हाइ ट्रॅफिक वाले शब्दों (Keywords) का चयन करें और उनमें ब्लॉग पोस्ट लिखें फिर हर एक ब्लॉग पोस्ट को Social Media Platform जैसे Facebook, Twitter, Google पर Promote Share और promote करें इससे आपके ब्लॉग में ट्रॅफिक बढ़ेगा और आपका revenue भी बढ़ेगा. आप अपने ब्लॉग में कई अफिलीयेट मार्केटिंग कंपनियों के अफिलीयेट लिंक लगा कर उनके प्रॉडक्ट्स प्रमोट कर सकते हैं. भारत मेी कई टॉप अफिलीयेट कंपनीज़ Top ­Affiliate Companies in India हैं जिनमें Amazon Shopping, Godaddy, Flipkart, Makemytrip, Yatra, Hostgator Hosting, Ebay, Bluehost Hosting, , Ebay Shopping etc. इन कंपनीज़ के लिए आप अफिलीयेटिंग मार्केटिंग  कर सकते है और ऑनलाइन पैसे कमा सकते हैं Affilaite marketing se paise kamaye
कड़ी मेहनत और समर्पण के लिए, श्यामा देवी को केवीके, ढकरानी द्वारा राज्यस्तरीय महिला सम्मान पुरुस्कार के लिए नामांकित किया गया, जिसे 5 अक्टूबर, 2018 को जी. बी. पंत कृषि और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर के कुलपति द्वारा उसे देकर सम्मानित किया गया। शानदार काम को प्रदर्शित करने के लिए, समूह को श्रीमती मनीषा पंवार, निदेशक, उत्तराखंड राज्य आजीविका मिशन द्वारा उत्तराखंड हिमान्या सरस मेला में भी सम्मानित किया गया था। इस सफलता के बाद, महिला जागृति समूह ने 14 समान समूहों के साथ ब्लॉक मिशन प्रभाण्डक की मदद से 23 जून, 2018 को जय माता दी, ग्राम संगठन की स्थापना की।
एफिलिएट मार्केटिंग – अमेज़न और फ्लिपकार्ट जैसी लगभग हर ई-कॉमर्स कंपनी अपना एफिलिएटेड प्रोग्राम चलाती है। एफिलिएट मार्केटिंग में अपने ब्लॉग, वेबसाइट जैसे ऑनलाइन स्थानों पर विभिन्न प्रकार के प्रोडक्ट्स को प्रमोट करना होता है। ऐसा करने के बाद, जब भी कोई यूजर आपके द्वारा प्रमोट किये गए लिंक पर क्लिक करके कोई प्रोडक्ट खरीदता है तो उस प्रोडक्ट के मूल्य का कुछ प्रतिशत आपको कमीशन के रूप में मिल जाता है|
एक पारंपरिक भारतीय व्यवस्था में गुरु-शिष्य का रिश्ता एक बहुत ही पवित्र रिश्ता माना जाता था, जहाँ गुरु या शिक्षक अपने छात्रों में, आध्यात्मिक, वैदिक, नैतिक और अकादमिक शिक्षाओं को संचारित करते थे। गुरु शब्द का अर्थ एक अंधेरे में फंसे हुए व्यक्ति को ज्योतिमान करना (गु का अर्थ है, अंधकार और रू का अर्थ प्रकाश) है। संपूर्ण उस समय शिक्षा का उद्देश्य उच्च नैतिक महत्व से संतुलित व्यक्तित्व में तथा अज्ञानता को एक ज्ञानता में बदलना होता था। इसके बदले में छात्र अपने गुरुओं के घर के कार्यों में सहायता करते थे और जो समर्थ होता था वह गुरू दक्षिणा के रूप में धन का भुगतान करता था। यह पारस्परिक संबंध शिक्षक के ज्ञान और छात्र की आज्ञाकारिता पर आधारित था। ऐसे गुरु-शिष्य संबंध में, एक सक्षम गुरु के कंधों पर सब कुछ छोड़ दिया जाता था, जो एक निर्माता के रूप में अभिनय करके, अपने शिष्यों या छात्रों को एक नई आकृति प्रदान करता था।
Affiliate Marketing सुरु करने केलिए आपको कोई invest करने की जरुरत नहिं है. आप अपना पहला selling e-commerce sites जैसे Flipkart और Amazon से सुरु कर सकते है. उनके affiliate program में join करने के बाद आपको हर product का एक affiliate link मिलेगा. जो किओ भी user उस link से वो product खरीदेगा, आपको उसकी कुछ percent commission मिलेगा. आप ये link अपने blog, video, social media और email से share कर सकते हैं.
अगर आपके पैसे है तो दस लोग आपके साथ रहेंगे अगर आपके पास पैसे नहीं है तो मुस्किल है कि कोई आपका साथ दे इसलिए आपके पास पैसा होना बहुत जरुरी है अब बात आती है पैसे कमाने की तो इन्टरनेट से online paise kaise kamaye. जिन लोगो की जॉब होती है तो उन्हें कोई पैसो की दिक्कत नहीं होती है लेकिन लोग पढ़े लिखे होने के बावजूद जॉब नहीं मिल पा रही है तो उनके लिए इन्टरनेट एक बेहतरीन ऑप्शन है जहां आपका कोई बॉस नहीं होता आप अपनी मर्जी के मालिक होते है.
क्या आपने कभी सोचा है की आप जितना समय social media में देते हैं और उतना समय आप ऑनलाइन काम करके अच्छा पैसा कमा सकते हैं. अब आप यही रहे है ना की इंटरनेट से पैसा कैसे कमाए (Internet se paise kaise kamaye) वो भी बिना पैसे खर्च किए हुए? अगर आप सोच रहे हैं की इंटरनेट से पैसे कैसे कमाते है (Internet se paise kaise kamate hain)? और बिना इनवेस्टमेंट के कैसे ऑनलाइन पैसे कमाए (Online paise kaise kamaye) तो हमारी या पोस्ट आपके लिए बहुत informative शाबित होगी.
आज के ज़माने में affiliate marketing कमाई करने का सबसे popular तरीका बन गया है. आप सोच रहे होंगे. आखिर affiliate marketing हे क्या? वो तो इस link के माध्याम से समझ सकते है. फिर भी अगर किसी e-commerce website को उसके product बेचने में help करना. जैसे amazon, flipkart, snapdeal etc. प्रोडक्ट्स बेचने में help करना और बदलेमे उनसे commission लेना. इसी पूरी process को affiliate marketing कहते है.
Ind vs SL Live ScoreiPhone 11Monalisa Sexy VideoRailway Budget 2019Aadhaar Card for NRIAgriculture Budget 2019Nokia SmartphonesBudget Highlights 2014-19Redmi Note 7 ProIncome Tax SlabRedmi K20 ProNirmala Sitharaman SpeechWeight LossIndia Budget 2019Budget For WomenEducation Budget 2019Aam Budget 2019 HighlightsRajasthan BSTC Results 2019Budget 2019 For Income TaxBudget On Electric VehiclesITR Filing Last DateDelhi Fire TodayIBPS RRB 2019 RegistartionRRB Paramedical Admit CardOppo K3RRB NTPC 2019 EligibilityIndia Cricket Schedule 2019Sexy PhotosIndia Budget 2019 SamacharSunny Leone Hot PhotosBudget 2019-20Aaj Ka RashifalBejan Daruwallaसरकारी रिजल्ट्सShare BazarRashifal 2019Tech News in HindiHindi News LiveLucknow NewsLive Cricket ScoreMumbai NewsPunjab NewsKashmir NewsUP NewsBihar NewsTV News in HindiMovie News in HindiSports News in HindiJokes in HindiHindi Samachar
केवीके ने महिला समूहों को सरकार की विभिन्न विकासात्मक योजनाओं जैसे कि टेक होम राशन आदि के बारे में जागरूक करने में मदद की। समूह भी राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के साथ जुड़ गया और अपने भविष्य के प्रयासों के लिए 1,00,000 रुपये की राशि प्राप्त की। अब समूह के सदस्यों ने विभिन्न आँगनबाड़ियों की आपूर्ति के लिए घर पर राशन की पैकेजिंग का काम शुरू कर दिया। एक सफल महिला के रूप में, श्यामा ने अन्य महिलाओं को प्रेरित किया और फलों और सब्जियों के संरक्षण जैसे अन्य क्षेत्रों पर काम करना शुरू किया। आज समूह का वार्षिक कारोबार 1,14,00,000.00 रुपये जबकि एक समूह के सदस्यों की कुल वार्षिक बचत लगभग 2,40,00.00 रुपये है। इसने उन्हें न केवल आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाया, बल्कि समाज की अन्य कमजोर गरीब महिलाओं के लिए भी संवेदनशील बनाया।
यह सिर्फ एक ही नहीं बल्कि कई कारकों का संयोजन है जो इस परिवर्तन को उत्पन्न करने का कारण है। आजकल, शिक्षण अब एक कर्तव्य नहीं, बल्कि पैसा कमाने का स्त्रोत बन गया है। स्कूलों और कॉलेजों के बाद शिक्षक निजी ट्यूशन (शिक्षण) केन्द्र चलाते हैं और ट्यूशन की कक्षाओं में प्रवेश लेने के लिए छात्रों को उकसाते भी हैं। यह सबसे सम्मानित शिक्षक-छात्र संबंधों को भी अपमानित कर रहा है, क्योंकि पैसा हमारे चरित्र को गंदा कर देता है। हम सब पैसे के पीछे भाग रहे हैं इसलिए शिक्षक भी ऐसा ही करते हैं। स्कूलों में उन्हें अच्छा पैसा नहीं दिया जाता है, इसलिए उन्हें ट्यूशन लेने के अतिरिक्त कोई दूसरा विकल्प दिखाई नहीं पड़ता है। इसके साथ ही, ग्रामीण स्कूलों और कुछ शहरी विद्यालयों की बुनियादी सुविधाओं की गुणवत्ता बहुत ही अनैतिक हो गई है। सुविधाओं की कमी इस समस्या को और बढ़ावा दे रही है। इसे रोकने के लिए, शिक्षकों को अच्छा पैसा दिया जाना चाहिए और बुनियादी सुविधाओं की गुणवत्ता में सुधार किया जाना चाहिए या प्रत्येक स्कूल को एक ही स्तर पर लाया जाना चाहिए।
×