श्यामा देवी अब स्वयं की कोशिश की बदौलत केवीके तथा आरएसईटीआई, शंकरपुर देहरादून से प्रशिक्षित होकर पेशेवर महिला बन गई हैं, क्योंकि वह न केवल अपने समूह की महिलाओं को सिखाती और शिक्षित करती हैं, बल्कि उत्तराखंड के विभिन्न जिलों की महिलाओं को भी सिखाती है। वह ओबीसी, आरएसईटीआई में मास्टर ट्रेनर है। एक सफल गृहिणी से लेकर एक सफल उद्यमी और एक विश्वसनीय परामर्शदाता तक, फतेहपुर गाँव की श्यामा देवी की कहानी एक प्रेरणादायक कहानी है कि कैसे ग्रामीण भारत की महिलाएँ अपने भाग्य को संभाल सकती हैं। श्यामा, एक महिला जो एक समय में अपनी दैनिक जरूरतों और अपने बच्चों की फीस का भुगतान करने में सक्षम नहीं थी, आज एक कार के साथ एक घर की मालकिन है।
इंटरनेट में आपको ऐसे बहुत सारे वेबसाइट मिल जाएंगे। जहां लोग अपना ऑनलाइन कोर्स लेते हैं। Udemy एक बेहतर प्लेटफॉर्म है आपके नॉलेज को शेयर करने का। यहां रजिस्टर करके आप अपने कंपलीट कोर्स वीडियो और डाक्यूमेंट्स के जरिए अपलोड कर सकते हैं। फिर आपको उस कोर्स की एक Price सेट करना पड़ेगा। जो कोई भी आप का कोर्स लेना चाहेगा वह Udemy के जरिए पेमेंट करके जब और जहां चाहे उसे पढ़ पाएंगे। Udemy कुछ कमीशन रख कर आपको आपका पेमेंट आपके बैंक में दे देता है। 🙂
बच्चे अपने शिक्षकों के साथ एक दिन में 6-7 घंटे बिताते हैं। इस समय के दौरान, शिक्षक बच्चों को न केवल शिक्षा और ज्ञान देते हैं, बल्कि ऐसा व्यक्ति बनाते हैं, जो नैतिक महत्व को स्थापित करे। जोकि विद्यार्थियों द्वारा गृहण किया जाता है। अधिकांश छात्र अपने शिक्षकों को अपना आदर्श मानते हैं। शिक्षक वह है जो अपने छात्रों को एक स्वरूप प्रदान करता है। शिक्षक शब्द अपमान के बदले सम्मान की भावना को प्रकट करता है। वर्तमान-दिनों के शिक्षक-छात्र संबंध को भी प्राचीन भारत के गुरु-शिष्य संबंध की तरह बनाने के लिए हर तरह के प्रयास किए जाने चाहिए।
अपने सपनों को साकार करने और जीवन में वित्तीय स्थिरता और स्वतंत्रता के महत्त्व के बारे में महिलाओं को शिक्षित करने के लिए के लिए श्यामा ने लगातार चार महीनों तक कई बैठकें कीं। श्यामा देवी द्वारा किए गए कभी न खत्म होने वाले प्रयासों के परिणामस्वरूप फतेहपुर गाँव की 10 महिला सदस्यों के साथ महिला जागृति समूह 19 सितंबर, 2012 को अपने आधिकारिक रूप में सामने आई। समूह का उद्देश्य था कि गाँव की महिलाएँ अपनी आजीविका के लिए कुछ पैसा कमाएँ। इसने महिला समूहों को बचत के रूप में 100 रुपए प्रति माह की राशि का योगदान दिया।
इन नियमों के आधार पर यूट्यूब आपको आसानी से पैसा दे सकता है | ऐसा करते करते आपके चैनल पर लोग ज्यादा से ज्यादा विजिट करने लगेंगे, और ज्यादा से ज्यादा एडवरटाइजिंग देखेंगे जिससे आपका इंकम आसानी से शुरू हो जाएगा | जब आपका चैनल यूट्यूब के सारे टर्म एंड कंडीशन पूरे करता है और आपके चैनल का इनकम $१० पूरा हो जाता है तब गूगल ऐडसेंस आपके रजिस्टर एड्रेस पर एक लेटर भेजता है |
एक पारंपरिक भारतीय व्यवस्था में गुरु-शिष्य का रिश्ता एक बहुत ही पवित्र रिश्ता माना जाता था, जहाँ गुरु या शिक्षक अपने छात्रों में, आध्यात्मिक, वैदिक, नैतिक और अकादमिक शिक्षाओं को संचारित करते थे। गुरु शब्द का अर्थ एक अंधेरे में फंसे हुए व्यक्ति को ज्योतिमान करना (गु का अर्थ है, अंधकार और रू का अर्थ प्रकाश) है। संपूर्ण उस समय शिक्षा का उद्देश्य उच्च नैतिक महत्व से संतुलित व्यक्तित्व में तथा अज्ञानता को एक ज्ञानता में बदलना होता था। इसके बदले में छात्र अपने गुरुओं के घर के कार्यों में सहायता करते थे और जो समर्थ होता था वह गुरू दक्षिणा के रूप में धन का भुगतान करता था। यह पारस्परिक संबंध शिक्षक के ज्ञान और छात्र की आज्ञाकारिता पर आधारित था। ऐसे गुरु-शिष्य संबंध में, एक सक्षम गुरु के कंधों पर सब कुछ छोड़ दिया जाता था, जो एक निर्माता के रूप में अभिनय करके, अपने शिष्यों या छात्रों को एक नई आकृति प्रदान करता था।
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