, जो उस समय उच्च मांग पर थे। इसलिए, इसने अन्य महिलाओं को भी समूह में शामिल होने और विभिन्न पहलुओं पर काम शुरू करने का रास्ता दिखाया।
सबसे पहले आपको Media.net की वेबसाइट पर जाकर अपनी वेबसाइट, फोन नम्बर और ईमेल पता भरकर इंविटेशन प्राप्त करना होगा। जब आपको इंविटेशन मिल जाए तो अपना सभी जानकारी सही सही भर दें। फिर आपको अकाउंट एप्रूवल मिल जाएगा जिसकी जानकारी आपका अकाउंट मैनेजर आपको देगा। इसके बाद अपनी Media.net पर Login कर सकते हैं। इसके बाद आप नए ऐड यूनिट बनाकर अपनी वेबसाइट थीम के अनुसार ऑप्टिमाइज़ कर सकते हैं और अपने ब्लॉग पर विज्ञापन लगाकर कमाई शुरु कर सकते हैं।
गरीबी के कारण, श्यामा और उनके साथी गाँव की महिलाएँ समूह के लिए 100 रुपए की छोटी राशि का भी योगदान नहीं कर पा रही थीं, जिसके कारण समूह टूट गया। ऐसी स्थिति में प्रत्येक सदस्य समूह से अपने नाम वापस लेने के लिए ब्लॉक अधिकारियों से संपर्क करने लगे। लेकिन, ऐसे समय में केवीके और ब्लॉक के अधिकारियों ने महिला समूहों को सफलतापूर्वक समूह चलाने के महत्त्व के बारे में शिक्षित किया और उनके उत्थान के लिए विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में उन्हें जागरूक किया। इसके बाद, महिला समूहों को उन 5 नियमों का पालन करने के लिए निर्देशित किया गया था जिनमें कहा गया था: साप्ताहिक बैठकें, साप्ताहिक बचत, साप्ताहिक ऋण, सही ऋण वापसी और रिकॉर्ड बनाए रखना। इस तरह के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए, समूह 1 जनवरी, 2014 को एक बार गठित हुआ, जिसमें श्यामा देवी के साथ 25 पुराने और नए सदस्य चुने गए। उनके नेतृत्व में, समूह को आय सृजन गतिविधियों के साथ समूह का कायाकल्प करने के लिए प्रेरित किया गया था।
अगर आपके पैसे है तो दस लोग आपके साथ रहेंगे अगर आपके पास पैसे नहीं है तो मुस्किल है कि कोई आपका साथ दे इसलिए आपके पास पैसा होना बहुत जरुरी है अब बात आती है पैसे कमाने की तो इन्टरनेट से online paise kaise kamaye. जिन लोगो की जॉब होती है तो उन्हें कोई पैसो की दिक्कत नहीं होती है लेकिन लोग पढ़े लिखे होने के बावजूद जॉब नहीं मिल पा रही है तो उनके लिए इन्टरनेट एक बेहतरीन ऑप्शन है जहां आपका कोई बॉस नहीं होता आप अपनी मर्जी के मालिक होते है.

श्यामा देवी अब स्वयं की कोशिश की बदौलत केवीके तथा आरएसईटीआई, शंकरपुर देहरादून से प्रशिक्षित होकर पेशेवर महिला बन गई हैं, क्योंकि वह न केवल अपने समूह की महिलाओं को सिखाती और शिक्षित करती हैं, बल्कि उत्तराखंड के विभिन्न जिलों की महिलाओं को भी सिखाती है। वह ओबीसी, आरएसईटीआई में मास्टर ट्रेनर है। एक सफल गृहिणी से लेकर एक सफल उद्यमी और एक विश्वसनीय परामर्शदाता तक, फतेहपुर गाँव की श्यामा देवी की कहानी एक प्रेरणादायक कहानी है कि कैसे ग्रामीण भारत की महिलाएँ अपने भाग्य को संभाल सकती हैं। श्यामा, एक महिला जो एक समय में अपनी दैनिक जरूरतों और अपने बच्चों की फीस का भुगतान करने में सक्षम नहीं थी, आज एक कार के साथ एक घर की मालकिन है।
उदाहरण के तौर पर जब आप इसी वेबसाइट जैसे makehindi.com को ओपन करते हो तो इस पोस्ट के ऊपर नीचे विज्ञापन लगे होते है जब आप इनके विज्ञापन पर क्लिक करते है तो makehindi.com को इससे पैसे मिलते है. इसी तरह आप भी कर सकते हैं. आप अपनी खुद की वेबसाइट बनाकर उस पर गूगल ऐडसेन्स से विज्ञापन लगवा सकते है और वेबसाइट से पैसे कमा सकते हो. बता दे कि वेबसाइट से करोड़ों लोग करोड़ों रूपये कमा रहे है.
ऑनलाइन वर्क (Online Work) शुरू करने से पहले आपको अपने इंटेरेस्ट के बारे में जानना ज़रूरी है क्युकी बिना इंटेरस्ट के किसी भी काम में सक्सेस नहीं मिल सकती. अगर आपका इंटेरेस्ट राइटिंग में है तो आप फ्रीलांस राइटिंग ट्राइ कर सकते हैं. अगर आपकी मार्केटिंग स्किल अच्छी हैं तो आप अफिलीयेट मार्केटिंग ट्राइ कर सकते हैं और अगर आपको इंटेरेस्ट वीडियो में है तो आप यूटयूब वीडियो बना कर यूटयूब से पैसे कमा सकते हैं (Youtube se paise kama sakte hain).
इंटरनेट से पैसे कमाना चाहते हैं। वह भी ऑनलाइन तो ब्लॉगिंग जो है No-1 पर आता है। यह बहुत अच्छा प्लेटफार्म में बहुत ही जल्दी इसमें अच्छे पैसे कमा सकते हैं। ब्लॉगिंग में क्या करना होता है कि, अगर आपके पास Wrtting Skills है। तो आप अच्छे से इसमें पोस्ट लिखकर अच्छे खासे पैसे कमा सकते हैं। ब्लॉगिंग में अगर पैसे इन्वेस्टमेंट की बात करें तो बहुत कम इन्वेस्ट होता है। और जब पैसे आने लगते हैं। तो काफी अच्छे खासे पैसे आने लगते हैं। 🙂

कड़ी मेहनत और समर्पण के लिए, श्यामा देवी को केवीके, ढकरानी द्वारा राज्यस्तरीय महिला सम्मान पुरुस्कार के लिए नामांकित किया गया, जिसे 5 अक्टूबर, 2018 को जी. बी. पंत कृषि और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर के कुलपति द्वारा उसे देकर सम्मानित किया गया। शानदार काम को प्रदर्शित करने के लिए, समूह को श्रीमती मनीषा पंवार, निदेशक, उत्तराखंड राज्य आजीविका मिशन द्वारा उत्तराखंड हिमान्या सरस मेला में भी सम्मानित किया गया था। इस सफलता के बाद, महिला जागृति समूह ने 14 समान समूहों के साथ ब्लॉक मिशन प्रभाण्डक की मदद से 23 जून, 2018 को जय माता दी, ग्राम संगठन की स्थापना की।
चोकसी ने वर्ष 2010 में नरेंद्र मोदी के गुजरात के सीएम रहने के दौरान अपने पीएचडी की शुरुआत की थी। उन्‍होंने बताया कि शुरुआती दौर में मोदी के सफल नेतृत्‍व को लेकर सवाल पूछे तो 51 फीसदी का जवाब सकारात्‍मक रहा। वहीं 34.25 फीसदी लोगों ने ना में जवाब दिया। इस दौरान 46.75 फीसदी लोगों ने कहा कि नेताओं को ऐसे फैसले लेने चाहिए जिससे लोगों का भला हो। इससे नेताओं की लोकप्रियता बढ़ती है। 

श्यामा ग्राम फतेहपुर, ब्लॉक विकासनगर, जिला देहरादून से संबंध रखती हैं। वह श्री त्रिलोक सिंह की विवाहिता है और एक हाउस-वाइफ (गृहस्वामिनी) है। श्यामा ऐसे गाँव में रहती हैं, जहाँ अशिक्षित होने के अलावा, महिलाओं को अपने पति की अनुमति के बिना अपने घरों से बाहर कदम रखने की भी अनुमति नहीं थी। यही हाल श्यामा का भी था, जिनके पति शराबी होने के कारण परिवार की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए भी पर्याप्त पैसा नहीं कमा पाते थे। अपनी मर्जी से श्री त्रिलोक से शादी करने के कारण, श्यामा का परिवार भी उनकी आर्थिक मदद करने से पीछे हटा रहा। फिर, वह समय आया जब श्री त्रिलोक को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा और उसके परिवार के लिए सब कुछ टूट गया। स्थिति यहाँ तक ​​बिगड़ गई कि उन्हें अपने अस्तित्व के लिए अपना घर भी बेचना पड़ा। यहाँ तक ​​कि उनके बच्चों को स्कूल की फीस का भुगतान न कर पाने के कारण उन्हें स्कूलों से निकाल दिया गया।  
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