हेलो दोस्तों, मेरा नाम एस. के. सिन्हा है. मुझे ऑनलाइन डिजिटल मार्केटिंग तथा कर्रेंट न्यूज़ के बारे में पढ़ना और लोगो को बताना पसंद है. किसी नॉलेज का सबसे अच्छा इस्तेमाल यही है की उसे सीखो और दुसरो तक पंहुचा दो. हम यह यही करेंगे. अब जैसे जैसे इंटरनेट का इस्तेमाल बढ़ रहा है वैसे ही इंडिया भी डिजिटल होता जा रहा है. तो हम भी कुछ सीखेंगे कुछ सिखाएगे, इंडिया को थोड़ा और डिजिटल तथा युवाओ को ससकत बनायगे.
YouTube के बारे में कौन नहिं जानता. फिर भी जानकारी केलिए बता देता हूँ के ये world का 3rd most popular website है, जहाँ हर रोज millions views होते है. जो ये नहिं जानते में उन्हें बताना चाहूँगा के YouTube एक बेहतर जरिया है पैसे कमाने का. Content लिखने को Blogging कहते है और Video के जरिये पैसे कमाने को Vlogging कहते है. Vlogging यानि video blogging. मैंने पहले भी Blogging vs Vlogging के बारे में एक post लिखा था, आप चाहे तो उसे पढ़ सकते हैं. इसमें भी आपके पास दो चीजों का होना बहुत जरुरी है.
बातचीत का अभाव, स्वार्थी उद्देश्य और लाभ, ये सभी शिक्षक-छात्र संबंधों के हिस्से में नहीं होते हैं, क्योंकि ये संबंध स्वार्थी हितों से अलग होते हैं। इन सभी के लिए कोई अवधि नहीं होती है। लेकिन कुछ दिन पहले, मैंने एक समाचार पत्र पढ़ा था जिसमें मैंने जो कुछ भी सोचा था वह उसके विपरीत ही था। ठाकुर विद्या मंदिर विद्यालय के एक प्रधानाचार्य और शिक्षक ने अपने पूर्व छात्रों को अपनी पत्नी की हत्या के लिए 50, 000 रुपये दिए। प्राधानाचार्य अपनी पत्नी को मारना चाहते थे, क्योंकि उनकी पत्नी ने उन पर उसी स्कूल की महिला छात्रों के साथ संबंध रखने के लिए संदेह किया था। उन छात्रों ने उनकी पत्नी को मार दिया और उनका शव फेंकने से पहले उसके शरीर को टुकड़ों में काट दिया था। जिसने निर्दयता की सीमा को पार कर दिया। नैतिक महत्व और मानकों में भी गिरावट आ गयी है, इस कारण अच्छे संबंध भी अप्रभावित नहीं टिक पा रहे हैं। हमें ऐसे शिक्षकों के बारे में विचार करना होगा, जो नैतिक मान्यता को स्थापित करने की बजाय इस तरह के अनैतिक संबंधों और ऐसे कुकर्मों को करते हैं। शिक्षकों और छात्रों के बारे में इस तरह की अधिक से अधिक खबरें आ रही हैं, हमें इस तथ्य से सहमत होना होगा कि शिक्षा का नैतिक मूल्य से कोई लेना देना नहीं है और इस तथ्य को भी सुनिश्चित करना होगा कि शिक्षक-छात्र संबंध की परिभाषा बदल रही है या बिगड़ रही है।
ऑनलाइन सामान बेचना – अगर आप किसी प्रोडक्ट को बनाने में महारत रखते हैं और आपको सिर्फ ऐसे प्लेटफार्म की जरुरत है जहाँ आपके प्रोडक्ट को लाखों लोग देख सके और खरीद सके तो इसके लिए आप ई-कॉमर्स वेबसाइट पर ऑनलाइन सेलर के रूप में अपने प्रोडक्ट्स बेच सकते हैं। ऐसा करने पर आप बिना खर्च के, लाखों लोगों तक अपने प्रोडक्ट्स की पहुँच बना पाएंगे और अपने प्रोडक्ट्स को ऑनलाइन बेचकर काफी अच्छा पैसा कमा सकेंगे।
हर कोई चाहता है पैसे कमाना. इसीलिए लोग Google में हर रोज ये search करते रहते है के, “ऑनलाइन पैसे कैसे कमाए“, “गूगल से पैसे कैसे कमाए“, “इंटरनेट से पैसे कैसे कमाए“, etc. लोगो को पैसे इसीलिए चाहिए, ताकि उनसे वो अपनी ज़रुरतो को पूरी कर सके. उम्र बढ़ने के साथ साथ एक ज़िम्मेदारी भी आ जाता है और अगर आप अभी से पैसे कमाने के तरीके के बारे में जान लेते है तो आपका तो चांदी ही चांदी है. लोग बहुत तरीको से पैसे कमाते है, जैसे job करके, अपने खुद का business start करके, या फिर online से. आप ये सोच रहे होंगे के How to make money Online? क्या ये सम्भब है, या फिर में मजाक कर रहा हूँ.
मैंने आपको पहले से ही इसके बारे में थोडा knowledge दे दिया है, अब details में जाते हैं. हर कोई seller अपने product को online sell करने में success हासिल कर नहिं पाता. इसीलिए वो affiliate marketing के जरिये अपना selling करता है. मान लीजिये आपका एक कपडे का दुकान है, पर आप उसके अच्छा sell नहिं कर पा रहें. तो आप किसीको बोलेंगे के, अगर वो आपके कपडे sell करने में मदद करता है तो आप उसे हर sell में इतनी percent का commission देंगे. येही होता है affiliate marketing.
लेकिन आज का परिदृश्य अब पहले की तरह नहीं रहा। यह पूरी तरह से बदल गया है। स्कूल जा रहे बच्चों के साथ, छेड़छाड़ और बलात्कार जैसे मामले और अन्य स्कूल संबंधी अपराधों के कई आत्मघाती मामले स्पष्ट रूप से दर्शा रहे हैं कि बहुत कुछ बदल चुका है। अगर हम समाचार पत्रों की हेडलाइंसों को देखते हैं तो हमें इस प्रकार की कई सुर्खियां दिखाई पड़ती हैं। चेन्नई में एक 10 वीं कक्षा की छात्रा ने शिक्षक द्वारा पिटाई और निर्वस्त्र होने से क्षुब्ध होकर आत्महत्या कर ली थी। दिल्ली में एक शिक्षक द्वारा एक छात्र पर डस्टर फेंकने के कारण उस छात्र ने अपनी आँखे खो दीं थीं और हाल यह हो गया है कि छात्र भी अपने शिक्षकों को नहीं छोड़ते। अपने शिक्षकों को मारने वाले छात्रों की खबरों को भी पूरे भारत में सुना गया है। कुछ अमीर छात्र बहुत ही अक्खड़ होते हैं और वे पैसों के घमंड़ में आकर अपने शिक्षकों का सम्मान भी नहीं करते हैं तथा अपने गुरू की बात पर ध्यान भी नहीं देते, कि वे क्या कह रहे हैं।
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