YouTube के बारे में कौन नहिं जानता. फिर भी जानकारी केलिए बता देता हूँ के ये world का 3rd most popular website है, जहाँ हर रोज millions views होते है. जो ये नहिं जानते में उन्हें बताना चाहूँगा के YouTube एक बेहतर जरिया है पैसे कमाने का. Content लिखने को Blogging कहते है और Video के जरिये पैसे कमाने को Vlogging कहते है. Vlogging यानि video blogging. मैंने पहले भी Blogging vs Vlogging के बारे में एक post लिखा था, आप चाहे तो उसे पढ़ सकते हैं. इसमें भी आपके पास दो चीजों का होना बहुत जरुरी है.
यूट्यूब पर पैसा कमाने के लिए कभी भी दिल में ना रखे की युटुब पर आपको ढेर सारा पैसा कमाना है | जिस वीडियोस को बनाकर आपको यूट्यूब पर अपलोड करना है उस वीडियो को बनाते समय खुद मनोरंजन करें जिससे आपको काम करते समय बहुत ज्यादा मजा आएगा | ऐसा करते करते आपका चैनल फेमस होने के साथ-साथ आपके सब्सक्राइब और भी बढ़ेगा जिससे यूट्यूब से ऑनलाइन अर्निंग करना बहुत ही आसान हो जाएगा |
श्यामा ग्राम फतेहपुर, ब्लॉक विकासनगर, जिला देहरादून से संबंध रखती हैं। वह श्री त्रिलोक सिंह की विवाहिता है और एक हाउस-वाइफ (गृहस्वामिनी) है। श्यामा ऐसे गाँव में रहती हैं, जहाँ अशिक्षित होने के अलावा, महिलाओं को अपने पति की अनुमति के बिना अपने घरों से बाहर कदम रखने की भी अनुमति नहीं थी। यही हाल श्यामा का भी था, जिनके पति शराबी होने के कारण परिवार की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए भी पर्याप्त पैसा नहीं कमा पाते थे। अपनी मर्जी से श्री त्रिलोक से शादी करने के कारण, श्यामा का परिवार भी उनकी आर्थिक मदद करने से पीछे हटा रहा। फिर, वह समय आया जब श्री त्रिलोक को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा और उसके परिवार के लिए सब कुछ टूट गया। स्थिति यहाँ तक ​​बिगड़ गई कि उन्हें अपने अस्तित्व के लिए अपना घर भी बेचना पड़ा। यहाँ तक ​​कि उनके बच्चों को स्कूल की फीस का भुगतान न कर पाने के कारण उन्हें स्कूलों से निकाल दिया गया।  

गरीबी के कारण, श्यामा और उनके साथी गाँव की महिलाएँ समूह के लिए 100 रुपए की छोटी राशि का भी योगदान नहीं कर पा रही थीं, जिसके कारण समूह टूट गया। ऐसी स्थिति में प्रत्येक सदस्य समूह से अपने नाम वापस लेने के लिए ब्लॉक अधिकारियों से संपर्क करने लगे। लेकिन, ऐसे समय में केवीके और ब्लॉक के अधिकारियों ने महिला समूहों को सफलतापूर्वक समूह चलाने के महत्त्व के बारे में शिक्षित किया और उनके उत्थान के लिए विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में उन्हें जागरूक किया। इसके बाद, महिला समूहों को उन 5 नियमों का पालन करने के लिए निर्देशित किया गया था जिनमें कहा गया था: साप्ताहिक बैठकें, साप्ताहिक बचत, साप्ताहिक ऋण, सही ऋण वापसी और रिकॉर्ड बनाए रखना। इस तरह के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए, समूह 1 जनवरी, 2014 को एक बार गठित हुआ, जिसमें श्यामा देवी के साथ 25 पुराने और नए सदस्य चुने गए। उनके नेतृत्व में, समूह को आय सृजन गतिविधियों के साथ समूह का कायाकल्प करने के लिए प्रेरित किया गया था।
एफिलिएट मार्केटिंग से पैसे कमाने के तरीके बहुत ज्यादा अच्छा है. जिससे आप अपने घर बैठे पैसे कमा सकते हैं. इसके अलावा एफिलिएट मार्केटिंग में यदि आप ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट से एफिलिएट नहीं लेना चाहते हैं, तो आप एक ही वेबसाइट से बहुत सारे ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइटों का एफिलिएट  ले सकते हैं. कुलिंक एक ऐसा ही वेबसाइट है, जो आपको एफिलिएट मार्केटिंग का बहुत सारे ऑप्शंस देता है. कुलिंक आपको ढेर सारी अपडेट्स डेली भेजते रहते हैं.

  Marketing और Advertising के लिए आप social media का सहारा ले सकते हैं क्योंकि आज का खाली समय में लोग social media पर ही  बिताते हैं और कुछ लोग तो अपने काम के समय भी social media पर लगे रहते हैं और अगर आप सोशल मीडिया का फायदा उठाना चाहते हैं तो आप बहुत ही अच्छी तरीके से उठा सकते हैं इसके लिए आपको सोशल मीडिया में थोड़ा  समय बिताना होगा और आप लोगों को अपने ऑनलाइन सर्विस के बारे में बता सकते हैं और अगर आपका सर्विस पसंद आया तो उसे ले सकते हैं जिससे आपको दो तरह के फायदे होंगे पहला फायदा यह होगा कि आपका service sell हो जाएगा | [caption id="attachment_102" align="aligncenter" width="448"]                 Product promote best social media platform[/caption] दूसरा फायदा यह है आपको online market में लोग जानने लगेंगे और आपका sell increase होता जाएगा और आप एक अच्छे online service provider के रूप में जाने जाएंगे लेकिन आपको हमेशा यह बात ध्यान में रखना है कि आप जो भी service provide कर रहे हैं | वहां लोगों के लिए Helpful और trusted  हो ऐसा ना की आप लोगों को बेवकूफ बना रहे हैं तो आप थोड़े समय के लिए पैसे कमा सकते हैं लेकिन आपको लंबे समय के लिए सफल नहीं हो पाएंगे इसलिए आप ध्यान में रखिए कि आप हमेशा ऐसा service provide करें जिससे लोगों की मदद हो सके |  

बातचीत का अभाव, स्वार्थी उद्देश्य और लाभ, ये सभी शिक्षक-छात्र संबंधों के हिस्से में नहीं होते हैं, क्योंकि ये संबंध स्वार्थी हितों से अलग होते हैं। इन सभी के लिए कोई अवधि नहीं होती है। लेकिन कुछ दिन पहले, मैंने एक समाचार पत्र पढ़ा था जिसमें मैंने जो कुछ भी सोचा था वह उसके विपरीत ही था। ठाकुर विद्या मंदिर विद्यालय के एक प्रधानाचार्य और शिक्षक ने अपने पूर्व छात्रों को अपनी पत्नी की हत्या के लिए 50, 000 रुपये दिए। प्राधानाचार्य अपनी पत्नी को मारना चाहते थे, क्योंकि उनकी पत्नी ने उन पर उसी स्कूल की महिला छात्रों के साथ संबंध रखने के लिए संदेह किया था। उन छात्रों ने उनकी पत्नी को मार दिया और उनका शव फेंकने से पहले उसके शरीर को टुकड़ों में काट दिया था। जिसने निर्दयता की सीमा को पार कर दिया। नैतिक महत्व और मानकों में भी गिरावट आ गयी है, इस कारण अच्छे संबंध भी अप्रभावित नहीं टिक पा रहे हैं। हमें ऐसे शिक्षकों के बारे में विचार करना होगा, जो नैतिक मान्यता को स्थापित करने की बजाय इस तरह के अनैतिक संबंधों और ऐसे कुकर्मों को करते हैं। शिक्षकों और छात्रों के बारे में इस तरह की अधिक से अधिक खबरें आ रही हैं, हमें इस तथ्य से सहमत होना होगा कि शिक्षा का नैतिक मूल्य से कोई लेना देना नहीं है और इस तथ्य को भी सुनिश्चित करना होगा कि शिक्षक-छात्र संबंध की परिभाषा बदल रही है या बिगड़ रही है।
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