सबसे पहले हमें, YouTube पर channel बनाना पड़ेगा. और फिर उसमे खुदके विडियो upload करने पड़ेंगे. याद रहे, वो विडियो तुम्हारे ही होने चाहिये. नहीं तो हमें copyright strike मिलेगा. और फिर हमें हमारे videos को monetize करके adsense से connect करना पड़ेगा. जिस्से हमारे विडियो पर विज्ञापन नजर आएगा. और जब भी कोई व्यक्ति इंसान, विडियो देखते समय ads पर click करेगा. हमे पैसे मिलेंगे.
श्यामा ग्राम फतेहपुर, ब्लॉक विकासनगर, जिला देहरादून से संबंध रखती हैं। वह श्री त्रिलोक सिंह की विवाहिता है और एक हाउस-वाइफ (गृहस्वामिनी) है। श्यामा ऐसे गाँव में रहती हैं, जहाँ अशिक्षित होने के अलावा, महिलाओं को अपने पति की अनुमति के बिना अपने घरों से बाहर कदम रखने की भी अनुमति नहीं थी। यही हाल श्यामा का भी था, जिनके पति शराबी होने के कारण परिवार की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए भी पर्याप्त पैसा नहीं कमा पाते थे। अपनी मर्जी से श्री त्रिलोक से शादी करने के कारण, श्यामा का परिवार भी उनकी आर्थिक मदद करने से पीछे हटा रहा। फिर, वह समय आया जब श्री त्रिलोक को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा और उसके परिवार के लिए सब कुछ टूट गया। स्थिति यहाँ तक ​​बिगड़ गई कि उन्हें अपने अस्तित्व के लिए अपना घर भी बेचना पड़ा। यहाँ तक ​​कि उनके बच्चों को स्कूल की फीस का भुगतान न कर पाने के कारण उन्हें स्कूलों से निकाल दिया गया।  

Affiliate Marketing सुरु करने केलिए आपको कोई invest करने की जरुरत नहिं है. आप अपना पहला selling e-commerce sites जैसे Flipkart और Amazon से सुरु कर सकते है. उनके affiliate program में join करने के बाद आपको हर product का एक affiliate link मिलेगा. जो किओ भी user उस link से वो product खरीदेगा, आपको उसकी कुछ percent commission मिलेगा. आप ये link अपने blog, video, social media और email से share कर सकते हैं.
भारत में बहुत लोग बेरोजगार है जिनमे बहुत तो ऐसे है जिन्हें अच्छी पढाई करने के बावजूद भी जॉब नहीं मिल पाती है लेकिन उन लोगो के लिए इन्टरनेट एक बेहतरीन जगह है जहां पैसे कमाने की कोई लिमिट नहीं है अगर आपको इन्टरनेट का थोड़ा बहुत नोलेज है तो भी आप इन्टरनेट से पैसे कमा सकते हैं. यहाँ पर सबसे बड़ी बात ये है की किसी काम के लिए आपसे आपकी कोई पढाई या डिग्री का प्रूफ नहीं माँगा जाता है.
हेलो दोस्तों, मेरा नाम एस. के. सिन्हा है. मुझे ऑनलाइन डिजिटल मार्केटिंग तथा कर्रेंट न्यूज़ के बारे में पढ़ना और लोगो को बताना पसंद है. किसी नॉलेज का सबसे अच्छा इस्तेमाल यही है की उसे सीखो और दुसरो तक पंहुचा दो. हम यह यही करेंगे. अब जैसे जैसे इंटरनेट का इस्तेमाल बढ़ रहा है वैसे ही इंडिया भी डिजिटल होता जा रहा है. तो हम भी कुछ सीखेंगे कुछ सिखाएगे, इंडिया को थोड़ा और डिजिटल तथा युवाओ को ससकत बनायगे.
अपने सपनों को साकार करने और जीवन में वित्तीय स्थिरता और स्वतंत्रता के महत्त्व के बारे में महिलाओं को शिक्षित करने के लिए के लिए श्यामा ने लगातार चार महीनों तक कई बैठकें कीं। श्यामा देवी द्वारा किए गए कभी न खत्म होने वाले प्रयासों के परिणामस्वरूप फतेहपुर गाँव की 10 महिला सदस्यों के साथ महिला जागृति समूह 19 सितंबर, 2012 को अपने आधिकारिक रूप में सामने आई। समूह का उद्देश्य था कि गाँव की महिलाएँ अपनी आजीविका के लिए कुछ पैसा कमाएँ। इसने महिला समूहों को बचत के रूप में 100 रुपए प्रति माह की राशि का योगदान दिया।
हम उदाहरण के तौर पर समझना चाहेंगे जैसे कि आप एक दुकान खोल दे और उसमें आप जो समान sell  करते हैं customer उसके बारे में जाने तो इसमें आपका दुकान कभी grow नहीं कर पायेगा और आप सोचेंगे कि हम तो इतने अच्छे सामान बेचते हैं फिर भी customer  नहीं आते हैं यहां पर आपका सोचना सही है लेकिन आप को यह भी समझना होगा की आपने जो shop लगाया है उसके बारे में जानेंगे तभी तो आपके दुकान पर आएंगे तो इसके लिए आपको आपके दुकान के  सामने जो भी आप सामान बेचते हैं उसका आप poster लगाएं तथा आप इसके लिए marketing तथा advertising कर सकते हैं |   परिणाम स्वरुप यह सब करने के बाद आपके दुकान के बारे में जानने लगेंगे और आपका sell increase  होता जाएगा और आप अच्छे पैसे कमाने लगेंगे ठीक उसी प्रकार हम online money बनाने के लिए कुछ start  किए हैं तो उसके बारे में लोगों को पता चलेगा तो ही तो आप जो लोगों को जो service देना चाहते हैं उसे वह देखेंगे, समझे और अगर आपका service  पसंद आएगा तो उसे खरीद सकते हैं|  
केवीके ने महिला समूहों को सरकार की विभिन्न विकासात्मक योजनाओं जैसे कि टेक होम राशन आदि के बारे में जागरूक करने में मदद की। समूह भी राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के साथ जुड़ गया और अपने भविष्य के प्रयासों के लिए 1,00,000 रुपये की राशि प्राप्त की। अब समूह के सदस्यों ने विभिन्न आँगनबाड़ियों की आपूर्ति के लिए घर पर राशन की पैकेजिंग का काम शुरू कर दिया। एक सफल महिला के रूप में, श्यामा ने अन्य महिलाओं को प्रेरित किया और फलों और सब्जियों के संरक्षण जैसे अन्य क्षेत्रों पर काम करना शुरू किया। आज समूह का वार्षिक कारोबार 1,14,00,000.00 रुपये जबकि एक समूह के सदस्यों की कुल वार्षिक बचत लगभग 2,40,00.00 रुपये है। इसने उन्हें न केवल आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाया, बल्कि समाज की अन्य कमजोर गरीब महिलाओं के लिए भी संवेदनशील बनाया।

अभी सबसे महत्वपूर्ण सवाल. website से पैसे कैसे कमाते है. तो देखिये, दोस्तों! सबसे पहले इस बात को जनलो. दुनिया में जितने भी websites है. उनका कमाने का मुख्य तरीका विज्ञापान ही है. हमें खुदका blog बनाने के उसपर ad लगाने पड़ेंगे. Ads के लिये, google adsense को apply करना पड़ता है. जो की online advertisement कंपनी है. जब हमारी application approval होती है. तब जाके हमारे site पर विज्ञापन show होते है. और जब कोई विजिटर हमारे website को visit करके, show होने वाले ad पर click करता है. तो हमें per click पैसे मिलते है.
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URL Shortener का मतलब होता है किसी भी URL को short या छोटा कर देना. अब आप सोच रहे होंगे की URL को short करने की क्या जरुरत है और इससे पैसे कैसे कमाया जा सकता है. वैसे आपका सोचना भी बिलकुल ही जायज है. तब इसका जवाब है की लम्बे और बड़े URL किसी को भी पसंद नहीं होते हैं. ऐसे में अगर आप किसी के साथ कोई Link share करना भी चाहें तब भी आपको बड़े URL से जरुर घृणा होगी. ऐसे में URL Shortener बहुत ही ज्यादा काम आते हैं.
जैसा की मैंने आपको बताया की Roz dhan एक Android Application है, इसलिए आपको सबसे पहले Google play store में जाना होगा और वहाँ  Search करना होगा Roz dhan उसके बाद जो एप्प सबसे पहले नंबर पर आएगी अपने उसको इनस्टॉल कर देना है।  मैं आपको बता दूँ की आजकल fake app भी बहुत सारी हैं। इसलिए मैं  Original Roz dhan App का Download link आपको नीचे दे देता हूँ ताकि आप गलत application download न कर लें।
लेकिन आज का परिदृश्य अब पहले की तरह नहीं रहा। यह पूरी तरह से बदल गया है। स्कूल जा रहे बच्चों के साथ, छेड़छाड़ और बलात्कार जैसे मामले और अन्य स्कूल संबंधी अपराधों के कई आत्मघाती मामले स्पष्ट रूप से दर्शा रहे हैं कि बहुत कुछ बदल चुका है। अगर हम समाचार पत्रों की हेडलाइंसों को देखते हैं तो हमें इस प्रकार की कई सुर्खियां दिखाई पड़ती हैं। चेन्नई में एक 10 वीं कक्षा की छात्रा ने शिक्षक द्वारा पिटाई और निर्वस्त्र होने से क्षुब्ध होकर आत्महत्या कर ली थी। दिल्ली में एक शिक्षक द्वारा एक छात्र पर डस्टर फेंकने के कारण उस छात्र ने अपनी आँखे खो दीं थीं और हाल यह हो गया है कि छात्र भी अपने शिक्षकों को नहीं छोड़ते। अपने शिक्षकों को मारने वाले छात्रों की खबरों को भी पूरे भारत में सुना गया है। कुछ अमीर छात्र बहुत ही अक्खड़ होते हैं और वे पैसों के घमंड़ में आकर अपने शिक्षकों का सम्मान भी नहीं करते हैं तथा अपने गुरू की बात पर ध्यान भी नहीं देते, कि वे क्या कह रहे हैं।
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