ब्लॉगिंग से पैसे कैसे कमाए Blogging se paise kaise kamaye? या फिर ब्लॉग से पैसे कैसे कमाते हैं Blog se kaise paise kamaye. तो इस पोस्ट में हम आपको बताएँगे की आप ब्लॉगिंग से ऑनलाइन कैसे पैसे कमा सकते हो? सबसे पहले ब्लॉगर डॉट कॉम www.blogger.com पर जाए. अपनी ज़िमेल से लोजीन करें. फिर क्रियेट ब्लॉग create blog पर क्लिक करें. अपनी पसंद का डोमेन नाम लिखें और continue करें. फिर अपनी पसंद की टेंपलेट चूज़ करें और फिर सेट्टिंग में जाकर कस्टमाइज़ करें. फिर ब्लॉग पोस्ट (Add post) करें. लगातार ब्लॉग पोस्ट करने से आपके ब्लॉग का ट्रॅफिक भी बढ़ेगा. जब ब्लॉग पूरी तरह कस्टमाइज़ हो जाए और बहुत सारी ब्लॉग पोस्ट हो जाए और अच्छा ट्रॅफिक आने लगे तो आप गूगल एड्सेंस अप्लाइ (Apply Google Adsense) कर सकते हैं. अगर गूगल एड्सेंस अप्रूव्ड (Google Adsense Approved) हो जाए तो फिर आप अपनी ब्लॉग को मोनेटाइज़ (Monetize blog) यानी ब्लॉग में एड लगा सकते हैं. हर बार एड क्लिक होने पर आपको गूगल से पैसे मिलेंगे.
 लेकिन हम बात कर रहे हैं इन वेबसाइट से पैसे कैसे कमाएं? इसीलिए मैं आपको बता दूं, कि ये वेबसाइट आपको अच्छा खासा पैसा कमाने का विकल्प भी देती है.  इन वेबसाइट के द्वारा आप हर वह ऑनलाइन काम कर सकते हो, जो आपको अच्छे से आता हो और जिसकी लोगों को जरूरत हो. बस आपको करना यह कि इन वेबसाइट पर जाकर आपको अपना Service Provider खाता बनाना होता है और इसके बाद आप अपने काम से रिलेटेड Gigg पोस्ट कर सकते हैं.
यदि आपको फोटोग्राफी का शौक है तो आप अपने फोटोग्राफी के शौक को पूरा करने के साथ इससे पैसे भी कमा सकते हो इसके लिए दो अच्छी वेबसाइट FOTOLIA.COM और SHUTTERSTOCK.COM हैं इनमे आप साइनअप करके अपने फोटो को बेच सकते हैं यहाँ पर आप अपने फोटोग्राफी की अच्छी कीमत पा सकते हो. वहीं पेंटिंग की बात करे तो सबसे अच्छा ऑप्शन EBAY.COM है जहां पर रजिस्ट्रेशन करके आप अपने पेंटिंग की अच्छी कीमत पा सकते हो.

यह सिर्फ एक ही नहीं बल्कि कई कारकों का संयोजन है जो इस परिवर्तन को उत्पन्न करने का कारण है। आजकल, शिक्षण अब एक कर्तव्य नहीं, बल्कि पैसा कमाने का स्त्रोत बन गया है। स्कूलों और कॉलेजों के बाद शिक्षक निजी ट्यूशन (शिक्षण) केन्द्र चलाते हैं और ट्यूशन की कक्षाओं में प्रवेश लेने के लिए छात्रों को उकसाते भी हैं। यह सबसे सम्मानित शिक्षक-छात्र संबंधों को भी अपमानित कर रहा है, क्योंकि पैसा हमारे चरित्र को गंदा कर देता है। हम सब पैसे के पीछे भाग रहे हैं इसलिए शिक्षक भी ऐसा ही करते हैं। स्कूलों में उन्हें अच्छा पैसा नहीं दिया जाता है, इसलिए उन्हें ट्यूशन लेने के अतिरिक्त कोई दूसरा विकल्प दिखाई नहीं पड़ता है। इसके साथ ही, ग्रामीण स्कूलों और कुछ शहरी विद्यालयों की बुनियादी सुविधाओं की गुणवत्ता बहुत ही अनैतिक हो गई है। सुविधाओं की कमी इस समस्या को और बढ़ावा दे रही है। इसे रोकने के लिए, शिक्षकों को अच्छा पैसा दिया जाना चाहिए और बुनियादी सुविधाओं की गुणवत्ता में सुधार किया जाना चाहिए या प्रत्येक स्कूल को एक ही स्तर पर लाया जाना चाहिए।


जबकि प्रकाशन उद्योग प्रिंट में भारी हुआ करता था, आप इन दिनों ऑनलाइन ही किताब लिखने, प्रकाशन और मार्केटिंग की पूरी प्रक्रिया को पूरा कर सकते हैं। Create Space जैसी वेबसाइट आपको एक औपचारिक प्रकाशक को शामिल किए बिना प्रिंट करने के लिए आपकी पुस्तक को अपलोड करने देती हैं, और आप अपनी पुस्तक Amazon.com पर भी उपलब्ध कर सकते हैं ताकि लोग इसे वहां से खरीद सकें।


पैसे की जरुरत सभी लोगो को होती है और पैसे कमाने के लिए ही लोग बड़ी-से बड़ी डिग्री और सर्टिफिकेट प्राप्त करते हैं और खूब मेहनत से अपनी पढाई करते हैं | पैसे कमाने के लिए लोग अच्छे-से अच्छे जॉब और बिज़नस करते हैं | लेकिन आज कई ऐसे भी लोग है तो घर बैठे अपना बिज़नस या फुल टाइम, पार्ट टाइम जॉब करके अच्छा –खासा पैसा कमा रहें हैं | हम सभी जानते हैं कि टेक्नोलॉजी काफी तेजी से आगे बढ़ रही है और अब नये-नये विचार के साथ लोग बड़े से बड़ा काम भी मिनटों में कर लेते हैं | अगर आप भी आज के टेक्नोलॉजी के बारे में थोडा -सा भी इसका बेसिक अगर जानते हैं तो आप भी घर बैठे आसानी से पैसे कमा सकते हैं | लेकिन अगर आपको आज के टेक्नोलॉजी और ऑनलाइन कमाई के बारे में बिलकुल भी ज्ञान नही है तो मेरे इस वेबसाइट mysubjectgo.com को थोडा विस्तारपूर्वक और ध्यान से 15 से 20 दिनों तक पढ़िए और इस पर ऑनलाइन के आलावा भी कई और टॉपिक्स है जिनके बारे में आप पढ़ सकते हैं | जब आप थोडा –सा भी यानि ऑनलाइन पैसे कमाने के बारे में ज्ञान हो जाएँ उसके बाद आप ऑनलाइन पैसे कमाने वाले सभी तरीकों को एक-एक करके चेक कीजिये और देखिये कि आपके लिए क्या बेस्ट होगा ? और उसेक बाद वह काम करके आप ऑनलाइन पैसे कमा सकते हैं | वैसे तो ऑनलाइन पैसे कमाने के कई तरीके हैं लेकिन यहाँ हम यूट्यूब से पैसे कमाने के बारे में जानेगें |
समय के साथ-साथ, महिला समूहों ने आत्मविश्वास विकसित की और अधिक धन की बचत शुरू कर दी। स्व-सहायता समूहों को जूट बैग बनाने का प्रशिक्षण दिया गया और जो महिलाएँ सिलाई में निपुण थीं, उन्होंने स्वयं को जूट के बैग बनाने के लिए नियोजित किया। इस उद्यम में, केवीके ने उन्हें डिजाइनर बैग बनाने, ब्लॉक प्रिंटिंग आदि पर प्रशिक्षण प्रदान करके मूल्यवर्धन में मदद की। इस बीच, जिले में पॉलीथिन बैग पर प्रतिबंध के कारण, समूह ने खुद को गैर-बुना पर्यावरण के अनुकूल बैग के उत्पादन में प्रशिक्षित किया, जो उस समय उच्च मांग पर थे। इसलिए, इसने अन्य महिलाओं को भी समूह में शामिल होने और विभिन्न पहलुओं पर काम शुरू करने का रास्ता दिखाया।
ये थे कुछ “Internet se paise kamane ke tarike in Hindi“. आशा करता हूँ आपको घर बैठे इन्टरनेट से ऑनलाइन पैसे कैसे कमाए से related कुछ जानकारी मिल गए होंगे. मैं इसी post में आगे ऐसे बहुत सारे आसान तरीको के बारे में update करता रहूँगा, जिससे आप आसानी से online पैसे कमा सकते हैं. आप चाहे तो इस page को bookmark कर लीजिये और अपना सुझाब निचे comment करना ना भूलें. आपको यह लेख इन्टरनेट से पैसे कैसे कमाए कैसा लगा हमें comment लिखकर जरूर बताएं ताकि हमें भी आपके विचारों से कुछ सीखने और कुछ सुधारने का मोका मिले. मेरे पोस्ट के प्रति अपनी प्रसन्नता और उत्त्सुकता को दर्शाने के लिए कृपया इस पोस्ट को Social Networks जैसे कि Facebook, Google+ और Twitter इत्यादि पर share कीजिये.
एक पारंपरिक भारतीय व्यवस्था में गुरु-शिष्य का रिश्ता एक बहुत ही पवित्र रिश्ता माना जाता था, जहाँ गुरु या शिक्षक अपने छात्रों में, आध्यात्मिक, वैदिक, नैतिक और अकादमिक शिक्षाओं को संचारित करते थे। गुरु शब्द का अर्थ एक अंधेरे में फंसे हुए व्यक्ति को ज्योतिमान करना (गु का अर्थ है, अंधकार और रू का अर्थ प्रकाश) है। संपूर्ण उस समय शिक्षा का उद्देश्य उच्च नैतिक महत्व से संतुलित व्यक्तित्व में तथा अज्ञानता को एक ज्ञानता में बदलना होता था। इसके बदले में छात्र अपने गुरुओं के घर के कार्यों में सहायता करते थे और जो समर्थ होता था वह गुरू दक्षिणा के रूप में धन का भुगतान करता था। यह पारस्परिक संबंध शिक्षक के ज्ञान और छात्र की आज्ञाकारिता पर आधारित था। ऐसे गुरु-शिष्य संबंध में, एक सक्षम गुरु के कंधों पर सब कुछ छोड़ दिया जाता था, जो एक निर्माता के रूप में अभिनय करके, अपने शिष्यों या छात्रों को एक नई आकृति प्रदान करता था।
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